जन-जागरण म‌न के हारे हार है मन के जीते जीत

म‌न के हारे हार है मन के जीते जीत

मानव शरीर को ईश्वर की सर्वोत्तम कृति माना गया है|पौराणिक कथाओं और हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार चौरासी लाख योनियों से गुज़रने के बाद…

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सार्थक पहल पुराने वर्ष को जरूर विदा करें ,मगर अपनी बुराइयों के साथ

पुराने वर्ष को जरूर विदा करें ,मगर अपनी बुराइयों के साथ

डॉ. दीपक आचार्य पूरी दुनिया साल भर बाद आज फिर पुराने वर्ष को विदा देने के लिए जबर्दस्त उतावली और आतुर है। इसी दौड़ में…

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जन-जागरण महिलाओं को ही करने होंगे खुद के सम्मान के प्रयास

महिलाओं को ही करने होंगे खुद के सम्मान के प्रयास

बी.पी.गौतम सृष्टि का विस्तार हुआ, तो पहले स्त्री आई और बाद में पुरुष। सर्वाधिक सम्मान देने का अवसर आया, तो मां के रूप में एक…

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विविधा मुबारक हो नया साल

मुबारक हो नया साल

परमजीत कौर कलेर स्पैशल 1 जनवरी 2013 हर दिन की तरह है वही सवेरा है वहीं सुबह है लेकिन आज का दिन खास है …क्यों…

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टॉप स्टोरी बदलाव की आँधी (दामिनी को समर्पित)

बदलाव की आँधी (दामिनी को समर्पित)

अवधेश पाण्डेय बदन हमारा करके, दरिंदो के हवाले, वे चैन से बैठे हैं, हम गुस्सा भी न करें.   इन जख्मों पर मरहम, उसकी हैसियत…

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राजनीति कहां गांधी-पटेल और कहां भाई नरेन्द्र मोदी

कहां गांधी-पटेल और कहां भाई नरेन्द्र मोदी

तनवीर जाफ़री प्रचलित कहावत है- जो दिखता है वह बिकता है। परंतु लगता है व्यवसाय व राजनीति के मध्य रिश्ते प्रगाढ़ होने के साथ -साथ…

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खेल जगत खेल जगत की खट्टी-मीठी यादों के साथ बिदा हुआ 2012

खेल जगत की खट्टी-मीठी यादों के साथ बिदा हुआ 2012

देवेन्द्र शर्मा साल 2012 अलविदा कह रहा है और नया साल 2013 शुरू होने ही वाला है। साल 2012 भारत के लिए खेल के लिहाज…

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विविधा 25 करोड़ बनाम एक अरब

25 करोड़ बनाम एक अरब

`राकेश कुमार आर्य 1857 की क्रांति के पश्चात अंग्रेजों ने भारत के लिए 1858 का भारत शासन अधिनियम लागू किया। इसके बाद 1861 में भारत…

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विविधा “रेप कैपिटल” में बैठे सियासी नुमाइंदों – ख़तरा है, संभल जाओ  !

“रेप कैपिटल” में बैठे सियासी नुमाइंदों – ख़तरा है, संभल जाओ !

…..लीक से हटकर हिन्दुस्तान के नीति-नियंताओं का दावा है कि — दुनिया में भारतवर्ष एक बढ़ती हुई आर्थिक ताक़त है ! एक ऐसी ताक़त…जिसको नज़रंदाज़…

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कविताएं-लोहा एवं चिड़ियाघर

  चुम्बक के छर्रे से खेलता बच्चा तपाक से पूछता है – कहाँ-कहाँ है लोहा ? माँ कहती हर तरफ लोहा ! चिमटा छेनी हथौड़ा…

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कविताएं-राष्ट्रगान एवं चप्पल से लिपटी चाहतें

राष्ट्रगान जहां प्यार करने के लिए दिल होने से ज्यादा गुंडा होना ज़रूरी है | जहां ‘सत्य’ शब्द का इस्तेमाल केवल अर्थी ले जाने पर…

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राजनीति तारों को सुलझानें नहीं उलझानें आयें थे रहमान मलिक

तारों को सुलझानें नहीं उलझानें आयें थे रहमान मलिक

पाकिस्तानी गृह मंत्री क्यों और क्या बोले बाबरी विध्वंस पर? भारत पाकिस्तान के साथ अपनें सम्बन्धों को जिस प्रकार अपनी छलनी पीठ पर ढो रहा…

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