प्रादेशिक पार्टिंयों का सामर्थ्य और राष्ट्रीय एकात्मता
Updated: December 19, 2012
मा. गो. वैद्य ‘लोकमत’के संपादक, मेरे मित्र, श्री सुरेश द्वादशीवार ने ‘प्रादेशिक पार्टिंयों का सामर्थ्य राष्ट्रीय एकात्मता के लिए प्रश्नचिह्न साबित होगा?’ ऐसा प्रश्न चर्चा…
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बड़ा दिन यानी भीष्म पितामह का निर्वाण पर्व
Updated: December 19, 2012
महाभारत का युद्घ संसार का प्राचीन काल का विश्व युद्घ था। इस युद्घ को कुछ लोगों ने भारतीय इतिहास को अंधकारमयी सिद्घ करने के लिए…
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पदोन्नति में आरक्षण
Updated: December 19, 2012
विपिन किशोर सिन्हा कोई भी व्यक्ति या संस्था अगर सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना करती है, तो पूरे देश में एकसाथ बवाल मच जाता है, लेकिन…
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मजबूत बैंकिंग व्यवस्था के बिना नकद सब्सिडी योजना संभव नहीं
Updated: December 18, 2012
सतीश सिंह सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को खत्म करके नकद सब्सिडी योजना को लागू करना चाहती है। इस योजना के तहत सरकार गरीबी रेखा…
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जापानी भाषा कैसे सक्षम बनी ?–डॉ. मधुसूदन
Updated: December 18, 2012
ॐ –जापानी भाषा कैसे विकसी ? ॐ –जापान को देवनागरी की सहायता. ॐ —जापानी, हमारी भाषा से कमज़ोर थी. ॐ —अनुवाद करो या बरखास्त हो…
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भ्रष्टाचारी पति की पत्नी को भी मिली सजा
Updated: December 18, 2012
सीबीआई विशेष न्यायालय का अनूठा फैसला प्रमोद भार्गव दिल्ली की सीबीआई अदालत ने भ्रष्टाचार के मामले में अनूठा फैसला सुनाकर दण्ड का भय कायम करने…
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कठघरे में सीबीआई की साख
Updated: December 18, 2012
डॉ. आशीष वशिष्ठ देश की प्रमुख जांच एजेंसियों में शुमार सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन अर्थात सीबीआई का प्रयोग राजनीतिक हित साधने और विरोधियों को औकात…
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कहां जांयें हम
Updated: December 15, 2012
भालू चीता शेर सियार सब, रहने आये शहर में| बोले’अब तो सभी रहेंगे, यहीं आपके घर में|’ तरुवर सारे काट लिये हैं , नहीं…
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पुसंवाद को कितना डिस्टर्ब करता है स्त्रीवादी सोच – सारदा बनर्जी
Updated: December 17, 2012
क्या वजह है कि कोई स्त्री लेखिका जब पितृसत्ताक समाज के पुंसवादी रवैये की आलोचना करती हैं तो उन्हें पुरुषों की कटुक्ति का सामना करना…
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मेरी दृष्टि में ‘शांतिनिकेतन’ – सारदा बनर्जी
Updated: December 17, 2012
यदि रवीन्द्रनाथ को जानना, समझना और अनुभव करना हो तो ‘शांतिनिकेतन’ सबसे उत्तम स्थान है। रवीन्द्रनाथ जिस विश्व-शांति का उद्घोष शांतिनिकेतन की प्रतिष्ठा द्वारा करना…
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हाथी और चूहा
Updated: December 17, 2012
दो चूहों को बीच सड़क पर, मिल गये हाथी दादा| एक चूहा दूजे से बोला, क्या है भाई इरादा? कई दिनों से हाथ सुस्त हैं,…
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हमारी माँ अगर होती
Updated: December 15, 2012
हमारी माँ अगर होती, हमारे साथ में पापा| फटकने दुख नहीं देती ,हमारे पास में पापा|| सुबह उठकर हमें वह दूध ,हँस हँस कर…
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