कब तक दरियादिली…
Updated: August 20, 2012
कपिल बी. लोमियो पूर्वोत्तर की आग अब चारों ओर फैल चुकी है। बैंगलोर और दक्षिणी राज्यों से पूर्वोत्तर के लोगों का पलायन जारी है। इससे…
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पहियों पर चलता जैवविविधता
Updated: August 20, 2012
नवनीत कुमार गुप्ता हमारी जीवनदायी धरती जीवन के रंग-बिरंगे रूपों से सजी है। भांति-भांति के पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं की उपस्थिति धरती को जीवनमय बनाए हुए…
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संकट में है उत्तराखंड के वन्य प्राणियों का अस्तित्व
Updated: August 20, 2012
दिनेश पंत प्रकृति का कहर एक बार फिर उत्तराखंड पर टूटा है। बादल फटने की घटना ने राज्य को भारी क्षति पहुंचाई है। राज्य के…
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कहां ओझल हो गई विस्थापित महिलाएं
Updated: August 20, 2012
आलोका यूं तो विस्थापन पूरे विश्व विशेषकर एशिया की व्यापक समस्या है। भारत में भी इसकी जड़ें कम गहरी नहीं है। भारत के लोग विस्थापन…
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जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी जरूरी
Updated: August 20, 2012
मुकेश कुमार हाल ही में बिहार सरकार ने उन लोगों को नोटिस भेजने का फैसला किया है जो इंदिरा आवास योजना का लाभ लेने के…
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शिक्षा के ढांचा में सुधार की आवश्यकता
Updated: August 20, 2012
योगेश कुमार कुलदीप पिछले दिनों केंद्रीय सलाहाकार परिषद की उपसमिति की बैठक में विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने केंद्र से ठोस शिक्षा नीति तैयार…
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विदेशों में जमा कालाधन की वापसी के यह स्वयंभू पैरोकार
Updated: August 20, 2012
तनवीर जाफ़री अन्ना हज़ारे व उनके सहयोगियों द्वारा छेड़े गए जनलोकपाल विधेयक संबंधी आंदोलन की ही तरह बाबा रामदेव द्वारा विदेशों में जमा काला धन…
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व्यंग्य बाण : बातों और वायदों का ओलम्पिक
Updated: August 20, 2012
विजय कुमार शर्मा जी बचपन से ही खेलकूद में रुचि रखते हैं। यद्यपि उन्होंने आज तक किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया। इसलिए पुरस्कार जीतने…
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व्यंग्य:अबके पूरे छह हजार!
Updated: August 18, 2012
हालांकि उनके आजकल रमजान के रोजे चले हैं। बंदे हैं कि दिनभर पानी भी नहीं लेते तो नहीं लेते। अच्छी बात है, इसी बहाने हमारे…
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ईमानदारों पर भौंकते और गुर्राते हैं कुत्ते
Updated: August 18, 2012
डॉ. दीपक आचार्य कलियुग में ईमानदारों पर भौंकते और गुर्राते हैं कुत्ते वह जमाना अब चला गया जब त्रेता युग में कुत्ते भी मनुष्य की…
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फकीर राजाओं का भी राजा हो जाता है
Updated: August 18, 2012
रामस्वरूप रावतसरे एक रात्रि को आकाश में घनघोर बादल छाये हुए थे, रूक रूक कर बिजली कडक रही थी । एक वृद्ध खिडकी के पास…
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केवल अर्थव्यवस्था ही देश की रीढ़ नहीं ?
Updated: August 18, 2012
प्रमोद भार्गव संदर्भ :- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का भाषण – प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह द्वारा देश की आजादी की 66वीं सालगिरह पर…
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