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कब तक दरियादिली…

कपिल बी. लोमियो पूर्वोत्तर की आग अब चारों ओर फैल चुकी है। बैंगलोर और दक्षिणी राज्यों से पूर्वोत्तर के लोगों का पलायन जारी है। इससे…

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विविधा पहियों पर चलता जैवविविधता

पहियों पर चलता जैवविविधता

नवनीत कुमार गुप्ता हमारी जीवनदायी धरती जीवन के रंग-बिरंगे रूपों से सजी है। भांति-भांति के पेड़-पौधे और जीव-जंतुओं की उपस्थिति धरती को जीवनमय बनाए हुए…

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पर्यावरण संकट में है उत्तराखंड के वन्य प्राणियों का अस्तित्व

संकट में है उत्तराखंड के वन्य प्राणियों का अस्तित्व

दिनेश पंत प्रकृति का कहर एक बार फिर उत्तराखंड पर टूटा है। बादल फटने की घटना ने राज्य को भारी क्षति पहुंचाई है। राज्य के…

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महिला-जगत कहां ओझल हो गई विस्थापित महिलाएं

कहां ओझल हो गई विस्थापित महिलाएं

आलोका यूं तो विस्थापन पूरे विश्‍व विशेषकर एशिया की व्यापक समस्या है। भारत में भी इसकी जड़ें कम गहरी नहीं है। भारत के लोग विस्थापन…

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विविधा जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी जरूरी

जमीनी स्तर पर योजनाओं की निगरानी जरूरी

मुकेश कुमार हाल ही में बिहार सरकार ने उन लोगों को नोटिस भेजने का फैसला किया है जो इंदिरा आवास योजना का लाभ लेने के…

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विविधा शिक्षा के ढांचा में सुधार की आवश्यकता

शिक्षा के ढांचा में सुधार की आवश्यकता

योगेश कुमार कुलदीप पिछले दिनों केंद्रीय सलाहाकार परिषद की उपसमिति की बैठक में विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों ने केंद्र से ठोस शिक्षा नीति तैयार…

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विविधा विदेशों में जमा कालाधन की वापसी के यह स्वयंभू पैरोकार

विदेशों में जमा कालाधन की वापसी के यह स्वयंभू पैरोकार

तनवीर जाफ़री अन्ना हज़ारे व उनके सहयोगियों द्वारा छेड़े गए जनलोकपाल विधेयक संबंधी आंदोलन की ही तरह बाबा रामदेव द्वारा विदेशों में जमा काला धन…

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व्यंग्य व्यंग्य बाण : बातों और वायदों का ओलम्पिक

व्यंग्य बाण : बातों और वायदों का ओलम्पिक

विजय कुमार  शर्मा जी बचपन से ही खेलकूद में रुचि रखते हैं। यद्यपि उन्होंने आज तक किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया। इसलिए पुरस्कार जीतने…

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व्यंग्य व्यंग्य:अबके पूरे छह हजार!

व्यंग्य:अबके पूरे छह हजार!

हालांकि उनके आजकल रमजान के रोजे चले हैं। बंदे हैं कि दिनभर पानी भी नहीं लेते तो नहीं लेते। अच्छी बात है, इसी बहाने हमारे…

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व्यंग्य ईमानदारों पर भौंकते और गुर्राते हैं कुत्ते

ईमानदारों पर भौंकते और गुर्राते हैं कुत्ते

डॉ. दीपक आचार्य कलियुग में ईमानदारों पर भौंकते और गुर्राते हैं कुत्ते वह जमाना अब चला गया जब त्रेता युग में कुत्ते भी मनुष्य की…

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धर्म-अध्यात्म फकीर राजाओं का भी राजा हो जाता है

फकीर राजाओं का भी राजा हो जाता है

रामस्वरूप रावतसरे एक रात्रि को आकाश में घनघोर बादल छाये हुए थे, रूक रूक कर बिजली कडक रही थी । एक वृद्ध खिडकी के पास…

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राजनीति केवल अर्थव्यवस्था ही देश की रीढ़ नहीं ?

केवल अर्थव्यवस्था ही देश की रीढ़ नहीं ?

प्रमोद भार्गव संदर्भ :- स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का भाषण – प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह द्वारा देश की आजादी की 66वीं सालगिरह पर…

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