व्यंग्य राहुल बाबा..आप खुद समझदार हैं!

राहुल बाबा..आप खुद समझदार हैं!

एकदम सच कहते हो राहुल बाबा! शादी, बोले तो एकदम झमेला। शादी करेंगा तो बीबी, बच्चों की रिस्पांसबिलिटी तो लेना का होता| अब अपने अखिलेश…

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शख्सियत राष्ट्रपिता बनाम राष्ट्रपितामह – स्वामी दयानंद

राष्ट्रपिता बनाम राष्ट्रपितामह – स्वामी दयानंद

महाशिवरात्रि के पावन पर्व का सम्बन्ध उस महापुरुष ( स्वामी दयानंद सरस्वती ) से भी है जिसने लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व के मृतप्राय भारत…

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राजनीति मोदी बनाम गुमनाम का पीएम कुर्सी वार

मोदी बनाम गुमनाम का पीएम कुर्सी वार

हालिया भाजपा की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति ने पीएम कुर्सी द्वंद्व के बादल और भी गहरे कर दिये हैं। बहुत समय…

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कविता मेरी जीवन रामायण में

मेरी जीवन रामायण में

मनोज नौटियाल मेरी जीवन रामायण में एक अकेला मै वनवासी मै ही रावण मै ही राघव द्वन्द भरी लंका का वासी कभी अयोध्या निर्मित करने…

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राजनीति मोदी को मुद्दे की तलाश

मोदी को मुद्दे की तलाश

 डॉ. वेदप्रताप वैदिक प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा भाजपा अभी करे या न करे, उसके दिल्ली अधिवेशन ने मोदी के…

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आर्थिकी निजीकरण की ओर रेलवे

निजीकरण की ओर रेलवे

प्रमोद भार्गव   पिछले एक दशक के भीतर,आए रेल बजटों में यह रेल बजट न केवल कमजोर है,बलिक जनता में हताशा,अविश्वास और आक्रोश पैदा करने…

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व्यंग्य डुबकी नहीं लगानी क्या?

डुबकी नहीं लगानी क्या?

अषोक गौतम कुंभ स्नान के लिए पार्वती प्रभु से बारबार आग्रह कर रही थीं पर प्रभु थे कि कोर्इ न कोर्इ बहाना बना पार्वती की…

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राजनीति सबसे आगे मोदी

सबसे आगे मोदी

प्रमोद भार्गव भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक तरह से सर्वसम्मति से तय हो गया कि प्रधानमंत्री की दौड़ में नरेन्द्र मोदी सबसे…

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राजनीति भारत में समाजवाद और आर्थिक-सामाजिक न्याय का सपना

भारत में समाजवाद और आर्थिक-सामाजिक न्याय का सपना

 ब्रिटिश सरकार ने भारत के देशी उद्योग धंधों को नष्ट कर दिया था| कच्चा माल ब्रिटेन जाता था और बदले में तैयार माल आता था|…

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विविधा आओ समझें: हिन्दी अक्षरों का वैज्ञानिक स्वरूप-4

आओ समझें: हिन्दी अक्षरों का वैज्ञानिक स्वरूप-4

गतांक से आगे…. ‘ध’ धकार को दकार का विपरीतार्थक माना गया है। दकार में यदि देना ही देना है तो इसमें लेना ही लेना है…

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कविता मैं

मैं

मैं चुप रहता हूँ कुछ भी काम नहीं करता सिर्फ सपने बुनता हूँ अकेला दौड़ता रहता हूँ धूल भरी मेड़ों पर ।   मैं खो…

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कविता चाय

चाय

नींद खुलते ही चाय जो मिल जाय, पूरा दिन अच्छा ही अच्छा जाय। नाश्ते के साथ भी चाय ज़रूरी है, चाय के बिना कहानी ही…

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