समाज धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन: खुशहाल जीवन का अजेय दुश्मन

धूम्रपान एवं तम्बाकू सेवन: खुशहाल जीवन का अजेय दुश्मन

 राजेश कश्यप धूम्रपान का सेवन करना, स्पष्टतः जीवन को नरक से भी बदत्तर बनाना है। इससे आर्थिक, शारीरिक और सामाजिक आदि हर स्तर पर नुकसान…

Read more
आर्थिकी मंहगार्इ को लेकर भारत बंद के संदर्भ में

मंहगार्इ को लेकर भारत बंद के संदर्भ में

प्रमोद भार्गव विदेशी निवेश को आमंत्रित करती मंहगार्इ मंहगार्इ के परिप्रेक्ष्य में भारत बंद कमोवेश पूरे देश में सफल रहा। राजग व बामदलों समेत अनेक…

Read more
कविता कविता:अस्तित्व का खतरा-मोतीलाल

कविता:अस्तित्व का खतरा-मोतीलाल

मै दरअसल हर चीज के प्रति दिल से उठती चीख की तरह हमेशा से किनारा करता गया इसलिए खुद ही अपनी दीवार को अस्तित्व के…

Read more
आर्थिकी जनता अधीर, वाहन सुख में हैं वजीर !

जनता अधीर, वाहन सुख में हैं वजीर !

वीरभान सिंह तेल का खेल और सरकारी आंकडे़बाजी वीरभान सिंह तेल के खेल में सरकारी आंकडों की बाजागरी में फंसी जनता मंहगाई की मार से…

Read more
राजनीति क्यो मुँह छुपा रही सपा, बसपा निकाय चुनाव से

क्यो मुँह छुपा रही सपा, बसपा निकाय चुनाव से

शादाब जफर‘‘शादाब’’ करीब छः माह से राजनीतिक दावपेंच और कानूनी लडाई के शिकार उत्तर प्रदेश निकाय चुनावो की घोषणा अतंतः 25 मई को हो ही…

Read more
कार्टून कार्टून: मनमोहन सिंह– गोपाल गोयल

कार्टून: मनमोहन सिंह– गोपाल गोयल

Read more
चिंतन जहाँ काँटे वहाँ कलह-कुटिलता जहाँ हरियाली वहाँ प्रेम-सुगंध

जहाँ काँटे वहाँ कलह-कुटिलता जहाँ हरियाली वहाँ प्रेम-सुगंध

डॉ. दीपक आचार्य परिवेश का व्यक्ति और समुदाय पर खूब फर्क पड़ता है। परिवेश की हवाएँ और स्थितियाँ हर किसी को प्रभावित करती रहती हैं।…

Read more
राजनीति नपुंसक विरोध

नपुंसक विरोध

श्यामल सुमन केन्द्र सरकार का तुगलकी – फरमान एकाएक २३-०५-२०१२ को पेट्रोल की कीमत ७-५४ रुपये पैसे प्रति लीटर बढ़ा दी गयी। देश के हर…

Read more
आर्थिकी भारतीय चिकित्सा क्षेत्र को कलंकित करते यह ‘धन लोभी’

भारतीय चिकित्सा क्षेत्र को कलंकित करते यह ‘धन लोभी’

निर्मल रानी टेलीविज़न पर प्रसारित होने वाले तमाम टीवी सीरियल व रियलिटी शो किसी न किसी कारणवश लोकप्रियता की अपनी तमाम हदों को पार कर…

Read more
राजनीति ओम थानवी और माध्यम निरक्षरता

ओम थानवी और माध्यम निरक्षरता

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी ओम थानवी साहब बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। मैं कभी उनसे नहीं मिला हूँ। लेकिन उनके लिखे को इज्जत के साथ पढ़ता रहा हूँ।…

Read more
परिचर्चा परिचर्चा : ‘वैचारिक छुआछूत’

परिचर्चा : ‘वैचारिक छुआछूत’

भारत नीति प्रतिष्ठान एक शोध संस्‍थान है। इसके मानद निदेशक हैं दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय में प्राध्‍यापक श्री राकेश सिन्‍हा। श्री सिन्‍हा राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ से जुड़े…

Read more
महत्वपूर्ण लेख कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और असफलता-३

कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और असफलता-३

विपिन किशोर सिन्हा कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और विफलता-१ कम्युनिज्म का अन्तर्द्वन्द्व, विरोधाभास और असफलता-२ परिवार के संबंध में भी कम्यून्स का प्रयोग प्रत्येक कम्युनिस्ट…

Read more