आर्थिकी 60 साल की संसद, सड़ता अनाज और भूखे लोग

60 साल की संसद, सड़ता अनाज और भूखे लोग

हिमकर श्याम भारतीय संसद 60 साल की हो गयी है। हमारे पास गर्व करने के लिए बहुत कुछ है तो भविष्य को लेकर चिंताएं भी…

Read more
मीडिया असली हीरो आप तो फास्ट ट्रेक कोर्ट आमिर के कहने पर क्यों?

असली हीरो आप तो फास्ट ट्रेक कोर्ट आमिर के कहने पर क्यों?

तेजवानी गिरधर राजस्थान के चिकित्सा राज्य मंत्री डा. राजकुमार शर्मा को तकलीफ है कि भूण हत्या के मामले में जागरूकता की क्रेडिट फिल्म अभिनेता आमिर…

Read more
जरूर पढ़ें भारत को कैसे मिले अब तक के अपने राष्ट्रपति

भारत को कैसे मिले अब तक के अपने राष्ट्रपति

– राकेश कुमार आर्य रायसीना हिल्स पर बना राष्ट्रपति भवन गणतांत्रिक भारत के हर ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना है। आजादी से पूर्व इसे वायसरीगल…

Read more
धर्म-अध्यात्म हिन्दुत्व और विश्व बंधुत्व : विपिन किशोर सिन्हा

हिन्दुत्व और विश्व बंधुत्व : विपिन किशोर सिन्हा

वेदान्त का सर्वविदित सूत्र है – एकं सद विप्रा बहुधा वदन्ति – एक ही सत्य विद्वान अनेक तरह से कहते हैं। बाइबिल में भी सत्य…

Read more
लेख सम्बद्धता क्या है?

सम्बद्धता क्या है?

– राकेश कुमार आर्य किसी मान्यता, सिद्धांत, वस्तु व्यक्ति आदि के प्रति सहज रूप में बिना किसी बाहरी दबाव के आपका जुड़ जाना उसके प्रति…

Read more
कार्टून कार्टून : भ्रष्टाचार – गोपाल गोयल

कार्टून : भ्रष्टाचार – गोपाल गोयल

Read more
गजल गज़ल:रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता– सत्येंद्र गुप्ता

गज़ल:रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता– सत्येंद्र गुप्ता

रिश्तों में प्यार का व्यापार नहीं होता तराजू से तौलकर भी तो प्यार नहीं होता। दिल की ज़ागीर को मैं कैसे लुटा दूं हर कोई…

Read more
कविता कविता:अपने ही कमरे मेँ– मोतीलाल

कविता:अपने ही कमरे मेँ– मोतीलाल

एक विस्मृत जर्जर कमरे मेँ मै गिर जाता हूँ और गुजरता हूँ नम तंतुओँ के बीच से नष्ट हो चुकी चीजोँ के बीच जैसे मवेशियाँ…

Read more
चिंतन बद् दुआएँ न लें,ये ही करती हैं बरबाद

बद् दुआएँ न लें,ये ही करती हैं बरबाद

 डॉ. दीपक आचार्य दुआओं का जितना असर होता है उससे कहीं ज्यादा असर होता है बद् दुआओं का। क्योंकि दुआएँ देते वक्त प्रसन्नता का भाव…

Read more
समाज जननी तेरी जय है।

जननी तेरी जय है।

राजेश कश्यप ‘‘माँ !’’ यह वो अलौकिक शब्द है, जिसके स्मरण मात्र से ही रोम-रोम पुलकित हो उठता है, हृदय में भावनाओं का अनहद ज्वार…

Read more
समाज मॉ की ममता, मां का ऑचल जींस और टॉप में गायब हो गया ……..

मॉ की ममता, मां का ऑचल जींस और टॉप में गायब हो गया ……..

शादाब जफर ‘‘शादाब’’ दुनिया ने आज भले ही चाहे कितनी तरक्की कर ली हो, पर हम लोगो द्वारा स्थापित दिखावे की तैयार की गई इस…

Read more
कविता Default Post Thumbnail

कविता-श्यामल सुमन

श्यामल सुमन सेवा है साहित्य सुमन व्यापार नहीं लेखन में प्रतिबंध मुझे स्वीकार नहीं प्रायोजित रचना से कोई प्यार नहीं   बच के रहना साहित्यिक…

Read more