कविता शरद ऋतु

शरद ऋतु

हर सिगार के फूल झड़े हैं, मौसम ने करवट बदली है। शरद ऋतु आने वाली है, फूलों ने संदेशा भेजा है। ख़ुशबूदार पवन का झोंका,…

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व्यंग्य लुंगी पर एक शोध प्रबंध-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

लुंगी पर एक शोध प्रबंध-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

प्रस्तुत अंश देश के होनहार एवं प्रगतिशील विचारधारा वाले समाज शास्त्र के एक पी. एच. डी. के एक छात्र द्वारा प्रेषित शोध प्रबंध से लिया…

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आर्थिकी एक था लोकतंत्र और एक थी कांग्रेस !

एक था लोकतंत्र और एक थी कांग्रेस !

एफडीआई के अजगर से कैसै बच पाएगा भारत ? संजय द्विवेदी एक था लोकतंत्र और एक थी कांग्रेस। इस कांग्रेस ने अंग्रेजों द्वारा बनाए गए…

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पर्यावरण हिमालय की दुर्दशा से पर्यावरण संकट में

हिमालय की दुर्दशा से पर्यावरण संकट में

दिनेश पंत इस वर्ष देश में उम्मीद से कम और अनियमित वर्षा ने ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे की चिंता को बढ़ा दिया है। विकास…

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विविधा विकास के नाम पर गरीब आदिवासियों का शोषण बंद होना चाहिए

विकास के नाम पर गरीब आदिवासियों का शोषण बंद होना चाहिए

अमरेन्द्र सुमन मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के केंद्र सरकार के फैसले पर स्वागत और आलोचनाओं का जबरदस्त दौर जारी है।…

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राजनीति दो उपलब्धियां, एक अपेक्षा / लालकृष्ण आडवाणी

दो उपलब्धियां, एक अपेक्षा / लालकृष्ण आडवाणी

सन् 1992 में, प्रसिध्द अमेरिकी राजनीतिक विज्ञानी फ्रांसिस फ्युकुयमा ने एक पुस्तक लिखी थी ”दि एण्ड ऑफ हिस्ट्री एण्ड दि लास्ट मैंन”। फ्युकुयमा का तर्क…

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विविधा नोट्स आधारित पढ़ाई के खतरे / सारदा बनर्जी

नोट्स आधारित पढ़ाई के खतरे / सारदा बनर्जी

आज भारत में उच्च-शिक्षा के क्षेत्र में युवा-वर्ग में स्वायत्त पढ़ाई की अपेक्षा ‘नोट्स’ आधारित पढ़ाई बेहद प्रचलन में है। कॉलेज और विश्वविद्यालय से जुड़े…

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व्यंग्य प्यारी दीदी, सॉरी दीदी, मान जाओ!

प्यारी दीदी, सॉरी दीदी, मान जाओ!

अशोक गौतम अरी ओ ममता दीदी! तुमने तो हद कर दी! हमें औरों से तो ये उम्मीद थी पर कम से कम तुमसे ये उम्मीद…

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राजनीति नेताजी चले पीएम बनने…………….

नेताजी चले पीएम बनने…………….

हर्षवर्धन पान्डे दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है । भारतीय राजनीती के सन्दर्भ में यह कथन परोक्ष रूप से फिट बैठता है। लखनऊ…

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बच्चों का पन्ना वफादारी का पुरस्कार-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

वफादारी का पुरस्कार-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

लाला पीतांबरलाल धरमपुरा रियासत के दीवान थे|पचास गांव की इस छोटी सी रियासत के राजा शिवपालसिंह एक कर्तव्य निष्ठ दयालु और प्रजा के हित में…

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पर्यावरण तबाही की पूर्व सूचना है नलकूप क्रांति

तबाही की पूर्व सूचना है नलकूप क्रांति

प्रमोद भार्गव हमारे देश में बीते चौसठ सालों के भीतर जिस तेजी से कृत्रिम, भौतिक और उपभोक्तावादी संस्कृति को बढावा देने वाली वस्तुओं का उत्पादन…

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कविता साधना

साधना

आज मेरी साधना के फूल धरती पर खिले हैं। ये न मुरझायें कभी ये न कुम्हलायें कभी, इनके साथ, मेरे सभी सपने जुड़े हैं। मोती…

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