आलोचना रानी को कौन कहे कि अग्गा ढक

रानी को कौन कहे कि अग्गा ढक

एल.आर.गाँधी महामहिम अपनी २३वी विदेश यात्रा के साथ अपनी अंतिम घुमक्कड़ जिज्ञ्यासा पूरी कर लेंगी और इसके साथ ही राष्ट्राध्यक्षों में सबसे अधिक विदेश यात्रु…

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विधि-कानून दुनिया के मेहनतकशों एक हो…

दुनिया के मेहनतकशों एक हो…

श्रीराम तिवारी सर्वहारा वर्ग ,मेहनतकश वर्ग,मजदूर-किसान,संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूर-कर्मचारी ,केंद्र-राज्य सरकारों के कर्मचारी,सार्वजनिक उपक्रमों और निजी क्षेत्र के मजदूर कर्मचारी तथा देश के…

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मीडिया लौटकर भी नहीं लौटी चन्द्रावल

लौटकर भी नहीं लौटी चन्द्रावल

फिल्म समीक्षा / लौटकर भी नहीं लौटी चन्द्रावल ! / -राजेश कश्यप जिस ‘चन्द्रावल’ के लौट आने के लिए हरियाणवी सिनेमा बेसब्री से पलकें बिछाए…

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राजनीति वो सब तो पता नहीं, मगर ये हो सकते है भारत के राष्ट्रपति !

वो सब तो पता नहीं, मगर ये हो सकते है भारत के राष्ट्रपति !

जगमोहन फुटेला ये पढ़ते हुए आपको अजीब सा लग सकता है मगर संसद में सिर्फ एक सांसद वाला इंडियन नेशनल लोक दल राष्ट्रपति के चुनाव…

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आर्थिकी सेकुलर दियत…….

सेकुलर दियत…….

एल.आर.गाँधी सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर से देश की न्याय प्रणाली को ‘धनशक्ति’ के बल पर मूक-बधिर बनाने के विदेशी षड्यंत्र पर अंकुश लगा…

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आलोचना आ केहू खराब नइखे, सबे ठीक बा…

आ केहू खराब नइखे, सबे ठीक बा…

संजय स्वदेश जब भी किसी राज्य की सरकार बदलती है, समाज की आबो-हवा करवट लेती है। भले ही इस करवट से कांटे चुभे या मखमली…

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कविता कविता-टिमकी बजी मदारी की-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

कविता-टिमकी बजी मदारी की-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

वाहन पंचर हुआ,लिये मैं सड़क सड़क घूमा टिमकी बजी मदारी की मैं बंदर सा झूमा   कहीं दूर तक पंचरवाला नहीं दिखाई दिया हर दुकान…

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राजनीति नक्सलवाद के खिलाफ हमारी मिमियाहटें

नक्सलवाद के खिलाफ हमारी मिमियाहटें

कोई भ्रष्ट तंत्र माओवाद से कैसे जीतेगा जंग ? संजय द्विवेदी उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की सरकारें दो कलेक्टरों और एक विधायक के अपहरण से सदमे…

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आलोचना नामवर सिंह और युवालेखन की उलटबाँसी

नामवर सिंह और युवालेखन की उलटबाँसी

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी नामवर सिंह को युवालेखन पसंद है। युवाओं को प्रोत्साहित करना उनके स्वभाव का सामान्य अंग है। लेकिन युवा संस्कृति को वे सरलीकरणों के…

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विविधा बुनकरों की समस्याएं राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बने

बुनकरों की समस्याएं राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बने

जयराम विप्‍लव आज़ादी की बीते 63 सालों में देश के लाखों बुनकरों की समस्याएं और उनकी ग़रीबी दूर होने की बजाय बढ़ती ही चली जा…

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साहित्‍य विचार देखें, विचारधारा नहीं

विचार देखें, विचारधारा नहीं

 तेजेंद्र शर्मा हिंदी साहित्य की त्रासदी है कि लंबे अरसे तक इस पर साम्यवादियों का कब्जा रहा। उनका मानना है कि उनकी विचारधारा के बाहर…

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कला-संस्कृति भारतवर्ष के यह स्वयंभू गुरु

भारतवर्ष के यह स्वयंभू गुरु

निर्मल रानी कहा जाता है कि हमारा देश किसी युग में विश्वगुरु था। ऐसा कब था तथा भारत रूपी इस विश्वगुरु के कौन-कौन से शिष्य…

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