आस्था के बाजार पर मिलावट खोरो का कब्ज़ा
Updated: October 20, 2012
शादाब जफर ‘‘शादाब’’ बहुत ही पुराना और मशहूर फिल्मी गीत ‘‘देख तेरे इन्सान की हालत क्या हो गई भगवान कितना बदल गया इन्सान’’ आज के…
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ईश्वर का अंश लिए आँखें चिड़िया की
Updated: October 20, 2012
शहर से बड़ी दूर ढलती शाम में सचमुच ही कोलाहल जहां हो गया था निराकार और निर्विकार कहीं दूर दूर होती ध्वनियों पर बैठ जाया…
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आखिर कब रूकेगा बलात्कारों का यह अनवरत शर्मनाक सिलसिला?
Updated: October 20, 2012
राजेश कश्यप हरियाणा में बलात्कारों का अंतहीन सिलसिला राष्ट्रीय सुर्खियों में है। इस शर्मनाक सिलसिले को रोकने के लिए दिए जा रहे सुझाव भी राष्ट्रीय…
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समय से पहले जवान हो गए हैं बच्चे
Updated: October 20, 2012
समय से पहले जवान हो गए हैं बच्चे ध्यान न रखा तो जल्द ही हो जाएंगे बूढ़े डॉ. दीपक आचार्य इक्कीसवीं सदी का सबसे बड़ा…
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प्रश्न खडा करने वालों पर ही प्रश्नचिन्ह लगा देना
Updated: October 20, 2012
रामस्वरूप रावतसरे प्रश्न खडा करने वालों पर ही प्रश्नचिन्ह लगा देने की हमारी पुरानी आदत है । यही कुछ सरकार में बैठे लोग कर रहे…
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”बहुत कठिन है, डगर पनघट की
Updated: October 20, 2012
वीरेन्द्र सिंह परिहार अभी 15 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने जुलार्इ 2008 के ”वोट के बदले नोट मामले की जांच पुलिस को आगे…
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नहीं बूंद भर पानी
Updated: October 20, 2012
दादा कहते हाती डुब्बन, जल होता था नदियों में| कहीं कहीं तो मगरमच्छ का ,डर होता था नदियों में| डुबकी जब गहरे में लेते ,थाह…
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कांग्रेस से ज्यादा भाजपा भयभीत है केजरीवाल से
Updated: October 20, 2012
तेजवानी गिरधर जल्द ही नया राजनीतिक दल बनाने जा रहे अरविंद केजरीवाल भले ही लगातार दिल्ली सरकार व सोनिया गांधी के जवांई राबर्ड वाड्रा के…
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आजीविका बनी जीविका का साधन
Updated: October 20, 2012
दिनेश पंत देश में गरीबी उन्मूलन व आजीविका संवर्धन के लिए आजादी के बाद से ही प्रयास शुरू हो गए थे। तब से अब तक…
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उसकी पहचान इंसानियत है, मजहब नहीं
Updated: October 20, 2012
आशुतोष शर्मा 1947 के विभाजन के दौरान मुजफ्फराबाद (पाक अधिकृत कश्मीर) के एक गांव में करीब डेढ़ साल का बच्चा एक मुर्दा शरीर से लिपटा…
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वह पैरों की धूल नहीं है
Updated: October 20, 2012
ममता सिन्हा देश और विश्व में हो रही तमाम तरक्कियों के बावजूद औरतों को बराबरी का दर्जा तो दूर उन्हें जीने का अधिकार भी नसीब…
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जागरूकता से विकास संभव है
Updated: October 20, 2012
अभिषेक ज्ञानवानी हमारे देश में भ्रष्टाचार के फलने-फूलने के पीछे सबसे बड़ा कारण आम आदमी का अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होना है। एक…
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