समाज कितने निर्मल, कितने बाबा

कितने निर्मल, कितने बाबा

हमारे देश में यह पहली बार नहीं है कि किसी तथाकथित बाबा पर लोगों को गुमराह करके पैसे ऐंठनें का इल्जाम लगा है। मेरे ख्याल…

Read more
जन-जागरण आम आदमी की सुरक्षा पर हावी वीआईपी सुरक्षा

आम आदमी की सुरक्षा पर हावी वीआईपी सुरक्षा

देश इस वक़्त आतंरिक तौर पर कड़े अनुभवों से दो-चार हो रहा है| नक्सलवाद की समस्या तो मुंह बाए खड़ी ही है, महानगरों एवं छोटे…

Read more
समाज आजादी की दूसरी लड़ार्इ ग्राम निर्माण के लिए होनी चाहिए

आजादी की दूसरी लड़ार्इ ग्राम निर्माण के लिए होनी चाहिए

अखिलेश आर्येन्दु मौजूदादौर में देश में चल रहे तमाम आंदोलनों की दिशा देश से भ्रश्टाचार की समापित, बढ़ते पलायन और बढ़ती गैरबराबरी को लेकर है।…

Read more
चिंतन अपने बाड़ों से बाहर निकलें, जमाने को देखें, अपने आप खुलने लगेगा अक्ल का ताला

अपने बाड़ों से बाहर निकलें, जमाने को देखें, अपने आप खुलने लगेगा अक्ल का ताला

– डॉ. दीपक आचार्य समाज-जीवन में अजीब सी स्थिरता और जड़ता आ गई है, न कोई हलचल हो रही है न कोई उत्साह। ‘जैसा चल…

Read more
समाज मानवाधिकार के सेकुलर मापदंड

मानवाधिकार के सेकुलर मापदंड

एल. आर गाँधी आस्तीन में सांप पालने के राष्ट्रीय व्यसन से ग्रस्त हमारे च्चिद्दी मियां वैसाखी के शुभ पर्व पर भारत-पाक दोस्ती व् तिजारत को…

Read more
कविता कविता ; अंधेरी गलियों में………… – नवल किशोर शर्मा

कविता ; अंधेरी गलियों में………… – नवल किशोर शर्मा

प्रस्तुत कविता अंधेरी गलियों में………… उस जन-समूह को समर्पित है जो कि विभिन्न फसादों एवं मानवीय विद्रूपताआं के कारण अपना अमन-चैन खो चुके हैं।  …

Read more
महिला-जगत जरूरी है नारी-शिक्षा

जरूरी है नारी-शिक्षा

डॉ. प्रीत अरोड़ा भारत का प्राचीन आदर्श नारी के प्रति अतीव श्रद्धा और सम्मान का रहा है। प्राचीन काल से नारियाँ घर-गृहस्थी को ही देखती…

Read more
साक्षात्‍कार “मैं घराने की कुलीगीरी नहीं करता” – कुमार गन्धर्व

“मैं घराने की कुलीगीरी नहीं करता” – कुमार गन्धर्व

पं. कुमार गन्धर्व से मुकेश गर्ग की बातचीत : पहली कड़ी (यह लंबा साक्षात्कार मैं ने 1990 में दिल्ली के गन्धर्व महाविद्यालय में लिया था.…

Read more
धर्म-अध्यात्म निर्मल बाबा : पहले महिमा मंडन, अब पोस्टमार्टम?

निर्मल बाबा : पहले महिमा मंडन, अब पोस्टमार्टम?

तेजवानी गिरधर समागम के नाम पर दरबार लगा कर अपने भक्तों की समस्याओं का चुटकी में कथित समाधान करने की वजह से लोकप्रिय हो रहे…

Read more
राजनीति सांसदों के लिए ‘वेतन फर्स्ट, वतन लास्ट, काम गणपूर्ति’ हो गया है

सांसदों के लिए ‘वेतन फर्स्ट, वतन लास्ट, काम गणपूर्ति’ हो गया है

‘शर्म शिरोमणि हैं या सांसद’? कुन्दन पाण्डेय पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का एक कथन है कि “राजनीतिज्ञों को नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट” के उदात्त…

Read more
महत्वपूर्ण लेख सभी मित्रों से एक महत्त्वपूर्ण अपील / विपिन किशोर सिन्‍हा

सभी मित्रों से एक महत्त्वपूर्ण अपील / विपिन किशोर सिन्‍हा

राजेश एक ३५ वर्षीय युवक है। उसके तीन बेटियां हैं। वह राजमिस्त्री का काम करता है। उसकी पत्नी कई घरों में झाड़ू-पोंछा का काम करती…

Read more
कविता कविता-हमको बिरासत में झुकी गरदन मिली-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

कविता-हमको बिरासत में झुकी गरदन मिली-प्रभुदयाल श्रीवास्तव

हमको बिरासत में झुकी गरदन मिली   वह शेर हम बकरी बने जीते रहे मिल बैठकर तालाब को पीते रहे|   वह बाल्टियों पर बाल्टियां…

Read more