राजनीति सर्वश्रेष्ठ महानायक ही राष्ट्रपति हो

सर्वश्रेष्ठ महानायक ही राष्ट्रपति हो

प्रो.बृजकिशोर कुठियाला भारत के राष्ट्रपति का चुनाव यह ऐसा अवसर है जब देश की राजनीतिक व्यवस्था को पुनः प्रतिष्ठा से स्थापित किया जा सकता है।…

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राजनीति राष्ट्रीयविज़न के बिना ममता बनर्जी की बौनी राजनीति

राष्ट्रीयविज़न के बिना ममता बनर्जी की बौनी राजनीति

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी पश्चिम बंगाल में संकीर्ण राजनीतिक पांसे तेजी से फेंके जा रहे हैं। इससे सामाजिक जीवन में अनुदार भावबोध पुख्ता होगा। इसे चालू भाषा…

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राजनीति दलितों-आदिवासियों की हत्या कैसा वर्ग-संघर्ष है ?

दलितों-आदिवासियों की हत्या कैसा वर्ग-संघर्ष है ?

जयराम विप्लव   लाल आतंकवाद ( माओवाद ) समर्थक बताएंगे कि दलितों/ वंचितों /आदिवासियों की हत्या कैसा “वर्ग-संघर्ष” है ? एक दशक पहले हुए दंगों पर…

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राजनीति मोंटेक जी के जनाना-मर्दाना

मोंटेक जी के जनाना-मर्दाना

एल.आर.गाँधी सदियों से लोटा हाथ में थामें जंगल पानी जाने के आदि भला क्या समझें अंग्रेजी टायलट का महत्व …. योजना भवन में मोंटेक जी…

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समाज बदलते गांव

बदलते गांव

मेरा गांव मेरा देश मेरा ये वतन , तुझपे निसार है मेरा तन मेरा मन | ऐसा ही होता है गांव ? जहाँ हर आदमी…

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पर्यावरण पर्यावरण नीति

पर्यावरण नीति

जिस देश में जीवनरेखा नदियों को मैला ढोने वली गाड़ी बना दिया गया हो , वहाँ पर्यावरण दिवस जैसी बातें ढकोसला लगती हैं |अभी हाल…

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समाज चर्च और नक्सली गठजोड़ बड़ी चुनौती

चर्च और नक्सली गठजोड़ बड़ी चुनौती

प्रवीण दुबे भारत के अनेक राज्यों में संचालित हो रहा माओवादी (नक्सली) आंदोलन चर्च की सहायता से हिन्दुओं के मतान्तरण कराने का षड्यंत्र है। इस…

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राजनीति वैचारिक बहस से परहेज क्यों / अनुरोध पासवान

वैचारिक बहस से परहेज क्यों / अनुरोध पासवान

जब मंगलेश डबराल प्रकरण सामने आया तब वामपंथ में खलबली मच गयी. वे आपस में आक्रमक हो गए. उन्हें संघ प्रेरित संस्था में जाना नागवार…

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राजनीति लोकतन्‍त्र में संकीर्णता के लिए कोई जगह नहीं / अम्‍बा चरण वशिष्‍ठ

लोकतन्‍त्र में संकीर्णता के लिए कोई जगह नहीं / अम्‍बा चरण वशिष्‍ठ

अम्‍बा चरण वशिष्‍ठ  ‘भारत नीति प्रतिष्‍ठान’ के एक कार्यक्रम में एक साम्‍यवादी लेखक व नेता को मंच पर बिठाने व उस के सम्‍बोधन से उठे…

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कविता कविता:बुरा दिन-मोतीलाल

कविता:बुरा दिन-मोतीलाल

रोशनी का बुरा दिन देखने योग्य बची कहाँ है कि खिझा हुआ अँधकार अपने लंबे नाखूनोँ वाले पंजे फैलाकर चपेट ले सारी रोशनियोँ को और…

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चिंतन नीयत साफ हो तभी नियति साथ

नीयत साफ हो तभी नियति साथ

 सारी उपासनाओं, साधनाओं और कर्मयोग का यही सार है कि जिसकी नीयत साफ है, भगवान उसी के साथ है। फिर जिसके साथ भगवान है उसे…

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विविधा आदिवासी क्षेत्रों में कार्य योजना की आवश्यकता

आदिवासी क्षेत्रों में कार्य योजना की आवश्यकता

राजगोपाल पीवी यह बात शत प्रतिशत सच है कि छत्तीसगढ़ को कुदरत ने अनगिनत संपदा से नवाजा है। जिसका उपयोग यदि सही ढ़ंग से किया…

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