आलोचना बापू बिकता है ..खरीदने वाला चाहिए.

बापू बिकता है ..खरीदने वाला चाहिए.

एल. आर. गाँधी पूरे का पूरा बापू बिक गया और बापू के नाम पर सत्ता सुख भोग रहे ‘गांधियों ‘को पता भी नहीं चला ?…..…

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राजनीति बुख़ारी की साम्प्रदायिक सियासत से मुसलमानों का भला नहीं !

बुख़ारी की साम्प्रदायिक सियासत से मुसलमानों का भला नहीं !

इक़बाल हिंदुस्तानी मुलायम जी! धर्मनिर्पेक्षता के दो पैमाने नहीं बनाये जा सकते! पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने यूपी चुनाव के दौरान अपने सखा…

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जन-जागरण मिशन नर्सरी एडमीशन और टैंशन

मिशन नर्सरी एडमीशन और टैंशन

  शादाब जफर ‘‘शादाब’’ शिक्षा के नाम की दलाली खाने वाले स्कूल क्या हमारे बच्चो और देश का भविष्य बना सकते है ?। आज हर अभिभावक…

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चिंतन कार्बन को ठिकाने लगाना एक बड़ी चुनौती

कार्बन को ठिकाने लगाना एक बड़ी चुनौती

अखिलेश आर्येन्दु कार्बन डार्इआक्साइड के उत्सर्जन का लगातार बढ़ना और इससे बढ़ता संकट आज दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है। यह…

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चिंतन भवन शिलान्यास के साथ ही करें पौधारोपण जीवन में हरियाली का सुकून पाएँ

भवन शिलान्यास के साथ ही करें पौधारोपण जीवन में हरियाली का सुकून पाएँ

– डॉ. दीपक आचार्य हरियाली भरा परिवेश तन-मन को सुकून देने के साथ ही जीवन के हर पहलू में सुख-समृद्धि लाता है। पानी और हरियाली…

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चिंतन कृषि विकास और गांवों की खुशहाली

कृषि विकास और गांवों की खुशहाली

अखिलेश आर्येन्दु कृषि विकास और गांवों की खुशहाली के लिए पशुधन की बढ़ोत्तरी पर गम्भीर होना ही होगा आजादी के पहले एक विदेशी इतिहासकार और…

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चिंतन उद्विग्नता मानसिक बीमारी का लक्षण

उद्विग्नता मानसिक बीमारी का लक्षण

डॉ. दीपक आचार्य धैर्य से करें काम-काज सांसारिक काम-धाम की आपाधापी में आज हर कोई कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा पा लेने…

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चिंतन दिखावा छोडें, मौलिकता अपनाएँ

दिखावा छोडें, मौलिकता अपनाएँ

डॉ दीपक आचार्य दिखावा छोडें, मौलिकता अपनाएँ जीवन का शाश्वत आनंद पाएं हम क्या हैं ? यह दिखाने की बजाय अब हम क्या और कैसे…

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धर्म-अध्यात्म कोई मेरा क्‍या कर लेगा

कोई मेरा क्‍या कर लेगा

जगमोहन फुटेला कवि ओमप्रकाश आदित्य की एक कविता सुनी थी कोई पैंतीस साल हुए रुद्रपुर के एक कवि-सम्मलेन में. शीर्षक था, “कोई मेरो का कल्लेगो”…

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विविधा तात्याटोपे अंग्रेजों का गुलाम नहीं था

तात्याटोपे अंग्रेजों का गुलाम नहीं था

18 अप्रैल को तात्याटोपे की पुण्यतिथि के अवसर पर- प्रमोद भार्गव नक्शे पर शिवपुरी जैसी छोटी जगह 1959 में उस समय अचानक चर्चित हो उठी…

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टॉप स्टोरी क्या लोगों की धार्मिक आस्था एवं विश्वास पर कुठाराघात ‘देशद्रोह’ नहीं है?

क्या लोगों की धार्मिक आस्था एवं विश्वास पर कुठाराघात ‘देशद्रोह’ नहीं है?

 राजेश कश्यप  देश में पाखण्डी बाबाओं, गुरूओं, योगियों और धर्मोपदेशकों की बाढ़ आई हुई है। लगभग सभी धर्म के नाम पर गोरखधंधा कर रहे हैं।…

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राजनीति मोदी एक, भाजपा और मुश्किलें अनेक

मोदी एक, भाजपा और मुश्किलें अनेक

देवेश खंडेलवाल गुजरात दंगे, विकास पुरुष की छवि, टाइम मैगजीन के कवर पेज पर दस्तक, प्रधानमंत्री बनने की जद्दोजहद ये है नरेन्द्र मोदी का छोटा…

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