सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के पेंच
Updated: April 24, 2012
हिमांशु शेखर न्याय व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने के मकसद से न्यायिक सुधार की बात चल रही है. न्यायधीशों की जवाबदेही तय करने के लिए न्यायिक…
Read moreक्या देश की सुरक्षा से क्रिकेट अधिक महत्वपूर्ण है ?
Updated: April 24, 2012
विनायक शर्मा चुनावी वर्ष में हिमाचल प्रदेश की भाजपा सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने सरकार और भाजपा को एक नए विवाद में…
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कुछ यूं उतर रही है अन्ना के आंदोलन की खुमारी
Updated: April 24, 2012
आशीष महर्षि तेरे इश्क की खुमारी जब उतरी तो हम कहीं के न रहे। तेरे पे इकबाल करके हम कहीं के न रहे। तुने हमें…
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विचारधारात्मक संघर्ष की नहीं मात्र कम्युनिकेशन की जगह है फेसबुक
Updated: April 23, 2012
जगदीश्वर चतुर्वेदी फेसबुक के 85 करोड़ यूजर हैं और इसने पिछले साल 3.7 बिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया है। कंपनी का मानना है कि वह…
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अभिषेक मनु सिंघवी सीडी काण्ड पर विशेष
Updated: April 23, 2012
सचाई को कब्रिस्तान बनाते हमारे शासक ‘सत्यमेव जयते’। यह हमारा पौराणिक मूलमन्त्र ही नहीं, हमारे संविधान का राष्ट्रबोध भी है। इसके बावजूद इस कथन…
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मनु की रासलीला और मीडिया का सेल्फ रेग्युलेशन
Updated: April 24, 2012
आशीष महर्षि आखिर एक बार फिर से सोशल नेटवर्किग पर फैले कुछेक साथियों ने कानून को दरकिनार वह करने का साहस दिखला दिया, जो साहस…
Read moreवर्तमान समय में राम की प्रासांगिकता
Updated: April 23, 2012
राजीव गुप्ता विश्व गुरु बनने का सपना संजोने वाली अधिकांश भारतीय संततियों का ध्येय जब अपने स्वार्थ पूर्ति के लिए राष्ट्र हितों के मानक मूल्यों…
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बेवजह जमा न करें परायी पुस्तकें
Updated: April 23, 2012
डॉ. दीपक आचार्य तनावग्रस्त रहते हैं पुस्तक चुराने वाले बेवजह जमा न करें परायी पुस्तकें दुनिया में हर कहीं एक से बढ़कर एक अजीब लोग…
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शूद्रों को ब्राहमण बनाने वाले परशुराम
Updated: April 23, 2012
प्रमोद भार्गव भगवान परशुराम जयंती 24 अप्रेल के अवसर पर :- हमारे धर्म ग्रंथ और कथावाचक ब्राहमण भारत के प्राचीन पराक्रमी नायकों की संहार से…
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क्या एकजुट रह पाएंगे अन्ना व बाबा!
Updated: April 23, 2012
तेजवानी गिरधर कैसा अजब संयोग है कि आज जब कि देश में गठबंधन सरकारों का दौर चल रहा है, आंदोलन भी गठबंधन से चलाने की…
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चुनाव व्यवस्था में परिवर्तन
Updated: April 22, 2012
विजय कुमार परिवर्तन की बात करना राजनेताओं और समाजसेवियों में प्रचलित एक फैशन है; पर यह परिवर्तन लोकतन्त्र की मर्यादा में होना चाहिए। यद्यपि वर्तमान…
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जनसेवा को आतुर
Updated: April 22, 2012
विजय कुमार पिछले रविवार को मैं समाचार पत्र के साथ चाय की चुस्कियों का आनंद ले रहा था कि अचानक फोन की घंटी बज उठी।…
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