धर्म-अध्यात्म कोई मेरा क्‍या कर लेगा

कोई मेरा क्‍या कर लेगा

जगमोहन फुटेला कवि ओमप्रकाश आदित्य की एक कविता सुनी थी कोई पैंतीस साल हुए रुद्रपुर के एक कवि-सम्मलेन में. शीर्षक था, “कोई मेरो का कल्लेगो”…

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विविधा तात्याटोपे अंग्रेजों का गुलाम नहीं था

तात्याटोपे अंग्रेजों का गुलाम नहीं था

18 अप्रैल को तात्याटोपे की पुण्यतिथि के अवसर पर- प्रमोद भार्गव नक्शे पर शिवपुरी जैसी छोटी जगह 1959 में उस समय अचानक चर्चित हो उठी…

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टॉप स्टोरी क्या लोगों की धार्मिक आस्था एवं विश्वास पर कुठाराघात ‘देशद्रोह’ नहीं है?

क्या लोगों की धार्मिक आस्था एवं विश्वास पर कुठाराघात ‘देशद्रोह’ नहीं है?

 राजेश कश्यप  देश में पाखण्डी बाबाओं, गुरूओं, योगियों और धर्मोपदेशकों की बाढ़ आई हुई है। लगभग सभी धर्म के नाम पर गोरखधंधा कर रहे हैं।…

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राजनीति मोदी एक, भाजपा और मुश्किलें अनेक

मोदी एक, भाजपा और मुश्किलें अनेक

देवेश खंडेलवाल गुजरात दंगे, विकास पुरुष की छवि, टाइम मैगजीन के कवर पेज पर दस्तक, प्रधानमंत्री बनने की जद्दोजहद ये है नरेन्द्र मोदी का छोटा…

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राजनीति भारतीय कम्युनिस्ट – सत्ता बिन सब सूना

भारतीय कम्युनिस्ट – सत्ता बिन सब सूना

देवेन्द्र स्वरूप पिछले पखवाड़े दोनों प्रमुख भारतीय कम्युनिस्ट पार्टियों (माकपा और भाकपा) के राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की 21वीं कांग्रेस पटना…

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कहानी कहानी / कौशल्या

कहानी / कौशल्या

आर. सिंह  कभी कभी अचानक कुछ ऐसा घटित हो जाता है जिसका पहले से आभास भी नहीं रहता. मेरे साथ भी पिछले दिनों कुछ ऐसा…

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विश्ववार्ता खतरे में पाकिस्तानी हिन्दू

खतरे में पाकिस्तानी हिन्दू

संजय सक्सेना हिन्दुस्तान-पाकिस्तान दो पड़ोसी मुल्क होने के बाद भी जुदा-जुदा हैं। एक देश विकास की ओर अग्रसर है तो दूसरा आतंकवाद-कट्टरवाद-साम्प्रदयिक हिंसा-ड्रग्स स्मगलरों-अवैध हथियारों…

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व्यंग्य कलयुग और लोकपाल

कलयुग और लोकपाल

पंडित सुरेश नीरव घोर कलयुग आ गया। घोर कलयुग। पंडितजी ने गांठ लगी चुटिया पर हाथ फेरते हुए जनहित में एक गोपनीय तथ्य का सार्वजनिक…

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चिंतन उत्सवों को यादगार बनाएँ

उत्सवों को यादगार बनाएँ

उत्सवों को यादगार बनाएँ नए वर्ष में नए संकल्प लें डॉ. दीपक आचार्य हर अमावस के बाद पूनम और इसके बाद अमावास्या। शुक्ल पक्ष के…

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समाज पुलिस बनाम जनता

पुलिस बनाम जनता

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ यह सबसे बुरी और गलत बात है कि अधिक मुकदमे दर्ज होने का कारण आला पुलिस अधिकारियों द्वारा थानाधिकारी से पूछा…

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शख्सियत संघर्ष , प्रतिभा , नैतिकता और समाजवादी मूल्यों के प्रथम प्रधान मंत्री – चन्द्र शेखर

संघर्ष , प्रतिभा , नैतिकता और समाजवादी मूल्यों के प्रथम प्रधान मंत्री – चन्द्र शेखर

 अरविन्द विद्रोही बलिया उत्तर प्रदेश के गाँव इब्राहीम पट्टी में १७ जुलाई , १९२७ को जन्मे चन्द्र शेखर सिंह विद्यार्थी जीवन से ही समाजवादी विचार…

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महत्वपूर्ण लेख यदि रा‍हुल ‘ब्राह्मण’ तो सोनियाजी क्या हैं? / अम्बा चरण वशिष्ठ

यदि रा‍हुल ‘ब्राह्मण’ तो सोनियाजी क्या हैं? / अम्बा चरण वशिष्ठ

गान्धी परिवार अपने आप को पंथनिरपेक्ष बताता है। दावा करते हैं कि उनकी राजनीति जाति और धर्म से ऊपर है। धर्मनिरपेक्ष होना और जातिवाद में…

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