प्रवक्ता न्यूज़ दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव 10 – 12 जनवरी 2012

दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव 10 – 12 जनवरी 2012

आदरणीय महोदय/ महोदया सादर नमस्कार, पिछले 10 वर्षों से अक्षरम , प्रवासी मीडिया समूह के सहयोग से हिंदी का सबसे बड़ा वार्षिक वैश्विक आयोजन अंतर्राष्ट्रीय…

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साहित्‍य कहो कौन्तेय-८५

कहो कौन्तेय-८५

विपिन किशोरे सिन्हा कर्ण के लिए अर्जुन का अन्तिम प्रश्न मेरी अनकही अभिव्यक्ति को कर्ण बूझ गया, ऐसा मुझे लगा। सूर्यपुत्र कर्ण से अपने वार्त्तालाप…

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लेख फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़?

फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़?

इक़बाल हिंदुस्तानी इस्लामी उलेमाओं के मुंह से निकली हर बात फ़तवा नहीं होती! दुनिया के साथ साथ आज का मुसलमान भी अन्य सम्प्रदायों की तरह…

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लेख लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण का सियासी पेंच

लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण का सियासी पेंच

प्रमोद भार्गव लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण का पेंच डालकर कांग्रेस ने खासतौर से मुस्लिम वोट रिझाने का एक सियासी दांव खेला है। जबकि धर्म के…

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लेख हनुमान बने श्रद्धानन्द

हनुमान बने श्रद्धानन्द

विनोद बंसल  उन महापुरुषों में से एक थे जिनका जन्म ऊंचे कुल में होने के बावजूद प्रारंभिक जीवन की बुरी लतों के कारण बहुत ही…

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लेख कोई शादी करे या ना करे इससे समाज को क्या प्रोब्लम है ?

कोई शादी करे या ना करे इससे समाज को क्या प्रोब्लम है ?

इक़बाल हिंदुस्तानी महान गौतबुध्द, स्वामी विवेकानंद, अटल बिहारी, एपीजे कलाम, मायावती, जयललिता और ममता की कामयाबी का राज़ यह भी है। कहते हैं शादी वह…

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राजनीति लोकपाल में आरक्षण की बेबुनियाद मांग

लोकपाल में आरक्षण की बेबुनियाद मांग

शिवानन्द द्विवेदी “सहर” अन्ना के लोकपाल आन्दोलन ने जैसे-जैसे अपना प्रसार कीया राजनीति उसे मुद्दागत रूप से हथियाने के लिए बढ़ चढ़ कर आगे आई…

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लेख गृह युद्ध की भेंट चढऩे तो नहीं जा रहा है इराक़ ?

गृह युद्ध की भेंट चढऩे तो नहीं जा रहा है इराक़ ?

तनवीर जाफरी इराक़ के हालात पूर्वानुमान व आशंकाओं के अनुरूप बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। अप्रैल 2003 में सद्दाम हुसैन के सत्ता से बेदखल होने…

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लेख गाँव की फिक्र किसी को नहीं

गाँव की फिक्र किसी को नहीं

डॉ0 आशीष वशिष्ठ देश की लगभग 65 फीसदी आबादी गांवों में निवास करती है। गांधी जी भी कहा करते थे कि भारत की आत्मा गांवों…

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लेख भ्रष्टाचार की गंगोत्री कहां है?

भ्रष्टाचार की गंगोत्री कहां है?

 सुशान्त सिंहल जब से भ्रष्टाचार को लेकर देश में व्यापक बहस छिड़ी है, एक बात बार-बार कही जा रही है कि देश में भ्रष्टाचार बहुत…

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कहो कौन्तेय-८४

विपिन किशोर सिन्हा (कर्ण-वध के कारण अर्जुन का विषाद) पिछले अठारह दिनों का कोलाहल अकस्मात ही निःस्तब्ध सायंकाल में परिवर्तित हो गया है। रात्रि के…

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लेख सरकारी लोकपाल से क्या उम्मीद करे देश की जनता?

सरकारी लोकपाल से क्या उम्मीद करे देश की जनता?

केंद्र सरकार ने जिस तरह का सरकारी लोकपाल विधेयक संसद में पेश किया है उससे देश को बहुत अधिक उम्मीदें नहीं होना चाहिए| अव्वल तो…

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