दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उत्सव 10 – 12 जनवरी 2012
Updated: December 27, 2011
आदरणीय महोदय/ महोदया सादर नमस्कार, पिछले 10 वर्षों से अक्षरम , प्रवासी मीडिया समूह के सहयोग से हिंदी का सबसे बड़ा वार्षिक वैश्विक आयोजन अंतर्राष्ट्रीय…
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कहो कौन्तेय-८५
Updated: December 26, 2011
विपिन किशोरे सिन्हा कर्ण के लिए अर्जुन का अन्तिम प्रश्न मेरी अनकही अभिव्यक्ति को कर्ण बूझ गया, ऐसा मुझे लगा। सूर्यपुत्र कर्ण से अपने वार्त्तालाप…
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फ़तवा जारी करना उनका काम है मानना ना मानना आपका हक़?
Updated: December 26, 2011
इक़बाल हिंदुस्तानी इस्लामी उलेमाओं के मुंह से निकली हर बात फ़तवा नहीं होती! दुनिया के साथ साथ आज का मुसलमान भी अन्य सम्प्रदायों की तरह…
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लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण का सियासी पेंच
Updated: December 26, 2011
प्रमोद भार्गव लोकपाल में अल्पसंख्यक आरक्षण का पेंच डालकर कांग्रेस ने खासतौर से मुस्लिम वोट रिझाने का एक सियासी दांव खेला है। जबकि धर्म के…
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हनुमान बने श्रद्धानन्द
Updated: July 5, 2012
विनोद बंसल उन महापुरुषों में से एक थे जिनका जन्म ऊंचे कुल में होने के बावजूद प्रारंभिक जीवन की बुरी लतों के कारण बहुत ही…
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कोई शादी करे या ना करे इससे समाज को क्या प्रोब्लम है ?
Updated: December 26, 2011
इक़बाल हिंदुस्तानी महान गौतबुध्द, स्वामी विवेकानंद, अटल बिहारी, एपीजे कलाम, मायावती, जयललिता और ममता की कामयाबी का राज़ यह भी है। कहते हैं शादी वह…
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लोकपाल में आरक्षण की बेबुनियाद मांग
Updated: December 26, 2011
शिवानन्द द्विवेदी “सहर” अन्ना के लोकपाल आन्दोलन ने जैसे-जैसे अपना प्रसार कीया राजनीति उसे मुद्दागत रूप से हथियाने के लिए बढ़ चढ़ कर आगे आई…
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गृह युद्ध की भेंट चढऩे तो नहीं जा रहा है इराक़ ?
Updated: December 26, 2011
तनवीर जाफरी इराक़ के हालात पूर्वानुमान व आशंकाओं के अनुरूप बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। अप्रैल 2003 में सद्दाम हुसैन के सत्ता से बेदखल होने…
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गाँव की फिक्र किसी को नहीं
Updated: December 25, 2011
डॉ0 आशीष वशिष्ठ देश की लगभग 65 फीसदी आबादी गांवों में निवास करती है। गांधी जी भी कहा करते थे कि भारत की आत्मा गांवों…
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भ्रष्टाचार की गंगोत्री कहां है?
Updated: December 25, 2011
सुशान्त सिंहल जब से भ्रष्टाचार को लेकर देश में व्यापक बहस छिड़ी है, एक बात बार-बार कही जा रही है कि देश में भ्रष्टाचार बहुत…
Read moreकहो कौन्तेय-८४
Updated: December 25, 2011
विपिन किशोर सिन्हा (कर्ण-वध के कारण अर्जुन का विषाद) पिछले अठारह दिनों का कोलाहल अकस्मात ही निःस्तब्ध सायंकाल में परिवर्तित हो गया है। रात्रि के…
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सरकारी लोकपाल से क्या उम्मीद करे देश की जनता?
Updated: December 25, 2011
केंद्र सरकार ने जिस तरह का सरकारी लोकपाल विधेयक संसद में पेश किया है उससे देश को बहुत अधिक उम्मीदें नहीं होना चाहिए| अव्वल तो…
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