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माओवाद के विरुद्ध निर्णायक युद्ध का समय

ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद सरकार के विधायक झीना हिकाका को माओवादियों द्वारा बंधक बनाने की घटना ने माओवादियों के बुलंद हौसले और सरकार की कमजोरी…

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2020 तक भारत विकसित राष्ट्र कैसे बन पायेगा?

इक़बाल हिंदुस्तानी एल पी जी नीतियों से यह मक़सद हासिल नहीं हो सकता! सिर्फ एक क़दम उठा था गलत राहे शौक में, मंज़िल तमाम उम्र…

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समाज सासंदों की उम्मीदवारी

सासंदों की उम्मीदवारी

वीरेन्द्र सिंह राठौर 25 मार्च को अन्ना हजारे और उनकी टीम ने एक दिन का सांकेतिक अनशन दिल्ली के जंतर-मंतर मैदान पर किया। मुबंई के…

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व्यंग्य बिन ममता सब सून

बिन ममता सब सून

जग मोहन ठाकन रहिमन ममता राखिये , बिन ममता सब सून । सभी प्राणी अपने बच्चों का तब तक पालन पोषण करते हैं जब तक…

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आलोचना आध्यात्मिक गुरूओ के राजनीतिक बयानो से देश को खतरा!

आध्यात्मिक गुरूओ के राजनीतिक बयानो से देश को खतरा!

शादाब जफर ‘‘शादाब’’ “सरकार को शिक्षा का निजीकरण कर के सरकारी विद्यालयो को बंद कर देना चाहिये क्योकि वे नक्सलवाद को जन्म देते है। सरकार…

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पर्व - त्यौहार सौभाग्य तृतीया पर विशेष

सौभाग्य तृतीया पर विशेष

संजय बिन्नाणी सफल दाम्पत्य की साधना का पर्व गणगौर इन दिनों दाम्पत्य जीवन सबसे अधिक असुरक्षाओं से घिरा दिखता है, इसलिए वासन्ती नवरात्र की प्रासंगिकता…

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राजनीति कहां छिप गये लोकतंत्र और संसद के अलंबरदार!

कहां छिप गये लोकतंत्र और संसद के अलंबरदार!

इक़बाल हिंदुस्तानी हाईकमान के नाम पर सभी दलों में चल रही है तानाशाही! अन्ना के आंदोलन के दौरान कुछ लोगों को इस बात की बड़ी…

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कला-संस्कृति Default Post Thumbnail

अलग-अलग हैं शाहबाज लाल कलंदर व झूलेलाल?

तेजवानी गिरधर जिस गीत दमा दम मस्त कलंदर को गा और सुन कर सिंधी ही नहीं, अन्य समुदाय के लोग भी झूम उठते है, उस…

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समाज केन्द्रीय बजट और ग्रामीण भारत

केन्द्रीय बजट और ग्रामीण भारत

 राजीव गुप्ता पांच राज्यों के चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन से सबक लेते हुए एवं रेल बजट से उत्पन्न हुए गर्म सियासी माहौल के…

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पर्व - त्यौहार सालियाँ कर रही हैं जीजा का घेराव-गणगौर पूजन

सालियाँ कर रही हैं जीजा का घेराव-गणगौर पूजन

संजय बिन्नाणी कोलकाता में इन दिनों बड़ाबाजार की बाड़ी-बाड़ी में, संध्या समय, सालियों द्बारा जीजा के घेराव के दृश्य दिखाई देने लगे हैं। यह घेराव…

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कविता Default Post Thumbnail

कविता-भोर भई मनुज अब तो तू उठ जा,-विजय कुमार

भोर भई मनुज अब तो तू उठ जा, रवि ने किया दूर ,जग का दुःख भरा अन्धकार ; किरणों ने बिछाया जाल ,स्वर्णिम और मधुर…

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राजनीति ध्वस्त हुआ बसपा का अखिल भारतीय आधार

ध्वस्त हुआ बसपा का अखिल भारतीय आधार

प्रमोद भार्गव दलित हितों की रक्षा और सार्वजन के नारों के बूते दिल्ली की सत्ता हथियाने की होड़ में लगी मायावती का स्वप्न तो चकनाचूर…

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