रक्षा सौदों में गड़बड़ी
Updated: March 28, 2012
हिमकर श्याम भारतीय सेना एक प्रतिष्ठित और भरोसेमंद संगठन है. भारतीय सेना को इस बात का श्रेय प्राप्त है कि वह अपने प्रति जनता के…
Read moreउत्तर प्रदेश की राजनीति
Updated: March 28, 2012
जितेन्द्र कुमार नामदेव उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ लिया है। जब अब तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश ने प्रदेश की बागडोर…
Read moreखेती-किसानी का बजट
Updated: March 28, 2012
प्रमोद भार्गव उदारवाद के बाद यह पहला बजट है, जिसमें अन्नदाता के प्रभुत्व को फिर से स्वीकारने की शुरुआत हुर्इ है। कृषि, किसान, ग्रामीण विकास,…
Read moreजि़म्मेदार शख्सियतों के गैऱ जि़म्मेदाराना बयान !
Updated: March 28, 2012
तनवीर जाफरी भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में अपने भक्तों व शिष्यों को शांति व प्र्रेम का सबक सिखाने वाले आर्ट…
Read moreकहाँ जा रहा है लोकतंत्र: सुप्रीम कोर्ट के भरोसे चल रहा है देश
Updated: July 22, 2012
भार्गव चन्दोला क्या हो गया है लोकतंत्र को जब राजनीतिक पार्टियों का अपने नेताओं अपने कार्यकर्ताओं पर ही विश्वाश नहीं हैं तो वो जनता के…
Read moreमेला में मीडिया, बजी मीडिया की डफलियां
Updated: March 28, 2012
संजय कुमार मीडिया, भाषा को विकृत कर रही है…..बाजारवाद व नैतिकता में सामंजस्य है जरूरी…. मीडिया नहीं होता तो अन्ना का आंदोलन सफल नहीं होता……मीडिया…
Read moreसरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से घर-घर को जोड़ती सहियाएं
Updated: March 28, 2012
तन्वी झा मनु देवी अपने गांव की सहिया चुनी जाने के कुछ ही दिनों बाद कैंसर से ग्रसित हो गई। गंभीर बिमारी के बावजूद उनसे…
Read moreनशे की फसल उगाता कश्मीर
Updated: March 28, 2012
जीनत जिशान फाजि़ल हो सकता है यह बात विश्वास करने के लायक न हो, परंतु यह सत्य है कि धरती का स्वर्ग कहलाने वाला कश्मीर…
Read moreमहिला आजीविका विकास की खामोश क्रांति बना स्वयं सहायता समूह
Updated: March 28, 2012
दिनेश पंत उत्तराखंड में कुल देवताओं के नाम से स्वयं सहायता समूह खोलकर महिलाएं आजीविका विकास की खामोश क्रांति के मार्ग पर अग्रसर हैं। ईश्ट…
Read moreछत्तीसगढ़ के लिए वरदान बन गया ‘‘संजीवनी‘‘
Updated: March 28, 2012
सूर्यकांत देवागंन छत्तीसगढ़ का नाम आते ही एक ऐसे क्षेत्र की छवि उभरकर सामने आती है जो पिछले तीन दशकों से हिंसा, संघर्ष और रक्तपात…
Read moreगुम होती जनपक्षीय पत्रकारिता
Updated: July 12, 2012
संजय कुमार वैश्वीककरण के इस दौर में जनपक्षीय पत्रकारिता गुम होती जा रही है। बाजारवाद ने राष्ट्रीय मीडिया के स्वरूप को बदल डाला है। आरोपो…
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कविता – चली जाऊँगी वापस
Updated: March 28, 2012
मोतीलाल/राउरकेला चली जाऊँगी वापस तुम्हारी देहरी से दूर तुम्हारी खुश्बू से दूर इन फसलोँ से दूर गाँव गली से दूर उन अनाम सी जगह…
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