भारतीय अफसरशाही की दशा और दिशा
Updated: December 13, 2011
कोषपूर्वा: सर्वारम्भाः। तस्मात पूर्वं कोषमवेक्षेत। कौटिल्य अर्थशास्त्रमःअघ्याय 8 प्रकरण 24 श्लोक 1 (सभी कार्य कोष पर निर्भर है। इसलिये राजा को चाहिये कि सबसे पहले…
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वह
Updated: December 13, 2011
जब मैं सोकर उठता हूँ प्रातः तडके. अलार्म की आवाज सुनकर. पहला ध्यान जाता है इस ओर. वह आयेगी या नही? मैं जल्दी जल्दी तैयार…
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तन से लिपटा चीथडा है पेट से पत्थर बधॉ,,,,,,
Updated: December 13, 2011
आज इस कम्प्यूटर युग में मजदूर को मजदूरी के लाले पडे है। ऐसे में 1 मई को मजदूर दिवस मनाये तो कौन मनाये। कल तक…
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मजदूरों के लिए क्या आजादी और क्या गुलामी!
Updated: December 13, 2011
एक दिन बाद यानी 1 मई को देशभर में बड़ी-बड़ी सभाएं होगी, बड़े-बड़े सेमीनार आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मजदूरों के हितों की बड़ी-बड़ी योजनाएं भी…
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प्रिय अपनी बाहों में भर लो।
Updated: December 13, 2011
विप्रलम्ब तन शीतल मन शीतल कर दो, प्रिय अपनी बाहों में भर लो। ————————————— मंद हवाओं का ये झौंका, आंचल को सहलाता हैं। —————————————…
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पुलिस टेनिंग स्कूल में सेक्स ट्रेनिंग
Updated: December 13, 2011
महाराष्ट्र के कोल्हापुर में पुलिस टेनिंग स्कूल में महिला कांस्टेबल यौन शौषण। पुलिस टेनिंग स्कूल में महिला कांस्टेबल यौन उत्पीड़न की इस घटना ने देश…
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खतरों से खेलते बचपन पर अंकुश
Updated: December 13, 2011
खतरों से खेलते बचपन पर सर्वोच्च न्यायालय की अंकुश लगाने की पहल एक अच्छी शुरूआत है। क्योंकि करतब दिखाने वाले नाबालिग बच्चों को प्रदर्शन के…
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अकेला अन्ना बेचारा क्या कर सकेगा?
Updated: December 13, 2011
पवन कुमार अरविंद भ्रष्टाचार के उन्मूलन के लिए अकेला बेचारा बूढ़ा अन्ना क्या कर सकेगा। क्योंकि यह भ्रष्टाचार अत्र, तत्र, अन्यत्र और सर्वत्र विराजमान है,…
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प्रकृति ईश्वर ही तो है…
Updated: December 13, 2011
दिवस दिनेश गौड़ मित्रों अभी कुछ दिन पहले किसी ने मुझसे कहा कि भाई आज से मैं मंदिरों में भगवान की पूजा नहीं करूँगा,…
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संतों से परहेज क्यों?
Updated: December 13, 2011
लोकेन्द्र सिंह राजपूत अक्सर कहा जाता है कि साधु-सन्यासियों को राजनीति में दखल नहीं देना चाहिए। उनका काम धर्म-अध्यात्म के प्रचार तक ही सीमित रहे…
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भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी क्यों?
Updated: December 13, 2011
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि इन दिनों भारत में हर क्षेत्र में, भ्रष्टाचार चरम पर है|…
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अन्ना के माध्यम से जनता का संदेश
Updated: December 13, 2011
सुरेश बरनवाल यदि अन्ना कोई विदेशी सेलिब्रिटी होते और फेसबुक पर होते तो उन्हें क्लिक करने वालों की संख्या भी मीडिया के लिए एक समाचार…
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