साक्षात्‍कार एलीना सेन से आवेश तिवारी की बातचीत

एलीना सेन से आवेश तिवारी की बातचीत

हम जीते न जीतें पर हम लड़ेंगे “जनतंत्र में बहुत गलतियाँ होती हैं। सालों बाद पता लगता है कि किसी के साथ नाइंसाफी हुई है।…

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राजनीति गुजरात में ईसाइयत को सामाजिक आधार प्रदान करा रहा है टाईस्म ग्रुप

गुजरात में ईसाइयत को सामाजिक आधार प्रदान करा रहा है टाईस्म ग्रुप

गौतम चौधरी गुजरात के लिए 31 दिसंबर, सन 2010 की सबसे बडी खबर संयुक्त राज्य अमेरिका के किसी शहर में रहने वाले नॉबल पुरस्कार विजेता…

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राजनीति सुरक्षा बलों पर राजनीति करने से बचिए ‘सरकार’

सुरक्षा बलों पर राजनीति करने से बचिए ‘सरकार’

नीरज कुमार दुबे पश्चिम बंगाल में वामपंथियों के सशस्त्र कैडरों को निहत्था करने और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर जो राजनीति…

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राजनीति कांग्रेस का नया संविधान

कांग्रेस का नया संविधान

विजय कुमार 25 साल में एक पीढ़ी बदल जाती है। पुरानी पीढ़ी वाले नयों को अनुशासनहीन मानते हैं, तो नये लोग पुरानों को मूर्ख। हजारों…

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कविता कविता/ नक्‍सलवाद

कविता/ नक्‍सलवाद

भाई को भाई के खिलाफ खड़ा कर दिया और सलवा-जुडूम हो गया। कल रात जरा सी बात पर शहर में हुजूम हो गया॥ सरकारी मुनसिब…

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सिनेमा ‘तीस मार खान’ में चोरी-डकैती

‘तीस मार खान’ में चोरी-डकैती

डॉ. मनोज चतुर्वेदी दर्शकों को अभी कुछ ही माह पूर्व फिल्म ‘दबंग’ देखने का अवसर मिला था। उस फिल्म में ‘लवंडा बदनाम हुआ’ के तर्ज…

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सिनेमा ‘इसी लाइफ में’ मौज-मस्ती

‘इसी लाइफ में’ मौज-मस्ती

डॉ. मनोज चतुर्वेदी कॉलेज लाइफ पर बनने वाली फिल्मों में ‘स्टाइल’, ‘मुहब्बतें’, ‘हासिल’, ‘इश्क-विश्क’ और ‘थ्री इडियट्स’ जिसमें किस प्रकार युवा पीढ़ी सामंती मूल्यों से…

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सिनेमा ‘बॉम्बे टू इंडिया’ में क्षेत्रीयता की बू

‘बॉम्बे टू इंडिया’ में क्षेत्रीयता की बू

डॉ. मनोज चतुर्वेदी क्षेत्रीयता, जातिवाद, भाषावाद और संकिर्ण राष्ट्रीयता एक ऐसे विषय हैं जो मानवता को कलंकित करते हैं। यह इसलिए संभव हो सका है…

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धर्म-अध्यात्म सत्‍य की जन्‍मतिथि नहीं होती

सत्‍य की जन्‍मतिथि नहीं होती

हृदयनारायण दीक्षित सत्य सदा से है, सनातन है, चिरंतन है। गीता भारतीय अनुभूति का सत्यदर्शन है। पिछले सप्ताह (17 दिसम्बर) गीता जयंती के उल्लास थे।…

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धर्म-अध्यात्म दुख का बोध और योगसिद्धि का आनंद

दुख का बोध और योगसिद्धि का आनंद

हृदयनारायण दीक्षित दुख और सुख सामान्य संसारी अनुभव हैं लेकिन ‘दुख की संरचना का बोध’ सौभाग्यशाली अनुभूति है। यही बोध कपिल को हुआ था, दुख…

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राजनीति माननीय प्रधानमंत्री जी, जनता की आवाज़ सुनो…

माननीय प्रधानमंत्री जी, जनता की आवाज़ सुनो…

श्रीराम तिवारी लगभग १५० साल पूर्व महान अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और दार्शनिक कार्ल मार्क्स ने अपने विश्व विख्यात ग्रन्थ ”दास कैपिटल” में एक स्थापना दी थी,…

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राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान

ये है दिल्ली मेरी जान

लिमटी खरे उपजिलाधीश ने किया चिदम्बरम को कटघरे में खड़ा! केंद्रीय गृह मंत्री पलनिअप्पम चिदम्बरम भले ही नक्सलवाद के लिए संजीदा होने का दावा कर…

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