शिक्षा के अधिकार की अहमियत को समझे …
Updated: December 18, 2011
ललित कुमार कुचालिया हमारे भारत को गावों का देश के नाम से जाना जाता है. और जिस देश की सत्तर फीसदी जनता ग्रामीण क्षेत्रों में…
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मीडिया महारथियों की लडख़ड़ाती उर्दू
Updated: December 18, 2011
मो. इफ्तेख़ार अहमद, गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक उर्दू ज़ुबान में जितनी अदब और लिहाज़ है, उतनी ही ये बोलने और समझने में भी आसान है। भारतीय…
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विकीलीक के राजनीतिक निहितार्थ
Updated: December 18, 2011
जगदीश्वर चतुर्वेदी विकीलीक ने इंटरनेट पर सूचनाओं का विस्फोट किया है। सारी दुनिया के राजनेता, मीडिया विशेषज्ञ परेशान हैं कि आखिरकार नेट से आने वाले…
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उजली चादर का मौन
Updated: December 18, 2011
डॉ. वेदप्रताप वैदिक संसद का यह सत्र जितना निष्फल रहा, पहले कोई सत्र नहीं रहा। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को लेकर पहले भी हंगामे हुए,…
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नक्सलवाद : कल से आज तक
Updated: December 18, 2011
सोनू कुमार जन आंदोलन से शुरू हुआ नक्सलवाद अब लेवी के रूप में 1500 करोड़ रुपए का संगठित रंगदारी व्यवसाय बन गया है। पुलिस और…
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हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल
Updated: December 18, 2011
फ़िरदौस ख़ान हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद ख़स्ता है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का लाभ भी जनमानस तक नहीं पहुंच पाया…
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आदिवासियों में जेण्डर समानता का मिथ
Updated: December 18, 2011
जगदीश्वर चतुर्वेदी आदिवासियों के बारे में यह मिथ प्रचलित है कि उनमें स्त्री-पुरूष का भेद नहीं होता। यह धारणा बुनियादी तौर पर गलत है। आदिवासियों…
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बिहार चुनाव और राजग का भविष्य
Updated: December 18, 2011
डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल वर्ष 2010 के नवंबर माह में संपन्न हुए बिहार विधान सभा के चुनावों के नतीजों ने मुख्यमंत्री के रुप में पांच…
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उच्चन्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय और सेक्यूलरवादी विषवमन
Updated: December 18, 2011
हरिकृष्ण निगम इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ का 30 सितंबर का ऐतिहासिक निर्णय यद्यपि अनेक पुराने विवादों पर निर्णायक फैसला देने से नहीं चुका…
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स्वार्थ अप्रतिम, मूल्यवान, अनिन्दनीय
Updated: December 18, 2011
हृदयनारायण दीक्षित अपना सुख सबकी कामना है। अपनों का सुख इसी अपने का हिस्सा है। तुलसीदास की आत्मानुभूति प्रगाढ़ थी। उन्होंने इसी अपनेपन के लिए…
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चित्तवृत्ति और योग
Updated: December 18, 2011
हृदयनारायण दीक्षित ज्ञान की प्यास परम सौभाग्यवती है। यह कभी तृप्त नहीं होती। जानकारियों के क्षेत्र अनंत है, ज्ञान की प्यास भी अनंत। प्रत्येक नई…
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संतुलित विकास से सुखी बनेगा जीवन
Updated: December 18, 2011
राजीव मिश्र पृथ्वी का तीन भाग जल से आच्छादित है एवं एक भाग सूखा है। इस सूखे भाग पर भी जलाशय है, नदियां हैं तथा…
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