विविधा शिक्षा के अधिकार की अहमियत को समझे …

शिक्षा के अधिकार की अहमियत को समझे …

ललित कुमार कुचालिया हमारे भारत को गावों का देश के नाम से जाना जाता है. और जिस देश की सत्तर फीसदी जनता ग्रामीण क्षेत्रों में…

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प्रवक्ता न्यूज़ मीडिया महारथियों की लडख़ड़ाती उर्दू

मीडिया महारथियों की लडख़ड़ाती उर्दू

मो. इफ्तेख़ार अहमद, गंगा-जमुनी तहज़ीब का प्रतीक उर्दू ज़ुबान में जितनी अदब और लिहाज़ है, उतनी ही ये बोलने और समझने में भी आसान है। भारतीय…

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प्रवक्ता न्यूज़ विकीलीक के राजनीतिक निहितार्थ

विकीलीक के राजनीतिक निहितार्थ

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी विकीलीक ने इंटरनेट पर सूचनाओं का विस्फोट किया है। सारी दुनिया के राजनेता, मीडिया विशेषज्ञ परेशान हैं कि आखिरकार नेट से आने वाले…

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राजनीति उजली चादर का मौन

उजली चादर का मौन

डॉ. वेदप्रताप वैदिक संसद का यह सत्र जितना निष्फल रहा, पहले कोई सत्र नहीं रहा। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को लेकर पहले भी हंगामे हुए,…

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राजनीति नक्‍सलवाद : कल से आज तक

नक्‍सलवाद : कल से आज तक

सोनू कुमार जन आंदोलन से शुरू हुआ नक्सलवाद अब लेवी के रूप में 1500 करोड़ रुपए का संगठित रंगदारी व्यवसाय बन गया है। पुलिस और…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल

हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल

फ़िरदौस ख़ान हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद ख़स्ता है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं का लाभ भी जनमानस तक नहीं पहुंच पाया…

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समाज आदिवासियों में जेण्डर समानता का मिथ

आदिवासियों में जेण्डर समानता का मिथ

जगदीश्‍वर चतुर्वेदी आदिवासियों के बारे में यह मिथ प्रचलित है कि उनमें स्त्री-पुरूष का भेद नहीं होता। यह धारणा बुनियादी तौर पर गलत है। आदिवासियों…

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राजनीति बिहार चुनाव और राजग का भविष्य

बिहार चुनाव और राजग का भविष्य

डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल वर्ष 2010 के नवंबर माह में संपन्न हुए बिहार विधान सभा के चुनावों के नतीजों ने मुख्यमंत्री के रुप में पांच…

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विविधा उच्‍चन्‍यायालय का ऐतिहासिक निर्णय और सेक्‍यूलरवादी विषवमन

उच्‍चन्‍यायालय का ऐतिहासिक निर्णय और सेक्‍यूलरवादी विषवमन

हरिकृष्‍ण निगम इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ का 30 सितंबर का ऐतिहासिक निर्णय यद्यपि अनेक पुराने विवादों पर निर्णायक फैसला देने से नहीं चुका…

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विविधा स्‍वार्थ अप्रतिम, मूल्‍यवान, अनिन्‍दनीय

स्‍वार्थ अप्रतिम, मूल्‍यवान, अनिन्‍दनीय

हृदयनारायण दीक्षित अपना सुख सबकी कामना है। अपनों का सुख इसी अपने का हिस्सा है। तुलसीदास की आत्मानुभूति प्रगाढ़ थी। उन्होंने इसी अपनेपन के लिए…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग चित्तवृत्ति और योग

चित्तवृत्ति और योग

हृदयनारायण दीक्षित ज्ञान की प्यास परम सौभाग्यवती है। यह कभी तृप्त नहीं होती। जानकारियों के क्षेत्र अनंत है, ज्ञान की प्यास भी अनंत। प्रत्येक नई…

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पर्यावरण संतुलित विकास से सुखी बनेगा जीवन

संतुलित विकास से सुखी बनेगा जीवन

राजीव मिश्र पृथ्वी का तीन भाग जल से आच्छादित है एवं एक भाग सूखा है। इस सूखे भाग पर भी जलाशय है, नदियां हैं तथा…

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