राजनीति एक भगवा लेख

एक भगवा लेख

-राजीव दुबे हाल ही में देश के गृहमंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में ‘भगवा आतंक – saffron terror‘…

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राजनीति कमल ताल पर थिरकती हृदय प्रदेश की भाजपा

कमल ताल पर थिरकती हृदय प्रदेश की भाजपा

-लिमटी खरे मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के शासन के सात साल पूरे होने को आ रहे हैं। इन सात सालों में 2010 में…

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राजनीति नौकरों के आगे विवश मुख्यमन्त्री!

नौकरों के आगे विवश मुख्यमन्त्री!

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ “कलेक्टर चाहे और प्रशासन काम नहीं करे, यह कैसे सम्भव है? या तो कलेक्टर, कलेक्टर के पद के योग्य नहीं रहे…

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विविधा भारतीय लोकतंत्र अब ८७ वां आदर्श-भ्रष्ट तंत्र

भारतीय लोकतंत्र अब ८७ वां आदर्श-भ्रष्ट तंत्र

-एल. आर. गाँधी कलमाड़ी जी की असीम कृपा से – खेल खेल में कम से कम एक क्षेत्र में तो हमने अपने पडोसी चीन को…

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प्रवक्ता न्यूज़ वाट ऍन आईडिया सर जी

वाट ऍन आईडिया सर जी

-राजीव बिशनोई “Only first class business and that in first class way……” David Ogilvy की ये लाइने विज्ञापन जगत की रीढ़ की हड्डी मानी जाती…

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विविधा आओ वामपंथ से प्‍यार करें!

आओ वामपंथ से प्‍यार करें!

-समन्वय नंद “मैं बाबा रामदेव को प्यार करता हूँ। मोहन भागवत को भी प्यार करता हूँ। मदर टेरेसा, सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रकाश कारात को…

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विविधा पंकजजी, वैचारिक जमीन पर विमर्श कीजिए

पंकजजी, वैचारिक जमीन पर विमर्श कीजिए

-सचिन श्रीवास्तव प्रिय संजीव जी अभी अभी आपका मेल मिला। इसका जवाब रूपी पत्र काफी लंबा हो गया। इसलिए मुआफी। कुछ निजी दिक्कतों के कारण…

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प्रवक्ता न्यूज़ ‘झूठ’ की बुनियाद पर महल मत खड़ा कीजिए पंकजजी, अंजाम आप जानते हैं

‘झूठ’ की बुनियाद पर महल मत खड़ा कीजिए पंकजजी, अंजाम आप जानते हैं

प्रिय पंकजजी, नमस्‍कार। आपका आरोपयुक्‍त लेख हमें प्राप्‍त हुआ। आपने प्रवक्‍ता के मंतव्‍य पर सवाल उठाये हैं इसलिए संपादक के नाते आपके आरोपों का जवाब…

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राजनीति आओ मुसलमानों से प्यार करें

आओ मुसलमानों से प्यार करें

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी मैं बाबा रामदेव को प्यार करता हूँ। मोहन भागवत को भी प्यार करता हूँ। मदर टेरेसा, सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, प्रकाश कारात को…

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प्रवक्ता न्यूज़ एक नया ‘बुखारी’ पैदा कर रहा है ‘प्रवक्ता’

एक नया ‘बुखारी’ पैदा कर रहा है ‘प्रवक्ता’

-पंकज झा किसी व्यक्ति की तारीफ़ या निंदा में किये गए लेखन सामान्यतः निकृष्ट श्रेणी का लेखन माना जाता है. लेकिन 2 दिन में ही…

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कला-संस्कृति आखिर कब तक चलेगा यह सब?

आखिर कब तक चलेगा यह सब?

-दिवस दिनेश गौड़ मित्रों शीर्षक आपको बाद में समझाऊंगा किन्तु लेख से पहले आपको एक सच्ची कहानी सुनाना चाहता हूँ। हमारे देश में एक महान…

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व्यंग्य जूते भी ईमानदार हो गए…

जूते भी ईमानदार हो गए…

-आशीष तिवारी दिल्ली में गिलानी की सभा में किसी ने उनपर जूता फेंक दिया. ये जूता उनको लगा नहीं. अब इसे क्या कहेगे आप? इससे पहले…

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