राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान

ये है दिल्ली मेरी जान

-लिमटी खरे दीपावली पर लगा ओबामा का ग्रहण अमावस्या के दिन होती है दीपावली। इस रात को घुप्प अंधेरे के बावजूद सारा हिन्दुस्तान कृत्रिम रोशनी…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ ईमेल संस्कृति के आर-पार

ईमेल संस्कृति के आर-पार

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी प्रवक्ता डॉट कॉम ने बहस चलाकर अच्छा काम किया है। मैं इधर-उधर की बातें न करके पहले सिर्फ उस फिनोमिना के बारे में…

Read more
राजनीति हिंदुस्तान का लोकप्रदेश है छत्तीसगढ़

हिंदुस्तान का लोकप्रदेश है छत्तीसगढ़

दस बरस का छत्तीसगढ़ (आज स्थापना दिवस-1 नवंबर) माओवादी हिंसा नहीं, लोकधर्मी जीवन संस्कार है असली पहचान – संजय द्विवेदी इस राज्य को इसलिए मत…

Read more
राजनीति छत्तीसगढ़ के दस साल: राजनैतिक स्थिरता और सांस्कृतिक पहचान उपलब्धि

छत्तीसगढ़ के दस साल: राजनैतिक स्थिरता और सांस्कृतिक पहचान उपलब्धि

-तपेश जैन अपनी भाषा, अपना राज, यही तो है प्रगति का राज। इस भावना के अनुरुप छत्तीसगढ़ राज्‍य का सपना खूबचंद बघेल ने मध्यप्रदेश के…

Read more
राजनीति अरुंधती राय, पहले कश्मीर का इतिहास तो पढो!

अरुंधती राय, पहले कश्मीर का इतिहास तो पढो!

– सुबेदार जम्मू-काश्मीर आतंकबाद और अलगाव बाद के करण चर्चा क़ा विषय बना हुआ है वहा कि वास्तविकता कुछ इस प्रकार है ——– कुल क्षेत्रफल…

Read more
विश्ववार्ता चीन की बैचेनी की मतलब समझें

चीन की बैचेनी की मतलब समझें

-संजीव पांडेय इस समय चीन बैचेन है। बैचेनी का कारण भारत की विस्तारवादी विदेश नीति है। इस विदेश नीति के तहत भारत ने उन देशों…

Read more
खेल जगत अथ श्री ऑक्टोपस कथा

अथ श्री ऑक्टोपस कथा

-आशुतोष फुटबॉल के करोड़ों प्रशंसकों के प्राण हलक में अटके थे। कोलकाता की बस्तियों से हॉलीवुड की हस्तियों तक हर कोई हलकान था कि आखिर…

Read more
राजनीति सुलगते सवालों के बीच मसल-ए-कश्मीर

सुलगते सवालों के बीच मसल-ए-कश्मीर

-तनवीर जाफ़री भारत वर्ष जैसे विशाल देश के कई क्षेत्रों से वैसे तो कभी अलगाववाद कभी पूर्ण स्वायत्तता तो कभी आंतरिक स्वायत्तता की आवाज आती…

Read more
धर्म-अध्यात्म विचारों की बंद गली में नहीं रहते मुसलमान

विचारों की बंद गली में नहीं रहते मुसलमान

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी कारपोरेट मीडिया और अमेरिकी साम्राज्यवाद के इशारे पर इस्लाम और मुसलमान को जानने की कोशिश करने वालों को इनके बारे में अनेक किस्म…

Read more
व्यंग्य व्‍यंग/बेटा अकादमी के चूहे का

व्‍यंग/बेटा अकादमी के चूहे का

-पंडित सुरेश नीरव वह आज भी दफ्तर से बिना काम किये शान से वेतन उठा रहा है। दफ्तर में वह कभी काम करता है यह…

Read more
व्यंग्य व्‍यंग/गाली

व्‍यंग/गाली

-राम कृष्‍ण खुराना मुझे कुत्ता पालने का कोई शौक नहीं था। मैं कुत्ते, बिल्ली आदि जानवर पालने को अमीरों के चोंचले मानता था। सुबह शाम…

Read more
समाज बंटा हुआ भारतीय समाज

बंटा हुआ भारतीय समाज

-शिशिर चन्‍द्र आज भारतीय समाज कई भागों में विभाजित हो गया है. 1947 में जो विभाजन देश ने देखा, वो अब काफी पीछे छूट गया…

Read more