हास्य-व्यंग्य : काल के गाल में अकाल
Updated: December 19, 2011
स्कूली दिनों में मास्साब ने घौंटा लगवा के याद करवाया था कि काल तीन तरह के होते हैं- भूतकाल,वर्तमानकाल और भविष्यकाल। सोचता हूं कि काल…
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पूंजीवाद की सफलता का रहस्य
Updated: December 19, 2011
हिन्दुस्तान में ऐसे लोगों की किल्लत नहीं हैं जिन्हें मार्क्सवाद का अंत नजर आता है और पूंजीवाद अमर नजर आता है। पहली बात यह कि…
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पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्रेस दिवस का आयोजन
Updated: December 19, 2011
भोपाल, 16 नवंबर,2010। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में 16 नवम्बर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन…
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उत्तराखंडः निशंक सरकार के संकट मोचक बने चंदशेखर उपाध्याय, स्टर्डिया प्रकरण में बचाई लाज
Updated: December 19, 2011
देहरादून, निशंक सरकार में ओएसडी लॉ का दायित्व निभा रहे चंद्र शेखर उपाध्याय ने सरकार को एक बडी राहत दिलाने में सफलता प्राप्त की है।…
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वहां ५० हजार बेरोजगार, यहाँ ५० करोड़ निराहार; ओबामा चिंताग्रस्त – मगर सिंह साहेब मस्त !!!
Updated: December 19, 2011
वहां ५० हजार बेरोजगार,यहाँ ५० करोड़ निराहार ओबामा चिंताग्रस्त – मगर सिंह साहेब मस्त !!! – एल. आर गान्धी दुनिया के सबसे समृद्ध राष्ट्र का…
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इन्द्रेश कुमार : भारत माता का सपूत
Updated: December 19, 2011
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक राजेन्द्र सिंह उर्फ रज्जू भैया कहा करते थे कि मुंह में शक्कर, पांव में चक्कर तथा दिल में आग।…
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अमेरिकी निशाने पर दवा उद्योग
Updated: December 19, 2011
आपने एक पुरानी कहावत सुनी होगी बाप बड़ा ना भईया सबसे बड़ा रुपइया यह ओबामा के उपर विल्कुल फिट वैठता है। भारत के दौरे पर…
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संघ की संस्कृति के विरुद्ध बोले सुदर्शन
Updated: December 19, 2011
अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने जाने वाले गोविन्दाचार्य से हमने पूर्व संघ प्रमुख सुदर्शन द्वारा की गयी टिप्पणियों के सम्बंध में बातचीत की ,गोविन्दाचार्य का…
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सत्ताधीशों की कठपुतली बनता हमारा प्रिन्ट और इलेक्ट्रानिक मीडिया
Updated: December 19, 2011
अंग्रेजी गुलामी के कालखण्ड में पत्रकारिता की भूमिका नवचैतन्य का प्रतीक थी। संसाधनों का अभाव, सरकारी जुल्मोसितम, हर समाचार पर सरकार की कड़ी नजर के…
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केदारनाथ अग्रवाल शताब्दी के मौके पर विशेष – लेखक के विश्वदृष्टिकोण की महत्ता
Updated: December 19, 2011
केदारनाथ अग्रवाल शताब्दी के मौके पर विशेष जन्म 1 अप्रैल 1911-मृत्यु 22 जून 2000) केदारनाथ अग्रवाल के बारे में हिन्दी के प्रगतिशील आलोचकों ने खूब…
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हास्य-व्यंग्य : शोकसभा का कुटीर उद्योग
Updated: December 19, 2011
आज सुबह-सुबह शोकसभानंदजी का हमारे मोबाइल पर अचानक हमला हुआ। मैं-तो-मैं, मेरा मोबाइल भी आनेवाली आशंका के भय से कराह उठा। शोकसभानंदजी की हाबी है…
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व्यंग्य : जाले अच्छे हैं!
Updated: December 19, 2011
मां बहुत कहती रही थी कि मरने के लिए मुझे गांव ले चल। पर मैं नहीं ले गया। सोचा कि गांव में तो मां रोज…
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