आलोचना अज्ञेय जन्म शताब्दी वर्ष पर विशेष- बलाओं की मां है साम्प्रदायिकता

अज्ञेय जन्म शताब्दी वर्ष पर विशेष- बलाओं की मां है साम्प्रदायिकता

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी स.ही.वा.अज्ञेय हिन्दी के बड़े साहित्यकार हैं। उनकी प्रतिष्ठा उनमें भी है जो उनके विचारों से सहमत नहीं हैं। अज्ञेय के बारे में प्रमुख…

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विविधा हेल्थ योगी बाबा रामदेव की राजनैतिक यात्रा

हेल्थ योगी बाबा रामदेव की राजनैतिक यात्रा

-हरीशंकर साही बाबा रामदेव ने योग की शिक्षा को जन-जन तक पहुँचाने का कभी प्रण किया था। उनके प्रण के पीछे ध्येय था कि वह…

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विविधा अब तो धर्मयुध्द का शंखनाद हो चुका हैः बाबा रामदेव

अब तो धर्मयुध्द का शंखनाद हो चुका हैः बाबा रामदेव

बाबा रामदेव ने जब से राजनैतिक शुध्दिकरण अभियान का शंखनाद किया है एक राष्ट्रव्यापी बहस शुरू हो गई है। यह एक शुभ लक्षण है, प्रश्न…

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साक्षात्‍कार साक्षात्‍कार/जिसके पास कुछ खोने के लिए नहीं होता वह आदमी बड़ा मजबूत होता है:नरेन्‍द्र मोदी

साक्षात्‍कार/जिसके पास कुछ खोने के लिए नहीं होता वह आदमी बड़ा मजबूत होता है:नरेन्‍द्र मोदी

-गौतम चौधरी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का आप विरोध करें या समर्थन लेकिन आप मोदी को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। मोदी के सत्ता…

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राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान

ये है दिल्ली मेरी जान

-लिमटी खरे कांग्रेस में सबसे बड़ा कद है राहुल का सियासी दल चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, कांग्रेस की नजर में भविष्य के प्रधानमंत्री राहुल…

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विश्ववार्ता ओबामा की झोली भरी, पर हमें क्या मिला

ओबामा की झोली भरी, पर हमें क्या मिला

– प्रो. बृजकिशोर कुठियाला बराक ओबामा का अमरीका का राष्ट्रपति बनना अपने आप में एक विशेष घटना थी, क्योंकि वे अश्वेत हैं व उनके पुरखों…

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राजनीति सुदर्शन के आरोप और सोनिया की चुप्पी !

सुदर्शन के आरोप और सोनिया की चुप्पी !

-अनिल सौमित्र 10 नवम्बर को राष्ट्रव्यापी धरने के दौरान भोपाल में संघ के पूर्व प्रमुख सुदर्शन ने जो कुछ कहा उसके बाद बहुत कुछ बदल…

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विविधा हास्य-व्यंग्य/दोस्त है तो दुश्मन की जरूरत क्या है

हास्य-व्यंग्य/दोस्त है तो दुश्मन की जरूरत क्या है

-पंडित सुरेश नीरव कल सुबह-सुबह विद्रोहीजी आ धमके। बहुत गुस्से में थे। वह किसी व्यक्ति विशेष से गुस्सा नहीं थे। पूरे देश से वे गुस्सा…

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आलोचना उत्तर आधुनिकतावाद के विभ्रम और अस्मिता

उत्तर आधुनिकतावाद के विभ्रम और अस्मिता

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी इन दिनों वास्तव और अवास्तव, व्यक्ति और अव्यक्ति, जीवन और मृत्यु, उपस्थित और अनुपस्थित आदि के बारे में सवाल नहीं किए जाते। जो…

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विविधा यह कैसा न्याय? अपराध सिद्ध फिर भी सजा नहीं!

यह कैसा न्याय? अपराध सिद्ध फिर भी सजा नहीं!

इस बात को कोई साधारण पढालिखा या साधारण सी समझ रखने वाला व्यक्ति भी समझता है कि देश के खजाने को नुकसान पहुँचाने वाला व्यक्ति…

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प्रवक्ता न्यूज़ क्या अपसंस्कृति और उपभोक्तावाद के प्रवक्ता हैं टीवी चैनल

क्या अपसंस्कृति और उपभोक्तावाद के प्रवक्ता हैं टीवी चैनल

-संजय द्विवेदी टीवी चैनलों की धमाल को रोकने के लिए शायद यह सरकार का पहला बड़ा कदम था। ‘बिग बास’ और ‘राखी का इंसाफ’ नाम…

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प्रवक्ता न्यूज़ टेलीविजन का तालिबानी मुक्तराज्य

टेलीविजन का तालिबानी मुक्तराज्य

-जगदीश्‍वर चतुर्वेदी टेलीविजन में तालिबानी तांडव चल रहा है। भारत के विभिन्न समाचार चैनल टीवी समाचारों के सभी किस्म के एथिक्स और कानूनों को त्यागकर…

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