सत्ताधीशों की कठपुतली बनता हमारा प्रिन्ट और इलेक्ट्रानिक मीडिया
Updated: December 19, 2011
अंग्रेजी गुलामी के कालखण्ड में पत्रकारिता की भूमिका नवचैतन्य का प्रतीक थी। संसाधनों का अभाव, सरकारी जुल्मोसितम, हर समाचार पर सरकार की कड़ी नजर के…
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केदारनाथ अग्रवाल शताब्दी के मौके पर विशेष – लेखक के विश्वदृष्टिकोण की महत्ता
Updated: December 19, 2011
केदारनाथ अग्रवाल शताब्दी के मौके पर विशेष जन्म 1 अप्रैल 1911-मृत्यु 22 जून 2000) केदारनाथ अग्रवाल के बारे में हिन्दी के प्रगतिशील आलोचकों ने खूब…
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हास्य-व्यंग्य : शोकसभा का कुटीर उद्योग
Updated: December 19, 2011
आज सुबह-सुबह शोकसभानंदजी का हमारे मोबाइल पर अचानक हमला हुआ। मैं-तो-मैं, मेरा मोबाइल भी आनेवाली आशंका के भय से कराह उठा। शोकसभानंदजी की हाबी है…
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व्यंग्य : जाले अच्छे हैं!
Updated: December 19, 2011
मां बहुत कहती रही थी कि मरने के लिए मुझे गांव ले चल। पर मैं नहीं ले गया। सोचा कि गांव में तो मां रोज…
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हम भारत के लोग तो हम हैं! – वसीम अकरम
Updated: December 19, 2011
दुनिया का कोई भी राष्ट्र किसी दूसरे राष्ट्र को भौगोलिक रूप से गुलाम बनाना नहीं चाहता, क्योंकि हर एक राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार और राष्ट्राधिकार…
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नागार्जुन जन्मशती पर विशेष – कविता में लोकतंत्र
Updated: December 19, 2011
कविता का नया अर्थ है लोकतंत्र का संचार। अछूते को स्पर्श करना। उन विषयों पर लिखना जो कविता के क्षेत्र में वर्जित थे। प्रतिवादी लोकतंत्र…
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समझिए भारत की त्रासदी
Updated: December 19, 2011
इस समय माफिया राज्य चला रहा है। माफिया बाजार द्वारा संचालित होता है। भारत में जितनी नीतियाँ चल रही हैं, वे बाजारवादी ताकतों द्वारा निर्देशित…
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व्यंग्य: हैसियत नजरबट्टू की अन्यथा सड़के ही सोने की होती
Updated: December 19, 2011
एक बार किसी कारण वश मुझे नगर परिषद जाना पडा । वहां कुछ लोग बैठे थे तभी एक सज्जन आये ,और उन्होने पहले से बैठे…
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हास्य-व्यंग्य : नारी सशक्तीकरण वर्सेज पुरुष सशक्तीकरण
Updated: December 19, 2011
नारी सशक्तीकरण पर गोष्ठी करने का फैशन समकालीन हिंदी साहित्य की आज सबसे बड़ी उत्सवधर्मिता है। स्त्री-विमर्श के सैंकड़ों केन्द्र आज साहित्य में दिन-रात सक्रिय…
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ओबामा का सुपर हिट ड्रामा : वाह उस्ताद वाह
Updated: December 19, 2011
आंधी की तरह आये और तूफान की तरह गये अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा का ड्रामा सचमुच धुआंधार रहा। हनुमान, गांधी, विवेकानन्द और अम्बेडकर के…
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बराक ओबामा की यात्रा : मीडिया कवरेज की कमजोरियां
Updated: December 19, 2011
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा का मीडिया तूफान थम चुका है। इस यात्रा के कवरेज पर जो चैनल उछल रहे थे कम…
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विश्व के सर्वशक्तिमान का गांधी को नमन करना…
Updated: December 19, 2011
भारत के शिखर पुरूष महात्मा गांधी के जीवन, दर्शन उनकी राजनैतिक शैली तथा सत्य, प्रेम, शांति व अहिंसा पर आधारित उने सिद्धांतों को लेकर वैसे…
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