हिन्दी लेखकों की ‘बाजारवाद’ को लेकर गलत समझ – गिरीश मिश्रा
Updated: December 20, 2011
पिछले कुछ वर्षों में हिंदी साहित्यकार और पत्रकार बडी संख्या में बाजार और एक अस्त्विहीन अवधारणा ‘बाजारवाद’ के खिलाफ लठ लेकर पडे हैं। कहना न…
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मुक्तांचल की जंग है माओवाद
Updated: December 20, 2011
अंग्रेजी मार्का बहुत सारे बुद्धिजीवी इन दिनों माओवाद पर फिदा हैं। वे बीच-बीच में आदिवासियों घूम आते हैं । प्रेस को फोटोसत्र के लिए बुला…
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का कहन सुदर्शन जी
Updated: December 20, 2011
सुदर्शन जी का बयान देश की राजनीती में भूचाल ला रहा है । हर बार की तरह फिर से कांग्रेस की डुबती नैय्या को सोनिया…
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मर्यादाओं की जकड़न – राखी रघुवंशी
Updated: December 20, 2011
कल अपने साथियों के साथ श्याम नगर की बस्ती में पुस्तकालय कार्यक्रम के लिए जाना हुआ। इस पुस्तकालय में कई दिनों के बाद गई। बच्चों…
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१४ नवंबर, संकल्प दिवस पर विशेष : चीन से भारत भूमि छुडाने का संकल्प
Updated: December 20, 2011
१४ नवंबर की महत्ता दो कारणों से है । पहला इसे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु की जन्मतिथि के रुप में मनाया जाता…
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लुप्त होता किसान- गिरीश मिश्रा
Updated: December 20, 2011
यदि वर्तमान भारत, विशेषकर हिंदी पत्रकारिता और साहित्य, को देखें तो किसान को लेकर स्पष्टता का सर्वथा अभाव मिलेगा। अनेक तथाकथित वरिष्ठ पत्रकार और प्रख्यात…
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सोनिया, सुदर्शन और शातिर कांग्रेस
Updated: November 13, 2010
क्या सोनिया गाँधी सभी सवालों से ऊपर हैं? क्या भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी और आम हिन्दुस्तानियों की नेहरु परिवार से जुड़ी भावनाओं का शातिराना इस्तेमाल…
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कांग्रेस को लगी मिर्ची : सुदर्शन के बयान से तिलमिला गए कांग्रेसी
Updated: November 13, 2010
सोनिया के खिलाफ सुदर्शन बयान पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग, गिलानी और अरुंधती के देश के खिलाफ बयान पर चुप्पी क्या जायज…
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क्रांति, भूख और माओवाद
Updated: November 12, 2010
मैं पिछले 35 सालों से क्रांतिकारियों का साहित्य पढ़ रहा हूँ। इनमें कई रंगत के क्रांतिकारी रहे हैं जिनको पढ़ता रहा हूँ। खासकर माओवादियों और…
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पर्यावरण की हमारी प्राचीन समझ
Updated: November 12, 2010
मेंढक तो टर्र-टर्र टर्राते हैं मैं तो बिल्कुल चकरा गया। मैं अंग्रजी की शिक्षापद्धति में पढ़ा-लिखा आधुनिक व्यक्ति हूं। उल्टी-सीधी बातें मैं नहीं मानता। मैं…
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सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
Updated: December 20, 2011
(10 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पूरे दो के जिला केन्द्रों पर संघ के कार्यकर्ताओं के नाम कथित आतंकवादी घटनाओं से जोड़ने व केन्द्र…
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आत्मबोध : भारत की 70 करोड़ तरुण शक्ति कहाँ खो गई?
Updated: December 20, 2011
70 करोड़ युवाशक्ति से सुसज्जित देश क्यों अपंग है? क्यों गरीब है? भारत की तरुणाई क्यों माँ भारती का दर्द नहीं समझती? आईए, तुम्हें इसका…
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