कविता आजादी का तिरसठवाँ साल

आजादी का तिरसठवाँ साल

-नागेन्‍द्र पाठक वर्षों बीते आजादी के क्या कीमत ईमान की बच्चा बच्चा देख रहा है करतब कुछ इंसान की वंदेमातरम वंदेमातरम वंदेमातरम वंदेमातरम लूट मची…

Read more
राजनीति बंद कीजिए ये बेशर्म नौटंकी

बंद कीजिए ये बेशर्म नौटंकी

-हरे राम मिश्र पिछले कई सालों की तरह इस साल भी हम अपना स्वतंत्रता दिवस पूरे ताम झाम के साथ मना रहे है। जाहिर सी…

Read more
राजनीति आजादी की 63वीं वर्षगाठ पर विशेष

आजादी की 63वीं वर्षगाठ पर विशेष

-अशोक बजाज आज हम आजादी की 63वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। किसी भी देश के विकास के लिए 63 वर्ष कोई कम नहीं है। वर्षों…

Read more
विविधा लो फिर आ गया स्वाधीनता दिवस!

लो फिर आ गया स्वाधीनता दिवस!

-लिमटी खरे 14 और 15 अगस्त की दर्मयानी रात को 1947 में गोरे ब्रितानियों ने भारत को अपनी गुलामी की जंजीरों से आजादी दी थी।…

Read more
विविधा हम सभी भूल चुके हैं राष्ट्रीय ध्वज के निर्माता “पिंगली वेंकैय्या” को

हम सभी भूल चुके हैं राष्ट्रीय ध्वज के निर्माता “पिंगली वेंकैय्या” को

-प्रदीप श्रीवास्तव पंद्रह अगस्त को जहाँ हम स्वतंत्रता दिवस कि 63 वीं वर्ष गांठ मना रहे होंगे वहीँ दूसरी ओर अपने राष्ट्रीय झंडे क़ी संरचना…

Read more
कविता जनता के नाम

जनता के नाम

-पीयूष पंत मना लो तुम आज़ादी, फ़हरा लो तिरंगा कौन जाने कल, अब क्या होगा, जिस तरह हमारी अभिव्यक्ति पर पहरा लगाया जा रहा है,…

Read more
कविता क्या जिंदगी है और भूख है सहारा…..सारे जहां से अच्छा

क्या जिंदगी है और भूख है सहारा…..सारे जहां से अच्छा

-केशव आचार्य क्या जिंदगी है और भूख है सहारा सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा सौ करोड़ बुलबुले जाने शाने गुलिस्तां थी उन बुलबुलों के…

Read more
विविधा कहां है आज़ादी का पहला प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज

कहां है आज़ादी का पहला प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज

-सरफ़राज़ ख़ान देश को स्वतंत्र हुए छह देशक से भी ज्यादा का समय हो गया है। हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले…

Read more
विविधा दो लड्डू और पंद्रह अगस्त

दो लड्डू और पंद्रह अगस्त

-लोकेन्द्र सिंह राजपूत कई साल बीत गए बोलते हुए गांधी जी की जय। वह वर्षों से देखता आ रहा है, स्कूल, तहसील और पंचायत की…

Read more
कला-संस्कृति भारतीय संस्कृति और डॉ. राम मनोहर लोहिया

भारतीय संस्कृति और डॉ. राम मनोहर लोहिया

– डॉ. मनोज चतुर्वेदी भारतीय संस्कृति का नाम लेते ही हमारे मन में एक ऐसे राष्ट्र का चित्र सामने आता है जो विश्व का सबसे…

Read more
धर्म-अध्यात्म भारतीय संस्कृति में राष्ट्रधर्म और विधान का राज्य

भारतीय संस्कृति में राष्ट्रधर्म और विधान का राज्य

-वी. के. सिंह भारतीय संस्कृति में सामाजिक व्यवस्था का संचालन सरकारी कानून से नहीं बल्कि प्रचलित नियमों जिसे ‘धर्म’ के नाम से जाना जाता था,…

Read more
राजनीति ममता माओवादी!

ममता माओवादी!

-अमलेन्दु उपाध्‍याय इस दहर में सब कुछ है पर इन्साफ नहीं है। इन्साफ हो किस तरह कि दिल साफ नहीं है। राजनीति के विषय में…

Read more