रेड्डी बन्धुओं का वीभत्स भ्रष्टाचार : मजबूर येदियुरप्पा, बेबस मनमोहन सिंह
Updated: December 23, 2011
35 लाख टन का लौह अयस्क कैसे गायब हो सकता है? लेकिन ऐसा हुआ है और भारत जैसे महाभ्रष्ट देश में कुछ भी सम्भव है।…
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अरुणा की चार प्रेम कविताएं
Updated: December 23, 2011
(1) हर मुलाकात के बाद जो चीज हममें कामन थी वो था हमारा भोलापन और बढता गया वह हर मुलाकात के बाद पर दुनिया हमेशा…
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प्रभाष जोशी के जन्म दिन (15 जुलाई) पर विशेष
Updated: December 23, 2011
-संजय कुमार जिनकी ओर प्रभाष जोशी आगाह करते रहे उन खतरों का परिणाम आज साफ नजर आ रहा है यही नहीं वे चिंताएं आज भी…
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लोकतंत्र की रक्षा के लिए नक्सलियों से आर-पार की लड़ाई अनिवार्य: डॉ. रमन सिंह
Updated: December 23, 2011
हथियार छोड़े बिना उनसे बातचीत निरर्थक प्रधानमंत्री की बैठक में मुख्यमंत्री ने नक्सल क्षेत्रों के नये जिलों के लिए मांगा विशेष पैकेज रायपुर, 14 जुलाई…
Read moreअमरीकीकरण और फंडामेंटलिज्म की क्रीडाएं
Updated: December 23, 2011
-जगदीश्वर चतुर्वेदी अमरीकीकरण का एक अन्य प्रमुख तत्व है उपभोक्तावाद। यह पश्चिमीकरण की धुरी है। उपभोक्तावाद के बारे में अमूमन काफी कुछ कहा गया है।…
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मेरे शहर का मॉल कल्चर
Updated: December 23, 2011
-मनोज लिमये पश्चिमी ऑंधी ऐसी चली कि गाँव में लगने वाले स्वदेशी हाट धीरे-धीरे मेलों में बदले और अब देखते ही देखते ये मेले मॉल…
Read moreभ्रष्टाचार एवं अत्याचार की खिलाफत क्यों जरूरी?
Updated: December 23, 2011
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश‘ आज जबकि कदम-कदम पर लोगों के मान-सम्मान को बेरहमी से कुचला जा रहा है। अधिकतर लोगों के कानूनी, संवैधानिक, प्राकृतिक एवं…
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ग्रामीणों की जीवन रेखा : लघु एवं कुटीर उद्योग
Updated: December 23, 2011
-आलोक कुमार यादव भारत में प्राचीन समय से ही लघु एवं कुटीर उद्योगों की प्रधानता रही है। आज से दो हजार वर्ष पूर्व भी भारत…
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आखिर उमा से इतने भयाक्रांत क्यों हैं भाजपाई!
Updated: December 23, 2011
-लिमटी खरे कभी भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेत्री रहीं उमा भारती की घर वापसी की अटकलों ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी…
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हत्याएं: सम्मान की खातिर या सम्मान की?
Updated: December 23, 2011
-तनवीर जाफ़री मध्यम एवं निम्न मध्यम वर्ग के प्रेमी युगल इन दिनों काफी संकट के दौर से गुजर रहे हैं। कहीं खाप पंचायतों के ‘तालिबानी’…
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महत्वपूर्ण ये है कि हाथ “किसका” काटा गया है… उसके अनुसार कार्रवाई होगी…
Updated: December 23, 2011
-सुरेश चिपलूनकर अपनी पिछली पोस्ट (केरल में तालिबान पहुँचे, प्रोफ़ेसर का हाथ काटा) में मैंने वामपंथियों के दोहरे चरित्र और व्यवहार के बारे में विवेचना…
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मर्ज़ बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की
Updated: December 23, 2011
-फ़िरदौस ख़ान भौतिकवादी संस्कृति ने जहां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित किया है, वहीं मनुष्य का स्वास्थ्य भी इससे न अछूता रहा हो तो…
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