कौन कहता है कि ‘अज्ञेय’ को छंदों से परहेज था..
Updated: December 23, 2011
-गिरीश पंकज सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ जी की कुछ कविताओं को सामने रख कर तथाकथित आलोचक उनकी ऐसी छवि पेश करते रहे, गोया वे अतुकांत…
Read more
विश्वकप के भविष्यवक्ता पॉल बाबा स्वंय का भविष्य तो बतायें…..
Updated: December 23, 2011
– अशोक बजाज फुटबाल के विश्वकप फाईनल में स्पेन ने नीदरलैण्ड को एक गोल से हराकर विश्वकप हासिल कर लिया। फाईनल मैच के साथ ही…
Read more
मुस्लिमों के प्रति अमेरिकी रवैया दुर्भाग्यपूर्ण
Updated: December 23, 2011
-डा. सुभाष राय फरहा पंडित भारतीय मूल की अमेरिकी मुसलमान हैं। उन्हें ओबामा ने बहुत महत्वपूर्ण काम सौंपा है। उन्हें दुनिया को यह समझाना है…
Read more
सहयोगी दल बढा रहे कांग्रेस की मुश्किलें
Updated: December 23, 2011
-लिमटी खरे कांग्रेसनीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की दूसरी पारी में उसके सहयोगी दलों ने अब रंग दिखाना आरंभ कर दिया है। कल तक शांति…
Read more
मानवता की कराह : मीडिया की जुबानी सुनाई दे!
Updated: December 23, 2011
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश‘ हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से 1947 में आजाद हुआ था। आजादी के साथ-साथ हमने विभाजन के अभी रिस रहे घाव…
Read more
प्रयोग की जगह कमियों को दूर करने की पहल हो
Updated: December 23, 2011
-सतीश सिंह नये प्रयोग के खतरों के प्रति चिंता स्वाभाविक है। शिक्षा के मामले में ये खतरे और भी संवेदनशील हो जाते हैं। पर इन…
Read more
बाढ़ से कराहती मानवता
Updated: December 23, 2011
प्रलंयकारी बाढ़ के कारणों के स्थाई समाधान खोजने की जरूरत -संजय द्विवेदी कोई संकट अगर हर साल आता है तो क्या उसके स्थाई समाधान नहीं…
Read more
शासन व प्रशासन को चुनौती देती प्रलयकारी बारिश व बाढ़
Updated: December 23, 2011
-निर्मल रानी ग्रीष्म ऋतु में जब सूर्यदेवता अपने प्रचंड तेवर दिखाते हैं उस समय जनता उनके इस प्रकोप से त्राहि- त्राहि करने लग जाती है।…
Read more
जातिमुक्त समाज की जरुरत
Updated: December 23, 2011
-आर. एल. फ्रांसिस जनगणना में जाति को शामिल किया जाए या नहीं, इस बात का निर्णय करने के लिए संप्रग सरकार ने मंत्रियों के एक…
Read more
पानी पर पाकिस्तान का झूठा प्रलाप
Updated: December 23, 2011
– पंकज चतुर्वेदी दुनियाभर में पानी का उपयोग जितना बढ़ रहा है उससे ज्यादा गति से दुनिया में जनसंख्या बढ़ रही है, और धीरे-धीरे दुनियाभर…
Read moreइट्ज ओनली हैप्पन इन इंडिया
Updated: December 23, 2011
-नवीन देवांगन लो एक और इंसान का जीते जी एक और मंदिर बन कर तैयार है। हमारी भावी पीढ़ी नारियल फूल माला ले कर इस…
Read more
ये है दिल्ली मेरी जान/हीरामन को हरा बाजी मार ही ले गया पाल
Updated: December 23, 2011
-लिमटी खरे पुरानी कहावतें और मुहावरे यूं ही नहीं बने थे, उनके पीछे निहितार्थ को समझना होगा। न जाने कब से किस काल से लोग…
Read more