राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान/कांग्रेस के चाणक्य का राजनैतिक सूर्य अस्ताचल की ओर!

ये है दिल्ली मेरी जान/कांग्रेस के चाणक्य का राजनैतिक सूर्य अस्ताचल की ओर!

बीसवीं सदी में देश प्रदेश की राजनीति में धूमकेतु की तरह उभरे कांग्रेस के चाणक्य कुंवर अर्जुन सिंह की स्थिति उनके ही चेलों ने बहुत…

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विश्ववार्ता 30 करोड़ हिट वाले ब्लॉगर ने चीन के शासकों की नींद उड़ा रखी है

30 करोड़ हिट वाले ब्लॉगर ने चीन के शासकों की नींद उड़ा रखी है

हन हन के ब्लॉग पर इस समय घमासान मचा है। इस नौजवान ने अपने विचारों की गरमी से चीन के शासकों की नींद उड़ा दी…

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मीडिया ”जब अखबार मुकाबिल हो तो बन्दूक निकालो”

”जब अखबार मुकाबिल हो तो बन्दूक निकालो”

राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर पत्रकारों के अनेक संगठन हैं। एनयूजे यानी नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इसे नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट भी कहा जा सकता…

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विश्ववार्ता लाडेन ही नहीं हाफिज सईद का भी प्रेरक है सऊदी अरब

लाडेन ही नहीं हाफिज सईद का भी प्रेरक है सऊदी अरब

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले दिनों अपने एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ सऊदी अरब की यात्रा की। लगभग 25 वर्षों के बाद किसी भारतीय…

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महिला-जगत महिला सशक्तिकरण: कितनी हकीकत कितना फसाना

महिला सशक्तिकरण: कितनी हकीकत कितना फसाना

महिला सशक्तिकरण की दिशा में हालांकि दुनिया के कई देश कई महत्वपूर्ण उपाय कांफी पहले कर चुके हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि…

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मीडिया मीडिया और राजनीति- अंतर्सम्बन्ध

मीडिया और राजनीति- अंतर्सम्बन्ध

मीडिया में प्रिंट हो या इलेक्टनॅनिक दोनों के विषय में जन मानस के बीच अनेक प्रकार के विचार सुनने को मिलते हैं, कोई इसे वर्तमान…

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प्रवक्ता न्यूज़ ‘जनवाणी’ से ‘सत्ता की वाणी’ तक का सफर…

‘जनवाणी’ से ‘सत्ता की वाणी’ तक का सफर…

मीडिया पर आये दिन सवाल खड़े हो रहे हैं, विश्वसनीयता भी कम हुई है। बाजारीकरण का मीडिया पर खासा प्रभाव देखने को मिल रहा है।…

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राजनीति क्यों पाला जा रहा है कसाब को!!

क्यों पाला जा रहा है कसाब को!!

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर अब तक के सबसे बडे आतंकी हमले के इकलौते जिन्दा आतंकी अजमल कसाब को भारत सरकार सर माथे पर…

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पर्यावरण जलवायु प्रश्न

जलवायु प्रश्न

धरती की जलवायु पर कोपेनहेगन सम्मेलन (7–18 दिसंबर ’09) खत्म हो गया। सम्मेलन के अंदर और बाहर, सभी जगह बेहिसाब उत्तेजना रही। उत्तेजना के मूल…

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साहित्‍य हिन्दी के लेखक संगठनों में दरबारी संस्कृति

हिन्दी के लेखक संगठनों में दरबारी संस्कृति

उनकी आलोचना करो तो नाराज हो जाते हैं और प्रशंसा करो तो फूलकर कुप्पा हो जाते हैं। वे चाहते हैं सच को किंतु प्यार करते…

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व्यंग्य Default Post Thumbnail

व्यंग्य/ देश के फ्यूचर का सवाल है बाबा!

ऐक्चुअली मैं उनका खासमखास तबसे हुआ जबसे मैंने चुनाव में उनके नाम भारी जाली मतदान सफलतापूर्वक करवाया था और वे भारी मतों से जीते थे।…

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राजनीति माओवादी नेताओं के साथ आम अपराधियों जैसा व्यवहार हो

माओवादी नेताओं के साथ आम अपराधियों जैसा व्यवहार हो

बिहार के गया जिले में टिकारी प्रखंड कार्यालय से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर बारा नाम का एक गांव है। उसी गांव में 12…

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