राजनीति ठाकरे के दरबार में पवार!

ठाकरे के दरबार में पवार!

केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने शिवसेना के सुप्रीमो बाला साहेब ठाकरे के आवास ”मातोश्री” की चौखट चूमकर साबित कर दिया है कि देश में…

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प्रवक्ता न्यूज़ चल रही ज्ञान पर एकाधिकार की साजिशः सुलभ

चल रही ज्ञान पर एकाधिकार की साजिशः सुलभ

कथादेश के संपादक हरिनारायण को बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिलभारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान बिलासपुर। कथाकार एवं संस्कृतिकर्मी ह्रषिकेश सुलभ का कहना है कि भूमंडलीकरण के युग…

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पर्यावरण पानी के लिए लोग होंगे पानी-पानी – संतोष सारंग

पानी के लिए लोग होंगे पानी-पानी – संतोष सारंग

आज विश्व की लगभग एक अरब आबादी को जल के लिए तरसना पड़ रहा है। भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान, ब्राजील जैसे तमाम विकासशील देशों में लाखों…

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राजनीति सियासत की अपनी अलग इक जुबां है…

सियासत की अपनी अलग इक जुबां है…

राजनीति को नि:संदेह मानवता, देश तथा समाज के कल्याण हेतु सर्वोत्तम माध्यम कहा जा सकता है। बशर्ते कि राजनीति पूरी तरह ईमानदाराना, पारदर्शी, विकासोन्मुख तथा…

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विविधा लोकतंत्र में धनकुबेर बनते नौकरशाह

लोकतंत्र में धनकुबेर बनते नौकरशाह

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में तीन आईएएस अफसरों सहित कई अन्य सरकारी मुलाज़िमों के ठिकानों पर इन्कम टैक्स के छापों में अब तक करीब 500 करोड़…

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सिनेमा शाहरुख खान एक्टविस्ट नहीं है राजदीप सरदेसाई

शाहरुख खान एक्टविस्ट नहीं है राजदीप सरदेसाई

हिन्दी फिल्मों के बादशाह शाहरूख खान की नई फिल्म ‘माई नेम इज़ खान’ आज सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो गई। शाहरूख का कसूर है कि उन्होंने…

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व्यंग्य Default Post Thumbnail

व्यंग्य/ एक सफल कार्यक्रम

पहली बार हिमालय के हिमपात के मौसम और अपनी गुफा को अकेला छोड़ गौतम और भारद्वाज मुनि दिल्ली सरकार के राज्य अतिथि होकर राजभवन में…

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पर्यावरण पर्यावरणवादियों के तर्कशास्त्र के परे

पर्यावरणवादियों के तर्कशास्त्र के परे

पर्यावरण के प्रति उत्तर-आधुनिकों का रवैया मिथकीय और विज्ञान विरोधी है। पर्यावरण को ये लोग पूंजीवाद के आम नियम से पृथक् करके देखते हैं। कायदे…

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विविधा गांधी जी, संघ और हम

गांधी जी, संघ और हम

‘बापू हम शर्मिन्दा हैं…’ शीर्षक से उनके बलिदान-दिवस पर जैसी एकांगी, तथ्यों के विपरीत टिप्पणियाँ एक दैनिक समाचारपत्र में प्रकाशित हुई हैं, उन्हें पढ़कर किसी…

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कविता कविता : अब हैरान हूँ मैं ….

कविता : अब हैरान हूँ मैं ….

जीवन की इस भीड़ भरी महफ़िल में, एक ठहरा हुआ सा वीरान हूँ मै, क्यों आते हो मेरे यादों के मायूस खंडहरों में , अब…

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विविधा प. दीनदयाल उपाध्याय और राष्ट्र जीवन-दर्शन

प. दीनदयाल उपाध्याय और राष्ट्र जीवन-दर्शन

विलक्षण बुद्धि, सरल व्यक्तित्व एवं नेतृत्व के अनगिनत गुणों के स्वामी , प. दीनदयाल उपाध्याय जी की हत्या सिर्फ 52 वर्ष की आयु में 11…

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विविधा पुण्यतिथि 11 फरवरी पर विशेष : आधुनिक राजनीति में सिद्धान्तनिष्ठता व शुचिता के राजदूत पं. दीनदयाल उपाध्याय

पुण्यतिथि 11 फरवरी पर विशेष : आधुनिक राजनीति में सिद्धान्तनिष्ठता व शुचिता के राजदूत पं. दीनदयाल उपाध्याय

राजनीति ने राष्ट्र-जीवन में कुछ ऐसे दोष उत्पन्न कर दिये हैं जो हमारे लिये अभिशाप बन गये हैं। जातिवाद, सिध्दान्तहीनता, पदलोलुपता, वैमनस्यता और अनुशासनहीनता सर्वत्र…

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