मानवाधिकार विषय को न्यायसंगत करने की आवश्यकता
Updated: December 25, 2011
हमारे देश में मानव अधिकारों का बहुत ध्यान रखा जाता है, हां ये अलग बात है कि यहाँ मानव का उतना ध्यान कोई नहीं रखता।…
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हाइपररीयल मोदी की इमेजों का तर्कशास्त्र
Updated: December 25, 2011
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में गुजरात के ब्राँड एम्बेसडर के रुप में अमिताभ बच्चन की स्वीकृति हासिल करके कमाल किया है,…
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राहुल का गुब्बारा तो मीडिया ने फुलाया है…
Updated: December 25, 2011
प्रवक्ता पर पंकजजी का लिखा ‘खिसियायें नहीं सीखें राहुल गांधी से’ और संजयजी का ‘सडक पर उतरा शहजादा’ लेख पढा। लेखक ने वास्तविकता को नजरअंदाज किया…
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फिर शिव सेना, मनसे, कांग्रेस और राष्ट्रद्रोहियों में अन्तर ही क्या रह जायेगा…
Updated: December 25, 2011
आज देखा जाये तो महाराष्ट्र में संकीर्ण राजनीति की मैराथान दौड़ प्रतियोगिता चल रही है जिस में प्रमुख प्रतियोगी हैं राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण…
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खिसियायें नहीं सीखें राहुल गांधी से
Updated: December 25, 2011
अभी-अभी प्रवक्ता पर राहुल गांधी से सम्बंधित एक आलेख और उस पर आये दो प्रतिक्रिया ने तुरत ही कुछ कहने को विवश किया है. उस…
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भारत में चर्च का मतांतरण अभियान और विदेशी शक्तियाँ
Updated: December 25, 2011
2008 में जन्माष्टमी के दिन स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती की ओडीसा के कंधमाल जिला में चर्च ने माओवादियों की सहायता से हत्या कर दी थी। स्वामी…
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ये है दिल्ली मेरी जान: संगीन नहीं सपेरों के साए में रहेंगे भाजपाई
Updated: December 25, 2011
अमूमन देश के जनसेवक या जनसेवक बनने की चाह वाले लोगों का संगीनों के साए में रहना पुराना शगल रहा है, इतिहास में संभवत: यह…
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साम्प्रदायिक हिंसाचार के कवरेज की सामाजिक परिणतियां
Updated: December 25, 2011
साम्प्रदायिक हिंसाचार की टेलीविजन पर प्रत्यक्ष प्रस्तुति साम्प्रदायिक विवाद और ध्रुवीकरण को तेज करती है। चैनलों को चिंता है कि घटना को सीधे या लाइव…
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सड़क पर उतरा शहजादा
Updated: December 25, 2011
सत्ता में विराजने के बजाए कांग्रेस में नई जान फूंकने उतरे राहुल वे कहते हैं उन्हें युवराज मत कहिए पर लोग तो उन्हें यही मानते…
Read moreसेकुलरियाए बौद्धिकदां क्या नहीं जानते-पूरब में उगता है सूरज, पश्चिम में लय होता
Updated: December 25, 2011
‘बारामासा’, नवभारत टाइम्स और सरिता प्रेमियों समेत तमाम नेटवर्गीय सेकुलर बौद्धिकों का भारत विरोधी राग तीव्र हो गया है। भारत विरोधी इसलिए क्योंकि जिसे यह…
Read moreकहाँ हैं वे निष्पक्ष, निर्भीक विचारक?-हरिकृष्ण निगम
Updated: December 25, 2011
सारी दुनियां में भारत अकेला देश है जहाँ आज अंग्रेजी लेखन से जुड़े कुछ ऐसे विचारक हैं जिनकी हीनता-ग्रंथि इतनी स्पष्ट और मुखर है कि…
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देने के भाव से बढ़ता है प्रेम
Updated: December 25, 2011
प्रेम से लड़ने के लिए अलगाव से लड़ना बेहद जरूरी है। हमें इस प्रेम से उबरने का प्रयास करना चाहिए। एरिक ने लिखा इस लक्ष्य…
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