राजनीति राहुल का गुब्‍बारा तो मीडिया ने फुलाया है…

राहुल का गुब्‍बारा तो मीडिया ने फुलाया है…

प्रवक्‍ता पर पंकजजी का लिखा ‘खिसियायें नहीं सीखें राहुल गांधी से’ और संजयजी का ‘सडक पर उतरा शहजादा’ लेख पढा। लेखक ने वास्‍तविकता को नजरअंदाज किया…

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राजनीति फिर शिव सेना, मनसे, कांग्रेस और राष्ट्रद्रोहियों में अन्तर ही क्या रह जायेगा…

फिर शिव सेना, मनसे, कांग्रेस और राष्ट्रद्रोहियों में अन्तर ही क्या रह जायेगा…

आज देखा जाये तो महाराष्ट्र में संकीर्ण राजनीति की मैराथान दौड़ प्रतियोगिता चल रही है जिस में प्रमुख प्रतियोगी हैं राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण…

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राजनीति खिसियायें नहीं सीखें राहुल गांधी से

खिसियायें नहीं सीखें राहुल गांधी से

अभी-अभी प्रवक्ता पर राहुल गांधी से सम्बंधित एक आलेख और उस पर आये दो प्रतिक्रिया ने तुरत ही कुछ कहने को विवश किया है. उस…

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धर्म-अध्यात्म भारत में चर्च का मतांतरण अभियान और विदेशी शक्तियाँ

भारत में चर्च का मतांतरण अभियान और विदेशी शक्तियाँ

2008 में जन्माष्टमी के दिन स्वामी लक्ष्मणानन्द सरस्वती की ओडीसा के कंधमाल जिला में चर्च ने माओवादियों की सहायता से हत्या कर दी थी। स्वामी…

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राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान: संगीन नहीं सपेरों के साए में रहेंगे भाजपाई

ये है दिल्ली मेरी जान: संगीन नहीं सपेरों के साए में रहेंगे भाजपाई

अमूमन देश के जनसेवक या जनसेवक बनने की चाह वाले लोगों का संगीनों के साए में रहना पुराना शगल रहा है, इतिहास में संभवत: यह…

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विविधा साम्प्रदायिक हिंसाचार के कवरेज की सामाजिक परिणतियां

साम्प्रदायिक हिंसाचार के कवरेज की सामाजिक परिणतियां

साम्प्रदायिक हिंसाचार की टेलीविजन पर प्रत्यक्ष प्रस्तुति साम्प्रदायिक विवाद और ध्रुवीकरण को तेज करती है। चैनलों को चिंता है कि घटना को सीधे या लाइव…

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राजनीति सड़क पर उतरा शहजादा

सड़क पर उतरा शहजादा

सत्ता में विराजने के बजाए कांग्रेस में नई जान फूंकने उतरे राहुल वे कहते हैं उन्हें युवराज मत कहिए पर लोग तो उन्हें यही मानते…

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सेकुलरियाए बौद्धिकदां क्या नहीं जानते-पूरब में उगता है सूरज, पश्चिम में लय होता

‘बारामासा’, नवभारत टाइम्स और सरिता प्रेमियों समेत तमाम नेटवर्गीय सेकुलर बौद्धिकों का भारत विरोधी राग तीव्र हो गया है। भारत विरोधी इसलिए क्योंकि जिसे यह…

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कहाँ हैं वे निष्पक्ष, निर्भीक विचारक?-हरिकृष्ण निगम

सारी दुनियां में भारत अकेला देश है जहाँ आज अंग्रेजी लेखन से जुड़े कुछ ऐसे विचारक हैं जिनकी हीनता-ग्रंथि इतनी स्पष्ट और मुखर है कि…

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विविधा देने के भाव से बढ़ता है प्रेम

देने के भाव से बढ़ता है प्रेम

प्रेम से लड़ने के लिए अलगाव से लड़ना बेहद जरूरी है। हमें इस प्रेम से उबरने का प्रयास करना चाहिए। एरिक ने लिखा इस लक्ष्य…

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राजनीति यदि शाहरुख़ ख़ान पाक जेहादी एजेंट फिर राष्ट्रवादी मुसलमान कौन?

यदि शाहरुख़ ख़ान पाक जेहादी एजेंट फिर राष्ट्रवादी मुसलमान कौन?

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के विरोध में देश की कई अतिवादी शक्तियां एकजुट हो गई हैं। इन शक्तियों द्वारा शाहरुंख के विरोध का कारण…

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पर्यावरण जनाधिकार है पर्यावरण

जनाधिकार है पर्यावरण

आज समय की मांग है कि विश्व के प्रति ऐसा दृष्टिकोण अपनाया जाए, जो मानव जाति की एकता, समाज और प्रकृति में समन्वय के सिध्दान्त…

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