मीडिया पत्रकारिता के खोते मापदंड

पत्रकारिता के खोते मापदंड

बीसवीं सदी में सूचना क्रांति के विस्फोट के साथ-साथ पत्रकारिता का बहुविधा विकास हुआ है। लगभग 62483 पंजीकृत अखबारों और 600 से अधिक समाचार चैनलों…

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विविधा हरियाणा से विशेष : हरियाणा के ग्रामीण अंचल पर मोहित पर्यटक

हरियाणा से विशेष : हरियाणा के ग्रामीण अंचल पर मोहित पर्यटक

हरियाणा में प्राकृतिक दृष्टि से पर्यटन स्थलों का अभाव रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां ऐसे पर्यटक स्थलों का विस्तार किया गया है, जिसके कारण…

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समाज रंभाती संस्कृति को भूलता समाज

रंभाती संस्कृति को भूलता समाज

गो-माता के विषय में यह तर्क देने की आवश्यकता हिन्दू समाज को नहीं है कि उससे हमको क्या-क्या फायदे हैं। समाचार-पत्र और पत्रिकाएं संभवतः स्मृतिहीन…

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प्रवक्ता न्यूज़ खतरे में है चौथा स्तम्भ

खतरे में है चौथा स्तम्भ

माना जाता है कि देश चार स्तम्भों पर खडा है, जिसमें पहला स्तम्भ विधायिका, दूसरा कार्यपालिका, तीसरा न्यायपालिका और चौथा स्तम्भ मीडिया को माना जाता…

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प्रवक्ता न्यूज़ हरियाणा से विशेष : देहात में नई इबारत लिखता ‘एफ़एम’

हरियाणा से विशेष : देहात में नई इबारत लिखता ‘एफ़एम’

आदि अदृश्य नदी सरस्वती के तट पर बसे हरित प्रदेश हरियाणा ने हरित क्रांति के क्षेत्र में तो हमेशा से ही अपना लोहा मनवाया है,…

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पर्यावरण बिगड़ते पर्यावरण से बढ़ेगा पलायन

बिगड़ते पर्यावरण से बढ़ेगा पलायन

तेजी से बिगड़ता पर्यावरण पूरी दुनिया के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। यह जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ती चिंता ही है कि दुनिया…

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समाज जातिवाद की आग में झुलस सकता है देश

जातिवाद की आग में झुलस सकता है देश

मुगलों और अंग्रेजों के आक्रमण के बाद आजाद हुए छ: दशक से ज्यादा समय बीत चुका है किन्तु देश से जाति के नाम पर वैमनस्य…

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राजनीति क्या अभी तक पराया था मध्य प्रदेश !

क्या अभी तक पराया था मध्य प्रदेश !

एक नवम्बर को सुबह-सुबह भोपाल के एक वरिष्ठ पत्रकार मित्र ने फ़ोन पर कहा कि, देखो मध्य प्रदेश में अब तक काफी शांति थी. अब…

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समाज अब कहाँ नींद खुलती है गौरैया के साथ

अब कहाँ नींद खुलती है गौरैया के साथ

पाठकों आप में से कई लोगों को याद भी नहीं होगा कि आखिरी बार गौरैया कब देखा था, नई पीढी के बच्चों ने तो केवल अपनी…

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विविधा इतिहास के इतिहास की भारतीय दृष्टि

इतिहास के इतिहास की भारतीय दृष्टि

भारत में ‘इतिहास के इतिहास’ पर बहसें चलती हैं। यूरोपीय विद्वान भारत पर इतिहास की उपेक्षा का आरोप लगाते हैं। एलफिन्सटन को सिकंदर के हमले…

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व्यंग्य धनंजय के तीर/ ……..और अब लेखक लैंड??

धनंजय के तीर/ ……..और अब लेखक लैंड??

महीने बाद सरकारी टूअर के बहाने मस्ती मारकर घर में कदम रखा भर ही था कि पत्नी ने सांस लेने से पहले ही खबर तमाचे…

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समाज नारी तुम केवल श्रद्घा थी…….!

नारी तुम केवल श्रद्घा थी…….!

नयनतारा सहगल की योरोप यात्रा के दौरान उनके पहनावे (साड़ी) को देखकर आश्चर्य व्यक्त करते हुए एक अंग्रेज ने उनसे पूछा था, आपके इस ड्रेस…

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