कविता अवमूल्यन : कविता – सतीश सिंह

अवमूल्यन : कविता – सतीश सिंह

पता नहीं कब और कैसे धूल और धुएं से ढक गया आसमान सागर में मिलने से पहले ही एक बेनाम नदी सूख़ गई एक मासूम…

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मंहगायी की अर्थी निकालने वाले भाजपायियों की भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुप्पी चर्चित

नगर भाजपा ने अध्यक्ष एवं पार्षद सुजीत जैन के नेतृत्व में मंहगाई की शवयात्रा निकाल कर विरोध प्रर्दशन किया। इस अवसर पर विधायक नीता पटेरिया,पालिकाध्यक्ष…

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विधायक नीता पटेरिया के विरोध के बाद भी पेंच का बाघ पन्ना भेजा गया

आखिर पेंच का बाघ पन्ना चला ही गया। इसे पन्ना ना ले जाने का व्यापक स्तर पर स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया लेकिन किसी…

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व्यंग्य अब आगे देखेंगे हम लोग : व्यंग्य – अशोक गौतम

अब आगे देखेंगे हम लोग : व्यंग्य – अशोक गौतम

धुन के पक्के विक्रमार्क से जब रामदीन की पत्नी की दशा न देखी गई तो उसने महीना पहले घर से बाजार आटा दाल लेने गए…

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कविता पाती : कविता – सतीश सिंह

पाती : कविता – सतीश सिंह

पाती मोबाईल और इंटरनेट के ज़माने में  भले ही हमें नहीं याद आती है पाती   पर आज़ भी विस्तृत फ़लक सहेजे-समेटे है इसका जीवन-संसार…

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राजनीति चोर की मां को मारिये पहले – पंकज झा

चोर की मां को मारिये पहले – पंकज झा

झारखंड प्रकरण पर ..  आपने चोर और उसकी मां की कहानी सुनी होगी. ये उस ज़माने की बात है जब चोरी-डकैती के लिए मृत्युदंड का प्रावधान…

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लेख पत्रकारिता के कुमार गंधर्व थे जोशीजी – अजीत कुमार

पत्रकारिता के कुमार गंधर्व थे जोशीजी – अजीत कुमार

मुझसे मेरे मित्र ने कहा कि अजीत प्रभाष जी पर कुछ लिख दो। लेकिन उसके कहने के तकरीबन 12 घंटे बीत जाने के बाद भी…

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राजनीति शिव बनने लगे हैं ‘राज’ – लिमटी खरे

शिव बनने लगे हैं ‘राज’ – लिमटी खरे

मध्य प्रदेश के सूबेदार शिवराज सिंह चौहान अब राज ठाकरे और शीला दीक्षित के नक्शे कदम पर चलते दिख रहे हैं। सूबाई हुकूमत को बरकरार…

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कविता प्रोफेशनल

प्रोफेशनल

कुछ भी दिल से नहीं लगाते इसलिए हैं अपने काम के प्रति बहुत ही प्रतिबध्द। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसी भी हद को पार…

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टॉप स्टोरी भारतीय क्रांति परम्परा की यात्रा – जयप्रकाश सिंह

भारतीय क्रांति परम्परा की यात्रा – जयप्रकाश सिंह

भारत में व्यवस्था परिवर्तन की विशेष वैचारिक-सांस्कृतिक परम्परा रही है। यह ऐसी परम्परा है जिसमें व्यवस्था परिवर्तन का मतलब सत्ता परिवर्तन नहीं होता अपितु शाश्वत…

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टॉप स्टोरी महंगाई पर हायतौबा न मचायें

महंगाई पर हायतौबा न मचायें

मंहगाई प्रति दिन बढ़ रही है। फिर भी योज़ना आयोग के अध्यक्ष श्री मोंटेक सिंह आहूलवालिया साहब का कहना है कि महंगाई को लेकर आम…

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टॉप स्टोरी इसी दिन गोलियों से भून दिए गए थे गो-भक्त – गिरीश पंकज

इसी दिन गोलियों से भून दिए गए थे गो-भक्त – गिरीश पंकज

७ नवम्बर ऐसी मनहूस तारीख है, जिसे याद कर के आखें भर आती है. यही वह दिन है जिस दिन दिल्ली में गो-भक्तों पर गोलियाँ…

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