राजनीति ममता और वामपंथी मिलकर गढ़ेंगे सेकुलरिज़्म की परिभाषा…

ममता और वामपंथी मिलकर गढ़ेंगे सेकुलरिज़्म की परिभाषा…

राष्ट्रीय अखबारों में सिर्फ़ पायनियर और स्टेट्समैन ने इन खबरों को प्रमुखता से छापा, जबकि "राष्ट्रीय" कहे जाने वाले भाण्ड चैनल दिल्ली की फ़र्जी बाढ़,…

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समाज श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन : राष्ट्रीय अस्मिता की अभिव्यक्ति

श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन : राष्ट्रीय अस्मिता की अभिव्यक्ति

– विनायकराव देशपाण्डे श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन केवल हिन्दू मुस्लिम संघर्ष नहीं, मंदिर-मस्जिद विवाद नहीं यह राष्ट्रीयता बनाम अराष्ट्रीय का संघर्ष है। राष्ट्र माने केवल भू…

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समाज क्या इस बार अयोध्या मसले का हल होगा?

क्या इस बार अयोध्या मसले का हल होगा?

-पंकज चतुर्वेदी इस समय सारे देश की निगाहें उत्तर-प्रदेश पर टिकी है, संभवता २४ सितम्बर को देश सबसे संवेदनशील राम जन्म-भूमि विवाद का कोई ठोस,…

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आतंकवाद की शब्दावली में नया शब्द भगवा आतंकवाद?

– डा. रमेश शर्मा कुछ समय से एक नूतन शब्द ‘भगवा आतंकवाद’ समाज के सामने परोसा जा रहा है। इसे हिन्दु आतंकवाद, भगवा ब्रिगेड, सैफरन…

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राजस्‍थान: बेलगाम नौकरशाही को लूट की छूट!

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ भाजपा की वसुन्धरा राजे सरकार को भ्रष्ट और भू-माफिया से साठगांठ रखने वाली सरकार घोषित करके जनता से विकलांग समर्थन हासिल…

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…बारीक न देखो, राहुल का सिक्का चल निकला है!

-राकेश उपाध्याय वह जीन्स की पैंट और टीशर्ट पहनते हैं और खादी के कुर्ते भी, उन पर दोनों ही खूब फबता है। दक्षिणपंथी राजनीतिज्ञ और…

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मुस्लिम तुष्टिकरण

-जगत मोहन जिस देश का गृहमंत्री अपने ही देश के बहुसंख्यक समाज को आतंकवादी कहे जबकि वह उसी समाज का हिस्सा है, तो यह सोचना…

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गरीबों के खेत, अमीरों के पेट

-देवाशीष मिश्रा पिछले कुछ समय से दो खबरों से जुड़ी बातें लगातार अखबारों और इलेक्ट्रानिक चैनलों में जोर-शोर से आ रहीं हैं। एक बढ़ती मँहगाई…

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पर्यावरण प्राकृतिक कम, मानव निर्मित अधिक हैं बाढ़ के कारण

प्राकृतिक कम, मानव निर्मित अधिक हैं बाढ़ के कारण

-तनवीर जाफ़री ग्लोबल वार्मिंग संबंधी समाचारों को सुन-सुन कर पूरा विश्व चिंतित हो उठा है। ग्लेशियर कालगातार पिघलना,समुद्र के जलस्तर का बढ़ना, सूखा, बाढ़ जैसी…

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शिक्षा, संस्कृति और समाज…

-राजीव बिश्‍नोई प्रेम को परिभाषित करना वर्तमान परिदृश्‍य में मुश्किल है। चूँकि हर रोज इस बात पर बहस ज्यादा हो रही है कि क्या प्रेम…

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व्यंग्य/ हिंदी ! तेरा पखवाड़ा अमृत!!

-अशोक गौतम जो हाल शांति की तलाश में कस्तूरा हो भटक रहे मेरे शहर में किसी ऐरे गैरे नत्थू खैरे बाबा के आने पर भक्तिमय…

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आओ मनाएं हिन्दी दिवस

हर्ष ही नहीं गर्व का विषय है हिन्दी विश्‍व मंच पर एक अग्रणी भाषा है। विश्‍व के अनेक देश हिन्दी को पाठयक्रम में पढ़ाए जाने…

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