व्यंग्य दिवाली पर लक्ष्मी जाती है, आती नही ?

दिवाली पर लक्ष्मी जाती है, आती नही ?

            आत्माराम यादव पीवसमुद्र मथने से लक्ष्मी समुद्र से निकली और बाहर आयी। बाहर का तात्पर्य जमीन पर नहीं क्षीरसागर…

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कला-संस्कृति गुणात्मक समृद्धि की अमृतवर्षा का पर्व है धनतेरस

गुणात्मक समृद्धि की अमृतवर्षा का पर्व है धनतेरस

धनतेरस- 10 नवम्बर, 2023-ललित गर्ग- दीपावली से जुड़े पांच पर्वों में दूसरा महत्वपूर्ण पर्व है धनतेरस। धनतेरस के दिन भगवान धनवंतरी और मां लक्ष्मी की पूजा…

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कला-संस्कृति देवताओं को अमृतपान कराकर अमर किया था धन्वंतरि ने

देवताओं को अमृतपान कराकर अमर किया था धन्वंतरि ने

आयुर्वेद के जन्मदाता है धन्वंतरि– योगेश कुमार गोयलदीवाली से दो दिन पूर्व ‘धनतेरस’ नामक त्यौहार मनाया जाता है, जो इस वर्ष 10 नवम्बर को मनाया…

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विविधा अरण्य संस्कृति के सांस्कृतिक अग्रदूत..!

अरण्य संस्कृति के सांस्कृतिक अग्रदूत..!

~कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल भारत वर्ष के पूर्व से पश्चिम -उत्तर से दक्षिण चारों दिशाओं में निवासरत जनजातीय समाज अपनी बहुरंगी-अनूठी सांस्कृतिक विरासत से  भारत एवं…

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लेख  मिलावटख़ोरी देश के लिये कलंक

 मिलावटख़ोरी देश के लिये कलंक

निर्मल रानी   वैसे तो जब भी भारत में मनाये जाने वाले प्रमुख त्यौहार क़रीब आते हैं उस समय खाद्य सामग्री विशेषकर दूध,घी,पनीर में व इनसे…

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कविता अगर ब्राह्मणवाद बुरा है तो बहुजनवाद भला कैसे?

अगर ब्राह्मणवाद बुरा है तो बहुजनवाद भला कैसे?

—विनय कुमार विनायक ये कैसी है दोयम दर्जे की घृणित मानसिक प्रवृत्ति कि एक तरफ सीता राम को मान रहे काल्पनिक मगर राम द्वारा शूद्र…

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लेख गांव में बदलती स्वास्थ्य सेवाएं

गांव में बदलती स्वास्थ्य सेवाएं

आरतीबीकानेर, राजस्थान अक्सर यह माना जाता है कि कोई भी सरकारी योजनाएं अथवा बुनियादी सुविधाएं देश में एक समान लागू तो की जाती है, लेकिन…

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पर्यावरण ग्लोबल वार्मिंग की 1.5°C की सीमा ख़तरे में, सरकारों का फ़ोस्सिल फ्यूल उत्पादन दोगुना करने का इरादा 

ग्लोबल वार्मिंग की 1.5°C की सीमा ख़तरे में, सरकारों का फ़ोस्सिल फ्यूल उत्पादन दोगुना करने का इरादा 

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित एक प्रमुख नई रिपोर्ट में पाया गया है कि दुनिया के विभिन्न देशों की सरकारें 2030 में ग्लोबल वार्मिंग में वृद्धि को 1.5 डिग्री सेल्सियस…

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कविता हे वीणापाणि आज इतना तो कीजिये

हे वीणापाणि आज इतना तो कीजिये

हे वीणापाणि आज इतना तो कीजिये तेरी वंदना कर सकु मुझे दो क्षण तो दीजिये दो पुष्प चरणों में धरू इंतजाम ऐसा कीजिये   अवशेष…

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कविता मनुष्य का ज्ञान हमेशा अपने माँ-पिता के ज्ञान से कम होता

मनुष्य का ज्ञान हमेशा अपने माँ-पिता के ज्ञान से कम होता

—विनय कुमार विनायक मनुष्य का ज्ञान हमेशा अपने माँ-पिता के ज्ञान से कम होता मनुष्य उम्र के साथ-साथ आवश्यकतानुसार ज्ञान अर्जन संवर्धन करता ज्ञान न…

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राजनीति चुनावी बॉन्डों में पारदर्शिता का सवाल

चुनावी बॉन्डों में पारदर्शिता का सवाल

–प्रो. रसाल सिंह लोकतांत्रिक शासन-प्रणाली में वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता एक अपरिहार्य आवश्यकता है। सबसे अधिक आबादी वाले लोकतंत्र भारत में चुनावी बॉन्ड के माध्यम…

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लेख शिक्षकों की कमी शिक्षा में बेहतर बदलाव के लिए बाधक

शिक्षकों की कमी शिक्षा में बेहतर बदलाव के लिए बाधक

फूलदेव पटेलमुजफ्फरपुर, बिहार शिक्षा के जरिए ही प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से अज्ञानता, अंधविश्वास एवं रूढ़िवादी सोच दूर होती है. व्यक्ति में वैज्ञानिक सोच और…

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