लेख कितना सफल हुआ है खुले में शौच से मुक्ति का अभियान?

कितना सफल हुआ है खुले में शौच से मुक्ति का अभियान?

खुशी यादवबीकानेर, राजस्थान कितनी विडंबना है कि आजादी के 75 साल बाद भी देश की एक बड़ी आबादी खुले में शौच के लिए मजबूर है.…

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राजनीति अब खत्म होना चाहिए कावेरी जल विवाद

अब खत्म होना चाहिए कावेरी जल विवाद

प्रमोद भार्गव कावेरी जल बंटवारे को लेकर दशकों से चला आ रहा विवाद अब थम जाना चाहिए। दरअसल शीर्ष न्यायालय ने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण…

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राजनीति क्या राजनीतिक में स्वच्छता का मोदी जादू चलेगा?

क्या राजनीतिक में स्वच्छता का मोदी जादू चलेगा?

– ललित गर्ग- देश में स्वच्छता अभियान से ज्यादा जरूरी हो गया राजनीतिक स्वच्छता अभियान। क्योंकि आजादी के अमृतकाल को अमृतमय बनाने के लिये राजनीति…

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राजनीति भारत में राष्ट्रवादी राजनीति ही अब सभी दलों की नियति

भारत में राष्ट्रवादी राजनीति ही अब सभी दलों की नियति

                                       मनोज ज्वाला      भारत गणराज्य का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बडा लोकतंत्र है । कई अर्थों में यह अन्य देशों के लोकतंत्र से विशिष्ट…

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राजनीति विराट सांस्कृतिक चेतना की पुनर्स्थापना का संकल्प : एक भारत श्रेष्ठ भारत

विराट सांस्कृतिक चेतना की पुनर्स्थापना का संकल्प : एक भारत श्रेष्ठ भारत

-डॉ. सौरभ मालवीय भारत एक विशाल राष्ट्र है। इसका निर्माण सनातन संस्कृति से हुआ है। अनेक संस्कृतियां भारत रूपी गुलदान में विभिन्न प्रकार के पुष्पों की भांति रही हैं। इसका अर्थ यह…

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पर्यावरण प्रकृति और मनुष्य के बीच है शाश्वत रिश्ता

प्रकृति और मनुष्य के बीच है शाश्वत रिश्ता

संस्कृत में कहा गया है -‘शाश्वतम्, प्रकृति-मानव-सङ्गतम्,सङ्गतं खलु शाश्वतम्। तत्त्व-सर्वं धारकं, सत्त्व-पालन-कारकं, वारि-वायु-व्योम-वह्नि-ज्या-गतम्। शाश्वतम्, प्रकृति-मानव-सङ्गतम्।। अर्थात इसका भावार्थ यह है कि प्रकृति और मनुष्य के…

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राजनीति महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम  

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम  

नारी शक्ति वंदन अधिनियम -डॉ. प्रियंका नितिन वर्मा भारतीय जनता पार्टी की सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समय-समय पर…

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राजनीति आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा तय करे विश्व समुदाय

आतंकवाद की स्पष्ट परिभाषा तय करे विश्व समुदाय

आज 78 वर्षों का सफलता पूर्वक सफ़र तय कर चूका संयुक्त राष्ट्र संघ भी आतंकवाद को परिभाषित करने में नकाम रहा।इस समय विकास के दौर…

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कविता मोबाईल बीमारी लाया है

मोबाईल बीमारी लाया है

भूल चुके हो भावी चिंताएं, जब से मोबाइल हाथ आया है। घिर चुको हो समस्याओं में, संग ये कई बीमारी लाया है व्हाट्सएप-फेसबुक इंटरनेट ने,…

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व्यंग्य शिलान्यास पत्थर पर नाम चाहिये

शिलान्यास पत्थर पर नाम चाहिये

                            आत्‍माराम यादव मिस्टर प्रश्‍न कुमार दिखने में साफ-सुथरे है पर विडम्बनाओं…

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लेख कब होगा दहेज मुक्त समाज?

कब होगा दहेज मुक्त समाज?

तनुजा भंडारीगरुड़, उत्तराखंड आज़ादी के 75 साल में देश में बहुत कुछ बदलाव आ चुका है. कृषि से लेकर तकनीक तक के मामले में हम…

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मनोरंजन वहीदा रहमान के उत्कृष्ट अभिनय का कायल है जमाना

वहीदा रहमान के उत्कृष्ट अभिनय का कायल है जमाना

– ललित गर्ग – एक परम्परागत भारतीय स्त्री को जिन मानवीय मूल्यों के साथ देखा जाता रहा है, हिन्दी फिल्मों में वहीदा रहमान स्त्री के…

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