राजनीति दृश्य देख विध्वंश का धरती भय से थर्राती है !

दृश्य देख विध्वंश का धरती भय से थर्राती है !

युद्ध किसी भी समस्या का कभी भी स्थाई समाधान नहीं होता है। युद्ध में केवल और केवल विध्वंस है,आग है,धमाका है,खून है, चीत्कारें हैं। युद्ध…

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कविता बात मुझे क्यों नहीं बताती ?

बात मुझे क्यों नहीं बताती ?

सुबह-सुबह से चें-चें चूँ-चूँ,खपरैलों पर शोर मचाती।मुर्गों की तो याद नहीं है,गौरैया थी मुझे जगाती। चहंग-चंहंग छप्पर पर करती,शोर मचाती थी आँगन में।उस की चपल…

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कविता   आओ ! थोड़ा मुस्कुरा लेते हैं 

  आओ ! थोड़ा मुस्कुरा लेते हैं 

        प्रभुनाथ शुक्ल देखो ! दुनिया कितनी बदल गई है ना सबको तो बस ! अपनी ही पड़ी है दूसरे की कोई…

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कविता हे मानव अपनी दुर्गति के लिए ईश्वर को कसूरवार नहीं ठहराना

हे मानव अपनी दुर्गति के लिए ईश्वर को कसूरवार नहीं ठहराना

—विनय कुमार विनायक हे मानव अपनी दुर्गति के लिए ईश्वर खुदा रब को कसूरवार नहीं ठहराना ईश्वर ने सद्गति का पूरा सरंजाम कर दिया है!…

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कविता बटुये में दाल

बटुये में दाल

प्रभुदयाल श्रीवास्तव दाल खदबदाएगी,खूब महक आएगी।मन मयूर नाचेगा,नाक बहक जाएगी।खुशियों से मत पूछो,क्या होगा हाल।शम्मी ने मोहन ने,रम्मी ने खाई है।अम्मा को बापू को,बहुत- बहुत…

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पर्यावरण जुलाई में दुनिया की 81 फीसद आबादी ने जलवायु परिवर्तन के कारण झेली भीषण गर्मी

जुलाई में दुनिया की 81 फीसद आबादी ने जलवायु परिवर्तन के कारण झेली भीषण गर्मी

एक के बाद एक वैज्ञानिक सबूत हमारे सामने आते जा रहे हैं जो साफ कर रहे हैं कि बीती जुलाई मानव इतिहास, या उससे पहले…

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कविता सोच में सुधार करो सोच से ही मानव या दानव बनता

सोच में सुधार करो सोच से ही मानव या दानव बनता

—विनय कुमार विनायक सोच में सुधार करो सोच से ही मानव या दानव बनता एक सोच वह भी थी जिससे पर्सिया और गांधार में शिक्षा…

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रेडियो कागज से उतर कर आवाज की दुनिया में ‘कर्मवीर’

कागज से उतर कर आवाज की दुनिया में ‘कर्मवीर’

मनोज कुमार स्वाधीनता संग्राम के प्रतापी योद्वा पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का लब्ध प्रतिष्ठित प्रकाशन ‘कर्मवीर’ आजादी के 75 वर्ष गुजर जाने के बाद भी भारतीय…

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लेख मुंशी प्रेमचंद का साहित्य एवं वर्तमान में तैरते प्रश्न

मुंशी प्रेमचंद का साहित्य एवं वर्तमान में तैरते प्रश्न

―कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल  आज प्रश्न -प्रतिप्रश्न उठते हैं कथाकार कैसा हो?उसका लेखन कैसा है? किन्तु हमारे हिन्दी साहित्य में एक ऐसा साहित्यकार हुआ जो सभी…

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राजनीति नार्को आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान।

नार्को आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा पाकिस्तान।

काफी समय पहले निर्देशक अभिषेक चौबे की एक फिल्म आई थी -‘उड़ता पंजाब।’ यह फ़िल्म पंजाब में युवा आबादी द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग और…

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व्यंग्य खीर-पूड़ी नहीं वे हरी नोट खाते हैं 

खीर-पूड़ी नहीं वे हरी नोट खाते हैं 

                     प्रभुनाथ शुक्ल हम खाने के शौकीन हैं। एक से बढ़कर एक लजीज व्यंजन खाते हैं।…

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लेख सावधानी ही ‘आई फ्लू’ के संक्रमण से बचा सकती है

सावधानी ही ‘आई फ्लू’ के संक्रमण से बचा सकती है

हरीश कुमारपुंछ, जम्मू बारिश की वजह से देश के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति ने हालात को पटरी से उतार दिया है. नदियां-नाले सब…

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