लेख आखिर क्यों नदियां बनती हैं खलनायिकाएं?

आखिर क्यों नदियां बनती हैं खलनायिकाएं?

हाल के वर्षों में नदियों के पानी से डूबने वाले क्षेत्रों में शहरी बस्तियां बसने की रफ़्तार तेज़ हो गई है. इस कारण से भी…

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लेख आदिवासी समाज में भी बढ़ रहा है लैंगिक भेदभाव

आदिवासी समाज में भी बढ़ रहा है लैंगिक भेदभाव

प्रेम विजयधार, मध्य प्रदेश सदियों से आदिवासी समाज भले ही आर्थिक रूप से सशक्त नहीं हुआ है, लेकिन सामाजिक रूप से वह हमेशा सभ्य समाज…

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पर्यावरण गर्मी से राहत नहीं, आफत बन रही है मॉनसून की बारिश। वजह है जलवायु परिवर्तन।

गर्मी से राहत नहीं, आफत बन रही है मॉनसून की बारिश। वजह है जलवायु परिवर्तन।

बारिश की आमद गर्मी से राहत देने के लिए जानी जाती थी। मगर अब, यह राहत बन रही है आफत। भारत में चरम मौसम की…

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कविता क्या है जिंदगी?

क्या है जिंदगी?

डॉली गढ़ियापोथिंग, कपकोटबागेश्वर, उत्तराखंडदो पल की हसीन ये जिंदगीजिसे लफ़्ज़ों में बयां ना कर सके कोई,पल में जीना, पल में मरना जिसे पता न हो,वह…

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कविता सुनो, बरसात आयी रे !

सुनो, बरसात आयी रे !

अंजली शर्मामुजफ्फरपुर, बिहार बरसात का मौसम आया,सबके मन को भाया,कुछ लोगों को छोड़ो भाई,मैं भी हूं एक प्रेयसी तुम्हारी।तुम्हें देखते मैं हुई बावरी,सुनो, बरसात आई…

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कविता अगली पीढ़ी

अगली पीढ़ी

कह दो अगली पीढ़ी सेएक वक्त ऐसा भी आया था जहां सोच कैसी हो फ़र्क नहींपरम धर्म बस माया था पैसे वाला भगवान हुआगरीब शैतान…

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धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज के भजनोपदेशक देश भर में जाकर ऋषि दयानन्दका सन्देश पहुंचाते हैं: स्वामी आर्यवेश

आर्यसमाज के भजनोपदेशक देश भर में जाकर ऋषि दयानन्दका सन्देश पहुंचाते हैं: स्वामी आर्यवेश

-मनमोहन कुमार आर्यश्रीमद् दयानन्द आर्ष ज्योतिर्मठ गुरुकुल, पौंधा-देहरादून में आज शुक्रवार, दिनाक 7-7-2023 को स्वामी प्रणवानन्द सरस्वती जी का 76वां जन्म दिवस श्रद्धा के वातारण…

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राजनीति हिंसक होता राजनीतिक चेहरा लोकतंत्र पर बदनुमा दाग

हिंसक होता राजनीतिक चेहरा लोकतंत्र पर बदनुमा दाग

-ः ललित गर्ग:- राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को हिंसक प्रतिस्पर्धा में नहीं बदला जा सकता, लोकतंत्र का यह सबसे महत्वपूर्ण पाठ पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस एवं…

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राजनीति ‘समान नागरिक संहिता’ का अवरोधक ‘शरिया कानून’… एक जिहादी सोच

‘समान नागरिक संहिता’ का अवरोधक ‘शरिया कानून’… एक जिहादी सोच

आज देश के बहुमुखी विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिये हमारा केंद्रीय शासन दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है l इसी संदर्भ में…

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लेख सही अवसर की प्रतीक्षा करने की अपेक्षा वर्तमान अवसर का उपयोग करें

सही अवसर की प्रतीक्षा करने की अपेक्षा वर्तमान अवसर का उपयोग करें

बेकार बैठने से बेहतर है कि आपके पास मानव संसाधन जैसी सभी क्षमताएं और भौतिक संसाधन जैसे संसाधन उपलब्ध है; उनका सदुपयोग करें। किसी लक्ष्य…

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लेख क्या बढ़ती जनसंख्या मूल समस्याओं की जड़ है?

क्या बढ़ती जनसंख्या मूल समस्याओं की जड़ है?

भारती देवीपुंछ, जम्मू साल 1989 में “यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम” की गवर्निंग काउंसिल द्वारा 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के तौर पर मनाने के…

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लेख जनसंख्या वृद्धि वरदान भी है तो अभिशाप भी !

जनसंख्या वृद्धि वरदान भी है तो अभिशाप भी !

प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। वास्तव में इस दिन को मनाने की शुरुआत सर्वप्रथम संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर…

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