लेख राजस्थानी को कब हासिल होगा निज भाषा का गौरव?

राजस्थानी को कब हासिल होगा निज भाषा का गौरव?

देवेन्द्रराज सुथारजालौर, राजस्थान मातृभाषा किसी भी देश या क्षेत्र की संस्कृति और अस्मिता की संवाहक होती है. इसके बिना मौलिक चिंतन संभव नहीं है. नई…

Read more
लेख बुराई तब बढ़ती है जब अच्छे लोग कुछ नहीं करते”?

बुराई तब बढ़ती है जब अच्छे लोग कुछ नहीं करते”?

  अच्छे लोगों पर अपने समुदाय को बनाए रखने के लिए बुराइयों के सामने बोलने और कार्य करने की जिम्मेदारी है।  एडमंड बर्क ने कहा…

Read more
राजनीति भाजपा: वैचारिक धुंधकाल के निराकरण का तंत्र  

भाजपा: वैचारिक धुंधकाल के निराकरण का तंत्र  

6 अप्रेल, भाजपा स्थापना दिवस  विमर्श या नैरेटिव के नाम पर भारत में एक अघोषित युद्द चला हुआ है। इन दिनों भारत में चल रहा…

Read more
लेख कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द?

कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द?

वंदना कुमारीमुजफ्फरपुर, बिहार भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड खेती-किसानी और मजदूरी है. यदि खेती नहीं हो, तो आदमी खाएगा क्या? आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021-22 के…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ पुस्तक समीक्षा: राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम

पुस्तक समीक्षा: राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम

आजादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर राष्ट्र व राष्ट्रभाषा हिंदी की अस्मिता को सर्वोपरि मान, हिंदीत्तर भाषी प्रदेश महाराष्ट्र के नाशिक जिले में कार्यरत…

Read more
कला-संस्कृति महावीर को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें

महावीर को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें

महावीर जयन्ती- 4 अप्रैल, 2023ललित गर्ग भगवान महावीर सामाजिक एवं व्यक्तिक्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर का दर्शन अहिंसा और समता का ही दर्शन नहीं…

Read more
कला-संस्कृति बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान

बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान

हनुमान जयन्ती- 6 अप्रैल 2023 पर विशेष– ललित गर्ग – आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों…

Read more
लेख सवेदनाओं का सूचक है आरिफ और सारस की प्रेम कहानी

सवेदनाओं का सूचक है आरिफ और सारस की प्रेम कहानी

डॉ. शंकर सुवन सिंह संवेदना एक ऐसी अनुभूति है, जो दूसरों  के दर्द को अपना बना देती है। दर्द दूसरों को होता है, पर प्राण…

Read more
राजनीति दक्षिण में हिन्दी-विद्वेष की राजनीति कब तक?

दक्षिण में हिन्दी-विद्वेष की राजनीति कब तक?

– ललित गर्ग- दक्षिण भारत में हिन्दी का विरोध करके राजनीति चमकाने की कुचेष्टाएं होती रही हैं। वहां राजनीतिज्ञ अपना उल्लू सीधा करने के लिये…

Read more
लेख आह! इंदौर, वाह…इंदौरी

आह! इंदौर, वाह…इंदौरी

मनोज कुमारइंदौर में मौत की बावड़ी से धडक़न टूटने की गिनती हो रही है। सबके अपने सूत्र, सबके अपने आंकड़ेें। पलकें नम हो गई हैं।…

Read more
राजनीति समाज के ताने बाने से खिलवाड़ करती ‘हेट स्पीच’

समाज के ताने बाने से खिलवाड़ करती ‘हेट स्पीच’

साम्प्रदायिक एजेंट अक्सर चुनावी लाभ के लिए धर्म के नाम पर लोगों का ध्रुवीकरण करने के लिए हेट स्पीच का उपयोग करते हैं। साम्प्रदायिक घृणा…

Read more
राजनीति धर्म एवं राजनीति का घालमेल घातक है

धर्म एवं राजनीति का घालमेल घातक है

ललित गर्ग धर्म और राजनीति के घालमेल से समाज एवं राष्ट्र में उन्माद, अराजकता एवं अशांति पैदा हो रही है, राजनीति धर्म का बेजा इस्तेमाल…

Read more