राजस्थानी को कब हासिल होगा निज भाषा का गौरव?
Updated: April 4, 2023
देवेन्द्रराज सुथारजालौर, राजस्थान मातृभाषा किसी भी देश या क्षेत्र की संस्कृति और अस्मिता की संवाहक होती है. इसके बिना मौलिक चिंतन संभव नहीं है. नई…
Read more
बुराई तब बढ़ती है जब अच्छे लोग कुछ नहीं करते”?
Updated: April 4, 2023
अच्छे लोगों पर अपने समुदाय को बनाए रखने के लिए बुराइयों के सामने बोलने और कार्य करने की जिम्मेदारी है। एडमंड बर्क ने कहा…
Read more
भाजपा: वैचारिक धुंधकाल के निराकरण का तंत्र
Updated: April 4, 2023
6 अप्रेल, भाजपा स्थापना दिवस विमर्श या नैरेटिव के नाम पर भारत में एक अघोषित युद्द चला हुआ है। इन दिनों भारत में चल रहा…
Read more
कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द?
Updated: April 4, 2023
वंदना कुमारीमुजफ्फरपुर, बिहार भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड खेती-किसानी और मजदूरी है. यदि खेती नहीं हो, तो आदमी खाएगा क्या? आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021-22 के…
Read more
पुस्तक समीक्षा: राजभाषा हिंदी के नवोन्मेषी आयाम
Updated: April 6, 2023
आजादी के अमृत महोत्सव के सुअवसर पर राष्ट्र व राष्ट्रभाषा हिंदी की अस्मिता को सर्वोपरि मान, हिंदीत्तर भाषी प्रदेश महाराष्ट्र के नाशिक जिले में कार्यरत…
Read more
महावीर को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें
Updated: April 3, 2023
महावीर जयन्ती- 4 अप्रैल, 2023ललित गर्ग भगवान महावीर सामाजिक एवं व्यक्तिक्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर का दर्शन अहिंसा और समता का ही दर्शन नहीं…
Read more
बल, बुद्धि और सिद्धि के सागर हैं हनुमान
Updated: April 3, 2023
हनुमान जयन्ती- 6 अप्रैल 2023 पर विशेष– ललित गर्ग – आधुनिक समय के सबसे जागृत, सिद्ध, चमत्कार घटित करने वाले एवं अपने भक्तों के दुःखों…
Read more
सवेदनाओं का सूचक है आरिफ और सारस की प्रेम कहानी
Updated: April 3, 2023
डॉ. शंकर सुवन सिंह संवेदना एक ऐसी अनुभूति है, जो दूसरों के दर्द को अपना बना देती है। दर्द दूसरों को होता है, पर प्राण…
Read more
दक्षिण में हिन्दी-विद्वेष की राजनीति कब तक?
Updated: April 3, 2023
– ललित गर्ग- दक्षिण भारत में हिन्दी का विरोध करके राजनीति चमकाने की कुचेष्टाएं होती रही हैं। वहां राजनीतिज्ञ अपना उल्लू सीधा करने के लिये…
Read more
आह! इंदौर, वाह…इंदौरी
Updated: April 3, 2023
मनोज कुमारइंदौर में मौत की बावड़ी से धडक़न टूटने की गिनती हो रही है। सबके अपने सूत्र, सबके अपने आंकड़ेें। पलकें नम हो गई हैं।…
Read more
समाज के ताने बाने से खिलवाड़ करती ‘हेट स्पीच’
Updated: April 3, 2023
साम्प्रदायिक एजेंट अक्सर चुनावी लाभ के लिए धर्म के नाम पर लोगों का ध्रुवीकरण करने के लिए हेट स्पीच का उपयोग करते हैं। साम्प्रदायिक घृणा…
Read more
धर्म एवं राजनीति का घालमेल घातक है
Updated: April 3, 2023
ललित गर्ग धर्म और राजनीति के घालमेल से समाज एवं राष्ट्र में उन्माद, अराजकता एवं अशांति पैदा हो रही है, राजनीति धर्म का बेजा इस्तेमाल…
Read more