हिंदी दिवस हिन्दी कल आज और कल :भाषा विकास चुनौतियाँ एवं हमारे कर्त्तव्य

हिन्दी कल आज और कल :भाषा विकास चुनौतियाँ एवं हमारे कर्त्तव्य

कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल हिन्दी साहित्य के शलाका पुरुष भारतेन्दु हरिश्चंद्र जी के दोहे:- निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल बिन निज भाषा-ज्ञान के,…

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पर्यावरण बेंगलुरू की बाढ़: प्रकृति की छाती पर शहरीकरण के नाच का नतीजा  

बेंगलुरू की बाढ़: प्रकृति की छाती पर शहरीकरण के नाच का नतीजा  

बेंगलुरु में हाल ही में हुई भीषण वर्षा के बाद हुई जल भराव की खबरों ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी। तमाम लोगों को अपना…

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टेलिविज़न दूरदर्शन – समाचार, संस्कार व संतुलन की पाठशाला 

दूरदर्शन – समाचार, संस्कार व संतुलन की पाठशाला 

-डॉ. पवन सिंह दूरदर्शन, इस एक शब्द के साथ न जाने कितने दिलों की धड़कन आज भी धड़कती है। आज भी दूरदर्शन के नाम से न…

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राजनीति हिंसक एवं असहिष्णु होते समाज की त्रासदी

हिंसक एवं असहिष्णु होते समाज की त्रासदी

– ललित गर्ग-भारतीय समाज हिंसक एवं असभ्य होता जा रहा है। समाज में बढ़ती हिंसकवृत्ति आदमी को एक दिन कालसौकरिक कसाई बना देती है, कंस…

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कविता पाटलिपुत्र का गुप्त राजवंशी सम्राट

पाटलिपुत्र का गुप्त राजवंशी सम्राट

—विनय कुमार विनायकमहान मौर्य के शौर्य सूर्य काजब हुआ अवसानवैकि्ट्रया के ग्रीक, पार्थिया के पहलव,मध्य एशिया के शक-कुषाण सेक्रमशः देश हुआ आक्रांतशुंग-काण्व-सातवाहन-भारशिव-वाकाटक जैसेब्राह्मणी शक्तियों की…

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राजनीति कमजोर पड़ते विपक्ष से भारतीय लोकतंत्र खतरे में

कमजोर पड़ते विपक्ष से भारतीय लोकतंत्र खतरे में

15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस सरकार को आलोचना को सिरे से खारिज करने के बजाय सुनना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को खत्म करने के सुझावों पर…

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लेख हिन्दी बने राष्ट्र भाषा 

हिन्दी बने राष्ट्र भाषा 

डॉ. सौरभ मालवीय  “हिन्दी संस्कृत की बेटियों में सबसे अच्छी और शिरोमणि है।“ ये शब्द बहुभाषाविद और आधुनिक भारत में भाषाओं का सर्वेक्षण करने वाले…

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लेख दादा-दादी की भव्यता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।

दादा-दादी की भव्यता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।

12 सितंबर – दादा-दादी दिवस दादा-दादी बच्चों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं, जिनके साथ वे अपने रहस्यों को खुलकर साझा कर सकते हैं। दादा-दादी…

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लेख भारतीय भाषाओं के प्रति संघ का दृष्टिकोण

भारतीय भाषाओं के प्रति संघ का दृष्टिकोण

– लोकेन्द्र सिंह  तुर्की जब स्वतंत्र हुआ, तब आधुनिक तुर्की के संस्थापक कमालपाशा ने जिन बातों पर गंभीरता से ध्यान दिया, उनमें से एक भाषा भी थी। कमालपाशा…

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कविता शांति की शुरुआत मुस्कुराते चेहरे से ही होती है

शांति की शुरुआत मुस्कुराते चेहरे से ही होती है

—विनय कुमार विनायकमुसकुराकर जीना सीख लोकि शांति की शुरुआतमुस्कुराते चेहरे से ही होती है! मुखौटा लगाना छोड़ दोकि रिश्ते की शुरुआतमासूमियत भरे सूरत से ही…

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लेख महिलाओं के लिए संगीत की राह आसान बनाती रंजना

महिलाओं के लिए संगीत की राह आसान बनाती रंजना

सौम्या ज्योत्सना मुजफ्फरपुर, बिहार हर साल लगभग 3 करोड़ लोग विभिन्न तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं मगर ऐसा जरूरी नहीं है कि हर शख्स इसमें…

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राजनीति मोदी सरकार में राजपथ का  कर्तव्‍य पथ हो जाना 

मोदी सरकार में राजपथ का  कर्तव्‍य पथ हो जाना 

डॉ. मयंक चतुर्वेदी कभी किंग्सवे, राजपथ रही सड़क देखते ही देखते आम जन और उनके लोक प्रतिनिधियों के लिए कर्तव्‍यों का पथ बन गई है,…

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