कविता जीवन की कुछ सच्चाईयां

जीवन की कुछ सच्चाईयां

रुक जाता है,नदी का प्रवाह समुंद्र में आकर।चैन मिलता है,मुसाफिर को अपने घर आकर।। पेट नही भरता लोगो का दौलत कमाकर।पेट तो भर जाता है,चार…

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कविता एक और नई सुबह

एक और नई सुबह

एक और नई सुबह सुरभित गर्वित स्वतंत्र स्वछंद। उन्मुक्त गगन मन आतुर अधीर आसमान छूने को भरने नई उड़ान। जाना किधर किञ्चित विचलित, दिखेगी जो…

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लेख रिश्ते कब और क्यों स्थाई या अस्थाई होते है

रिश्ते कब और क्यों स्थाई या अस्थाई होते है

“दो व्यक्तियों में रिश्ता तभी लंबे समय तक टिकता है, जब दोनों के विचार समान हों, और दोनों की रिश्ता बनाए रखने की इच्छा हो।”…

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विश्ववार्ता अफगान को चाहिए मानवता का प्रकाश

अफगान को चाहिए मानवता का प्रकाश

-ललित गर्ग- प्रतिवर्ष 19 अगस्त को मनाया जाने वाला विश्व मानवीय दिवस इस वर्ष अफगानिस्तान में हुई तालीबानी अमानवीयता, क्रूरता एवं बर्बरता की घटनाओं से…

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विश्ववार्ता काबुलः भारत की बोलती बंद क्यों है?

काबुलः भारत की बोलती बंद क्यों है?

डॉ. वेदप्रताप वैदिकपिछले दो हफ्तों से मैं बराबर लिख रहा हूं और टीवी चैनलों पर बोल रहा हूं कि काबुल पर तालिबान का कब्जा होने…

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राजनीति तालिबान, शरिया कानून और भारत

तालिबान, शरिया कानून और भारत

: डॉ. मयंक चतुर्वेदी पटकथा लिख चुकी है, अभी सरकार नहीं बनी लेकिन यह तय हो गया है कि प्रारंभ से ही कौन से देश…

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कविता परशुराम की सेना

परशुराम की सेना

—विनय कुमार विनायकतेरी महिमा अपरंपारकौन पाएतुमसे पारचाटुकार से करते प्यारस्वाभिमानी को देते मारबिना उठाए ही हथियारसेना रखते तुम तैयार! कभी वाहिनी थी तेरीवीर क्षत्रियों की…

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लेख आजादी का मतलब

आजादी का मतलब

                    प्रभुनाथ शुक्ल शहर का वह ओवरब्रिज अनगिनत बेसहारा और गरीब लोगों का आशियाना है। उसकी…

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लेख भारतीय संस्कृति ही देश की मूल आत्मा

भारतीय संस्कृति ही देश की मूल आत्मा

आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष आलेख भारत की आजादी का 75 वां वर्ष यानी आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाने के लिए देश की युवा पीढ़ी आतुर है। 15 अगस्त 1947 को वर्षों की…

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राजनीति शिक्षा की दर को बढ़ाने की कवायद

शिक्षा की दर को बढ़ाने की कवायद

-ललित गर्ग –इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ को भारत सरकार ’आजादी का अमृत महोत्सव’ के तौर पर मना रही है। एक नये आजादी…

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पर्यावरण 100 GW रिन्यूबल ऊर्जा क्षमता स्थापित करना भारत में राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा: विशेषज्ञ

100 GW रिन्यूबल ऊर्जा क्षमता स्थापित करना भारत में राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा: विशेषज्ञ

देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लाल किले से दिए अपने भाषण में जहाँ तमाम महत्वपूर्ण घोषणाएं…

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आर्थिकी भारतीय अर्थव्यवस्था V आकार की रिकवरी के साथ ऊंची छलांग लगाने को तैयार

भारतीय अर्थव्यवस्था V आकार की रिकवरी के साथ ऊंची छलांग लगाने को तैयार

 कोरोना महामारी की दो लहरों को झेलने के बाद भारत में अर्थव्यवस्था अब धीरे-धीरे पटरी पर आती दिख रही है। भारत में, अप्रैल-मई 2021 के महीनों में महामारी की दूसरी लहर का सामना करने के बाद, जून 2021 में आर्थिक गतिविधियां तेज गति से पुनः प्रारम्भ हो गई हैं, जिसका असर अब जुलाई 2021 माह के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़ती घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय मांग के कारण कारखानों में कामकाज ने रफ्तार पकड़ी ली है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल कर (प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष) राजस्व 14.24 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो इससे पहले के वित्त वर्ष के मुकाबले पांच प्रतिशत अधिक है, इसके साथ ही भारतीय शेयर बाजार अब एक नए मुकाम पर पहुंच गया है। हाल ही में सेंसेक्स 54 हजार अंक के स्तर को पार कर गया, निफ्टी भी नई ऊंचाई पर कारोबार कर रहा है। भारत का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जुलाई 2021 माह में 55.3 रहा है जो माह जून 2021 में देश के अलग-अलग हिस्सों में लोकल लॉकडाउन के कारण 48.1 था। जुलाई 2021 माह में जीएसटी कलेक्शन 1 लाख 16 हजार 393 करोड़ रहा, सालाना आधार पर इसमें 33 फीसदी की वृद्धि आंकी गई है। देश में रोजगार के नए अवसर भी निर्मित होने लगे हैं, विशेष रूप से सूचना तकनीकि क्षेत्र में तो रोजगार के नए अवसरों की बहार आ रही है। कम्पनियों की लाभप्रदता में तेज गति से वृद्धि दृष्टिगोचर है एवं दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों की बिक्री में भी लगातार उछाल दिखाई दे रहा है। उक्त सभी संकेत कोरोना महामारी के दौरान लड़खड़ा गई भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहे सुधार की ओर साफ इशारा कर रहे हैं। भारतीय…

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