कविता नारी को अबला न समझना

नारी को अबला न समझना

नारी को अबला न समझना तुमवह गगन मे वायुयान उड़ाती है।कल्पना बन कर यही नारी,अब अंतरिक्ष में पहुंच जाती हैं।। विद्वता मे वह अब कम…

Read more
लेख पुरुषप्रधान विश्व रचि राखा

पुरुषप्रधान विश्व रचि राखा

डॉ. वेदप्रताप वैदिक हम लोग कितने बड़े ढोंगी हैं? हम डींग मारते हैं कि हमारे भारत में नारी की पूजा होती है। नारी की पूजा…

Read more
लेख साबरमती में आयशा नहीं, डूब मरी इंसानियत…!

साबरमती में आयशा नहीं, डूब मरी इंसानियत…!

हेलो, अस्सलाम वालेकुम। मेरा नाम है आयशा आरिफ खान। मैं जो कुछ भी करने जा रही हूं, अपनी मर्जी से करना चाहती हूं। किसी के…

Read more
कविता रवीन्द्रनाथ टैगोर: क्षेत्रीय से वैश्विक कवि

रवीन्द्रनाथ टैगोर: क्षेत्रीय से वैश्विक कवि

—विनय कुमार विनायकगुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर बंगाल के,बंगाली अस्मिता, भाषा के रवि थे!गुलाम भारत के एक मात्र कवि थे,राष्ट्रीय नहीं, अंतरराष्ट्रीय छवि के! वे सात मई…

Read more
कविता कुणाल तुम्हारी सुन्दर आंखें हो गई काल

कुणाल तुम्हारी सुन्दर आंखें हो गई काल

—विनय कुमार विनायककुणाल! तुम महारानी पद्मावतीव मगध सम्राट अशोक के लाल!तुम्हारी दो आंखें थी खंजन जैसीसुन्दर, हो गई थी तुम्हारा काल! कुणाल नयनाभिराम थे इतने…

Read more
धर्म-अध्यात्म जीवात्मा के पुनर्जन्म का सिद्धान्त सत्य, नित्य होने सहित विश्वसनीय है

जीवात्मा के पुनर्जन्म का सिद्धान्त सत्य, नित्य होने सहित विश्वसनीय है

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य में भूलने की प्रवृत्ति व स्वभाव होता है। वह अपने जीवन में अनेक बातों को कुछ ही समय में भूल जाता है।…

Read more
लेख राष्ट्र के वैभव का परिचायक है विज्ञान

राष्ट्र के वैभव का परिचायक है विज्ञान

वास्तविक ज्ञान ही विज्ञान है।प्राकृतिक विज्ञान प्रकृति और भौतिक दुनिया का व्यवस्थित ज्ञान होता है,या फ़िर इसका अध्ययन करने वाली इसकी कोई शाखा। असल में…

Read more
धर्म-अध्यात्म साधना से पायी परम अवस्था : संत रविदास

साधना से पायी परम अवस्था : संत रविदास

                                   जिस नवधा-भक्ति का रामचरितमानस में प्रतिपादन हुआ है, उसमें नौ प्रकार की भगवान की भक्ति के मार्ग बताये गए  हैं. परन्तु चौदहवीं सदी के समाप्त…

Read more
राजनीति ‘समय‘ आने पर बीजेपी देगी राहुल के विवादित बयान को धार

‘समय‘ आने पर बीजेपी देगी राहुल के विवादित बयान को धार

संजय सक्सेनालखनऊ। राजनीति में टाइमिंग का बेहद महत्व होता है। कब कहां क्या बोलना है और कब किसी मुद्दे या विषय पर चुप्पी साध लेना…

Read more
धर्म-अध्यात्म वैदिक धर्मियों के लिये राष्ट्र वन्दनीय है तथा सत्यार्थप्रकाश इसका पोषक है

वैदिक धर्मियों के लिये राष्ट्र वन्दनीय है तथा सत्यार्थप्रकाश इसका पोषक है

-मनमोहन कुमार आर्यसंसार में मत-मतान्तर तो अनेक हैं परन्तु धर्म एक ही है। वेद ही एकमात्र सर्वाधिक व पूर्ण मानवतावादी धर्म है। वेद में निर्दोष…

Read more
पर्यावरण आपकी बिजली की ज़रूरत ले रही है शायद इनकी जान

आपकी बिजली की ज़रूरत ले रही है शायद इनकी जान

इस वक़्त अगर आप इस ख़बर को पढ़ रहे हैं तो मतलब आपके पास बिजली की सप्लाई है। और इस बात की भी पूरी उम्मीद…

Read more
राजनीति मुख्यमंत्री नहीं, अभिभावक की मुद्रा में शिवराजसिंह

मुख्यमंत्री नहीं, अभिभावक की मुद्रा में शिवराजसिंह

नए मध्यप्रदेश की स्थापना के लगभग 7 दशक होने को आ रहे हैं. इस सात दशकों में अलग अलग तेवर और तासीर के मुख्यमंत्रियों ने…

Read more