राजनीति आरक्षण की पचास फीसदी सीमा पर पुनर्विचार ?

आरक्षण की पचास फीसदी सीमा पर पुनर्विचार ?

प्रमोद भार्गववैसे तो आरक्षण का पेच गाहे-बगाहे अदालतों में विवाद का मसला बना ही रहता है। लेकिन इसबार सर्वोच्च न्यायालय आरक्षण की निर्धारित सीमा पचास…

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महिला-जगत कोख से क्रब तक कहाँ सुरक्षित है बेटियाँ ?

कोख से क्रब तक कहाँ सुरक्षित है बेटियाँ ?

अभी कुछ दिन पहले की बात है एक वीडियो वायरल हुआ था। शायद आपके मन-मस्तिष्क से वह वीडियो ओझल हो गया हो। और हो भी…

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राजनीति य़ूपी की राजनीति में प्रियंका गांधी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा

य़ूपी की राजनीति में प्रियंका गांधी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा

उत्तर प्रदेश के चुनावी दंगल में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को उतारा है. उन्हें पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया है. मीडिया गुणगान कर रहा…

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पर्यावरण रिन्युब्ल एनेर्जी के बैटरी स्‍टोरेज को व्‍यावहारिक बनाने की स्‍पष्‍ट नीति जरूरी

रिन्युब्ल एनेर्जी के बैटरी स्‍टोरेज को व्‍यावहारिक बनाने की स्‍पष्‍ट नीति जरूरी

 परम्‍परागत कोयला बिजलीघरों के कारण बढ़ते प्रदूषण से उत्‍पन्‍न चिंताओं के बीच वैश्विक स्‍तर पर आशा की किरण के रूप में उभरी सौर और वायु…

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मनोरंजन समाज निर्माण में मीडिया साक्षरता की महत्ता

समाज निर्माण में मीडिया साक्षरता की महत्ता

मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है | किसी भी समाज के निर्माण व संचालन में सूचनाओं का अहम योगदान होता है और…

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राजनीति नये भारत के  जन्म का सुखद संकेत

नये भारत के जन्म का सुखद संकेत

-ः ललित गर्ग:- आजादी की पचहरवीं वर्षगांठ मनाने की ओर अग्रसर होते हुए नया भारत बनाने, भारत को नये सन्दर्भों के साथ संगठित करने, राष्ट्रीय…

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पर्यावरण सिर्फ़ नेट ज़ीरो होने की घोषणा काफ़ी नहीं, पारदर्शिता भी ज़रूरी: नेचर

सिर्फ़ नेट ज़ीरो होने की घोषणा काफ़ी नहीं, पारदर्शिता भी ज़रूरी: नेचर

तमाम देशों में आजकल होड़ है कि और कुछ न सही तो कम से कम जलवायु के लिए अपनी संवेदनशीलता तो जग ज़ाहिर कर दें।…

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लेख कोरोना संकट से फिर लग सकता है शिक्षा पर ग्रहण

कोरोना संकट से फिर लग सकता है शिक्षा पर ग्रहण

हरीश कुमार पुंछ, जम्मू देश में अर्थव्यवस्था और शिक्षा, दो ऐसे महत्वपूर्ण सेक्टर हैं जिसे कोरोना संकट का सबसे अधिक दंश झेलना पड़ा है। हालात…

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कविता लिखूं क्या मै,मुझे लिखना नहीं आता

लिखूं क्या मै,मुझे लिखना नहीं आता

लिखूं क्या मै,मुझे लिखना नहीं आता।दिल टूट गया है,इसे जोड़ना नहीं आता।। गया था गम भूलाने मै मयखाने मे।पर गम को मुझे भूलना नहीं आता।।…

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महिला-जगत महिला-रोजगार में गिरावट से बढ़ती चिन्ताएं

महिला-रोजगार में गिरावट से बढ़ती चिन्ताएं

ललित गर्ग कोरोना महामारी का सबसे बड़ा खमियाजा महिलाओं और बच्चों को उठाना पड़ा है। लाॅकडाउन और दूसरे सख्त नियम-कायदों की वजह से दुनिया भर…

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आर्थिकी भारत में पूंजी की बढ़ती मांग की पूर्ति के लिए करने होंगे नवोन्मेष उपाय

भारत में पूंजी की बढ़ती मांग की पूर्ति के लिए करने होंगे नवोन्मेष उपाय

केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2024-25 तक 5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के आकार का बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर ने हम जीवात्माओं को मनुष्य क्यों बनाया?

ईश्वर ने हम जीवात्माओं को मनुष्य क्यों बनाया?

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।हम मनुष्य कहलाते हैं। वस्तुतः सदाचार को धारण कर ही हम मनुष्य बन सकते हैं परन्तु सदाचारी व धर्मात्मा मनुष्य बनने के…

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