लेख इस बार दिवाली स्वदेशी और आत्मनिर्भरता वाली

इस बार दिवाली स्वदेशी और आत्मनिर्भरता वाली

   दीपावली हमारे उत्सवों में एक ऐसा उत्सव है जिसके आने की तैयारियाँ कई दिन पूर्व से ही होने लगती हैं | घरों की सफाई…

Read more
कविता चक्रव्यूह में फंसता अर्जुन का बेटा

चक्रव्यूह में फंसता अर्जुन का बेटा

—–विनय कुमार विनायकतुम जलाओ विचारदहन करो संपादक के पुतलेकिन्तु मरेगी नहींअभिव्यक्ति की स्वतंत्रतामालूम है रावण नहींराम के भी जलने लगे हैं पुतलेबड़ी भीड़ भी होगी…

Read more
राजनीति सशक्त लोकतंत्र का आधार है बिहार में नया जनादेश

सशक्त लोकतंत्र का आधार है बिहार में नया जनादेश

-ललित गर्ग- बिहार विधानसभा के चुनाव परिणामों से एक बात स्पष्ट हो गयी है कि मतदाता अब जागरूक एवं समझदार हो गया है। हर घटना…

Read more
कविता रस लो प्रिये इस जगत में!

रस लो प्रिये इस जगत में!

रस लो प्रिये इस जगत में,रह तटस्थित अवतरण में;सब चल रहे मग प्रकृति में,उस पुरुष की ही देह में! रीते कहाँ वे हैं बसे,वे ही…

Read more
कविता बिहार का हाल परिणाम के बाद

बिहार का हाल परिणाम के बाद

बुझ गई है लालटेन,अब बिहार में,चिराग भी टिमटिमा रहा बिहार मै फिर से सत्ता आ गई नीतीश के हाथ में,लालू परिवार रो रहा है,अपने ही…

Read more
राजनीति मध्‍य प्रदेश में सत्‍ता परिवर्तन और राजनीति का धर्म

मध्‍य प्रदेश में सत्‍ता परिवर्तन और राजनीति का धर्म

डॉ. मयंक चतुर्वेदीमध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर उपचुनाव के परिणाम साफ हो चुके हैं, भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार को अल्‍पमत…

Read more
पर्यावरण सायकिल से डर नहीं लगता साहब, ट्रैफिक से लगता है!

सायकिल से डर नहीं लगता साहब, ट्रैफिक से लगता है!

बात गाड़ियों के धुंए से पर्यावरण बचाने की हो तो सबसे पहला ख्याल साईकिल का आता है। लेकिन साईकिल चलायें भी तो भला कैसे? एक…

Read more
लेख अनलॉक को यस, यूनिवर्सिटी होंगी गुलजार

अनलॉक को यस, यूनिवर्सिटी होंगी गुलजार

श्याम सुंदर भाटिया  कोविड- 19 के चलते सात माह से सूने पड़े देशभर के विश्वविद्यालय अब चहकेंगे और महकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- यूजीसी ने यूनिवर्सिटीज…

Read more
पर्व - त्यौहार हमें उजाले बाहर ही नहीं, भीतर भी करने होंगे

हमें उजाले बाहर ही नहीं, भीतर भी करने होंगे

दीपावली- 14 नवम्बर 2020 पर विशेष-ललित गर्ग- दीपावली एक लौकिक पर्व ही नहीं, आध्यात्मिक पर्व है। यह केवल बाहरी अंधकार को ही नहीं, बल्कि भीतरी अंधकार को…

Read more
व्यंग्य ठाडे कै सब यार, बोदे सदा ए खावैं मार

ठाडे कै सब यार, बोदे सदा ए खावैं मार

सुशील कुमार ‘नवीन’ प्रकृति का नियम है हर बड़ी मछली छोटी को खा जाती है। जंगल में वही शेर राजा कहलाएगा,जिसके आने भर की आहट…

Read more
विश्ववार्ता अब अमेरिकी प्रतिष्ठा लौटेगी

अब अमेरिकी प्रतिष्ठा लौटेगी

डॉ. वेदप्रताप वैदिककल मैंने लिखा था कि डोनाल्ड ट्रंप- जैसे आदमी को साढ़े चौदह करोड़ वोटों में से लगभग सात करोड़ वोट कैसे मिल गए।…

Read more
कविता हुए शत्रु के मित्र !!

हुए शत्रु के मित्र !!

दुनिया मतलब की हुई,रहा नहीं संकोच !हो कैसे बस फायदा,यही लगी है सोच !! मतलब हो तो प्यार से,पूछ रहे वो हाल !लेकिन बातें काम…

Read more