राजनीति भ्रष्टाचार पर सख्ती की जरुरत

भ्रष्टाचार पर सख्ती की जरुरत

-अरविंद जयतिलकभ्रष्टाचार पर नजर रखने वाली अंतर्राष्ट्रीय गैर सरकारी संस्था ट्रांसपरेंसी इंटरनेशनल का यह खुलासा चिंतित करने वाला है कि एशिया में सबसे ज्यादा रिश्वत…

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कविता वो सारे जज्बात बंट गए

वो सारे जज्बात बंट गए

प्रभात पाण्डेय गिरी इमारत कौन मर गयाटूट गया पुल जाने कौन तर गयाहक़ मार कर किसी काये बताओ कौन बन गयाजिहादी विचारों सेईश्वर कैसे खुश…

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मनोरंजन जन-जन को जगाता “सोशल मीडिया”

जन-जन को जगाता “सोशल मीडिया”

राष्ट्रीय उपलब्धियों,समस्याओं और अन्य समाचारों का प्रसार व प्रचार करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में समाचार पत्रों व टीवी न्यूज चैनलों का वर्षो से…

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राजनीति सारे चुनाव एक साथः बहस चले

सारे चुनाव एक साथः बहस चले

डॉ. वैदिकसंविधान-दिवस पर यह मांग फिर उठी है कि देश में सारे चुनाव एक साथ करवाएं जाएं। 1952 से 1967 तक यही होता रहा। विधानसभा…

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आर्थिकी सारे पूर्वानुमानों को नकारते हुए कहीं तेज़ी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था

सारे पूर्वानुमानों को नकारते हुए कहीं तेज़ी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था

देश में कोरोना महामारी के चलते दिनांक 27 नवम्बर 2020 को वर्ष 2020-21 की द्वितीय तिमाही में, सकल घरेलू उत्पाद में, वृद्धि सम्बंधी आंकड़े जारी…

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कविता डाले है कोरोना ने जीवन में व्यवधान

डाले है कोरोना ने जीवन में व्यवधान

डाले है कोरोना ने जीवन में व्यवधान,कभी न कभी होगा,इनका भी समाधान। करते नहीं थे कभी,जो भगवान को याद,आज सब कर रहे,उस भगवान को याद।…

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कविता चलना जीवन सार !!

चलना जीवन सार !!

समय सिंधु में क्या पता, डूबे; उतरे पार !छोटी-सी ये ज़िंदगी, तिनके-सी लाचार !! पिंजड़े के पंछी उड़े, करते हम बस शोक !जाने वाला जायेगा,…

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कविता जैनधर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ

जैनधर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ

—विनय कुमार विनायकजैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर पार्श्वनाथ जन्मे थेआठ सौ सतहत्तर ईसा पूर्व मेंनागवंशी काशीराज अश्वसेन और वामादेवी के पुत्र रूप मेंतीस वर्ष की…

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कविता मेरी लिखने की प्रकिया

मेरी लिखने की प्रकिया

लिखने से पहले,मै माँ सरस्वती को नमन करता हूँ ,जो विचार मन में आये,उसको फिर मै लिखता हूँ |देखता रहता हूँ,लोगो की क्रियाओ प्रतिकिर्याओ को…

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कविता भारतान् जनान ररक्ष

भारतान् जनान ररक्ष

—विनय कुमार विनायक‘भारतान् जनान ररक्ष’ ये प्रार्थना है भारतीयों के लिए‘हे ईश्वर! भारत जन की रक्षा करो’ऋग्वेद के मंत्रद्रष्टा राजर्षि आर्य विश्वामित्र कीफिर कैसे धारणा…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य का कर्तव्य सद्गुणों से युक्त होना तथा दुर्गुणों को हटाना है

मनुष्य का कर्तव्य सद्गुणों से युक्त होना तथा दुर्गुणों को हटाना है

–मनमोहन कुमार आर्य       मनुष्य के जीवन व कार्यों पर दृष्टि डालते हैं तो वह अनेकानेक प्रकार के कार्य करते हुए दृष्टिगोचर होते हैं। वह…

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धर्म-अध्यात्म हमारा सर्वव्यापक ईश्वर परम दयालु एवं परोपकारी सत्ता है

हमारा सर्वव्यापक ईश्वर परम दयालु एवं परोपकारी सत्ता है

-मनमोहन कुमार आर्यअधिकांश लोग ईश्वर की सत्ता को तो मानते हैं परन्तु उन्हें ईश्वर के सत्यस्वरूप तथा उसके गुण, कर्म व स्वभाव का पर्याप्त ज्ञान…

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