कविता है हिंदी यूं हीन ।।

है हिंदी यूं हीन ।।

बोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल ।परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल ।। जल में रहकर ज्यों सदा, प्यासी रहती मीन ।होकर भाषा राज…

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लेख नई शिक्षा नीति के चक्रव्यूह में हिन्दी

नई शिक्षा नीति के चक्रव्यूह में हिन्दी

प्रो. अमरनाथचकित हूँ यह देखकर कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 में संघ की राजभाषा या राष्ट्रभाषा का कहीं कोई जिक्र तक नहीं है. पिछली सरकारों…

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राजनीति आखिर किसकी ताकत पर सवार कंगना?

आखिर किसकी ताकत पर सवार कंगना?

शिवसेना को उसी की भाषा में पहली बार किसी फिल्मी सितारे ने कड़ी चुनौती दी है। शिवसेना सन्न है। क्योंकि उसकी ताकतवर छवि को कंगना…

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हिंदी दिवस मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी

मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी

 सत्यवान सौरभ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में “बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी सुधार” लाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर, जीव व प्रकृति न होते तो संसार का अस्तित्व न होता

ईश्वर, जीव व प्रकृति न होते तो संसार का अस्तित्व न होता

–मनमोहन कुमार आर्य                 संसार में तीन अनादि सत्तायें हैं। यह सत्तायें नित्य अर्थात् सदा रहने वाली हैं। इनका अभाव कभी नहीं होता। जो पदार्थ…

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हिंदी दिवस हिन्दी के बिना देश की तरक्की अधूरी

हिन्दी के बिना देश की तरक्की अधूरी

– ललित गर्ग- प्रत्येक 14 सितबंर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। देश की आजादी के पश्चात 14 सितंबर, 1949 को भारतीय संविधान सभा ने…

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हिंदी दिवस राष्ट्रभाषा पर बहस चले!

राष्ट्रभाषा पर बहस चले!

नमस्कार! प्रणाम! हम भूल चले,हैलो! हाय! बाय! हम बोल चले।चरण स्पर्श! भूल चले,आलिंगन को हाथ बढ़े। संस्कृति को भूल चूकें,विकृति को बढ़ चले।पौराणिकता को भूल…

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हिंदी दिवस मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी।

मातृभाषा सीखने से भविष्य की पीढ़ियों को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के साथ संबंध बनाने में मदद मिलेगी।

सत्यवान सौरभ,  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में स्कूल और उच्च शिक्षा दोनों में “बड़े पैमाने पर परिवर्तनकारी सुधार” लाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति…

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धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने विश्व कल्याण की भावना से वेदों का प्रचार किया

ऋषि दयानन्द ने विश्व कल्याण की भावना से वेदों का प्रचार किया

–मनमोहन कुमार आर्य                 ऋषि दयानन्द ने आर्यसमाज की स्थापना किसी नवीन मत–मतान्तर के प्रचार अथवा प्राचीन वैदिक धर्म के उद्धार के लिये ही नहीं…

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आर्थिकी केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से कृषि क्षेत्र देश के विकास में महती भूमिका निभाने को है तैयार

केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों से कृषि क्षेत्र देश के विकास में महती भूमिका निभाने को है तैयार

वर्तमान ख़रीफ़ 2020 के मौसम में देश में 1095 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बुआई का कार्य सम्पन्न किया जा चुका है जबकि पिछले वर्ष इसी…

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कविता सच व झूठ में अन्तर

सच व झूठ में अन्तर

सच सच ही रहेगा,एक दिन अवश्य आयेगा।झूठ झूठ ही रहेगा,वह कभी भी न आयेगा।।झूठ के पैर होते नहीं,वह कभी न चल पायेगा लगता हैं समय…

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कविता यह अचानक……

यह अचानक……

यह अचानक हुआ क्याविकास की इस तेज की दौड़ मेंहमने क्या खोया और क्या पायासमझ ही न पायेसुविधाओं को विकास मान करचल पड़े नयी राह…

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