गरीबी

गरीबी के दुश्चक्र में इतनी बड़ी आबादी क्यों ?

हम दिशा हीन शैली एवं दिशा हीन मार्ग पर कार्य कर रहे हैं। जिसके परिणाम आज यह दिखाई दे रहे हैं। एक लम्बी लाइन खिंची हुई है। एक तरफ धनाड्य एवं सम्पन्न व्यक्तियों की टोली एवं दूसरी तरफ गरीबों,दुर्बलों, मजलूमों की भयंकर भीड़।… मात्र कुछ लोगों की संपन्नता को आधार मानकर यदि हम देश की रूप रेखा को खींचना आरम्भ करते हैं तो यह देश एवं देश की जनता के प्रति शायद न्याय नहीं होगा।… इसका प्रतिरूप एवं प्रतिमान उसी ट्रेन की भाँति होगा जो मात्र इंजन की प्रबलता पर ध्यान केंन्द्रित करके किया गया।