छत्तीसगढ़

नक्सली सफल क्यों होते हैं?

सरकार को इस बात का ठीक-ठाक पता होना चाहिए कि नक्सलियों की सफलता का रहस्य क्या है? छत्तीसगढ़ में नक्सली इसलिए सफल हो जाते हैं कि एक तो उन्हें स्थानीय आदिवासियों का समर्थन मिल जाता है और दूसरा, हर हमले के दौरान वे निहत्थे आदिवासियों को आगे करके कवच की तरह इस्तेमाल करते हैं। तीसरा, उनके पास जवानों से छीने हुए बेहतरीन हथियार होते हैं। चौथा, उन्होंने जोर-जबरदस्ती करके पैसों का जखीरा इकट्ठा किया हुआ होता है। नोटबंदी का उन पर कोई असर नहीं हुआ।

‘अपने ही लोगों ‘ के सामने घुटने टेकने को मजबूर है सरकार

केंद्र सरकार को चाहिए कि वो नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में गंभीरता से सोचे, सिर्फ बैठकें कर लेने और मीडिया के सामने बयानबाजी कर देने से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला है । ठोस कार्रवाई वक्त की मांग है। देश के मंत्रीगण – राजनेता और आला – अधिकारी किसी बड़े नक्सली हमले के बाद शहीदों के शवों पर श्रद्धाञ्जलि के नाम पर फूलों का बोझ ही तो बढ़ाने जाते हैं ? और नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लम्बी – चौड़ी मगर खोखली बातें करते हैं । लेकिन जब नक्सलवाद के खिलाफ ठोस रणनीति या कार्रवाई करने का समय आता है तो हमारे नेता ” गांधीवादी राग ” अलापने लगते हैं।

शिक्षा का आसमां छूता छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में रमनसिंह सरकार ने सब पढ़ेंगे, नई दुनिया गढ़ेंगे के तर्ज पर प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा देने के पर्याप्त इंतजाम किया है. हर बच्चा स्कूल जा सके, इसके लिए उनकी पहुंच के भीतर शाला भवनों की व्यवस्था की गई है तो उच्च शिक्षा के लिए अनेक नवीन योजनाओं की शुरूआत की गई है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले सालों से छू लो आसमां और प्रयास स्कूलों के तहत शिक्षा के पूरे इंतजाम हैं जिसके कारण छत्तीसगढ़ के बच्चे कामयाबी की नई इबारत लिखने में जुट गए हैं. 16 साल पहले जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था तब और आज के हालात में जमीन आसमां का अंतर दिख रहा है.