देशभक्ति

देशभक्ति और कृष्णभक्ति के पर्व हैं स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी

(71वें स्वतंत्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष आलेख) इस साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता…

चीनी वस्तुओं पर भारी पड़ी देशभक्ति

देश में पूर्व से ही कई संस्थाओं ने विदेशी सामानों का विरोध किया है और आज भी कर रहे हैं। महात्मा गांधी भी पूरी तरह से विदेशी वस्तुओं के विरोध में रहे। यहां तक कि हमारे देश में स्वतंत्रता से पूर्व देश भाव के प्रकटीकरण के लिए विदेशी वस्तुओं की होली जलाई थी, ऐसा केवल इसलिए किया गया ताकि देश में स्वदेशी का भाव प्रकट हो सके, लेकिन आज हम क्या कर रहे हैं। स्वयं ही विदेशी सामान खरीदकर उनको आमंत्रित कर रहे हैं। यह बात सही है कि कोई देश भारत में व्यापार करके भारत का भला नहीं कर सकता, इस व्यापार के माध्यम से वह अपने आपको ही मजबूत करता है।